गाजर गोभी का देसी अचार रेसिपी: भरतपुर का पारंपरिक स्वाद | Gajar Gobhi Ka Achar Recipe: Traditional Bharatpur Style Pickle
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Gajar Gobhi Ka Achar Recipe: भरतपुर के ग्रामीण इलाकों का मशहूर गाजर-गोभी का अचार अब आप घर पर बना सकते हैं. हाथ से कूटे मसालों, राई के तीखेपन और धूप में पकाने की पारंपरिक विधि से तैयार यह अचार सर्दियों के लिए एक बेहतरीन सुपरफूड है.

सर्दियों के मौसम में भरतपुर के ग्रामीण इलाकों में देसी अचारों की खुशबू घर-घर फैलती है. इन्हीं में सबसे खास है. गाजर और गोभी का देसी स्टाइल चटकारेदार अचार जो स्वाद में लाजवाब होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. यह अचार पूरी तरह पारंपरिक तरीके से बनाया जाता है. जिसमें बाजार के पिसे मसालों की बजाय हाथ से कूटे हुए मसालों का उपयोग किया जाता है.

ग्रामीण महिलाओं के अनुसार इस अचार की सबसे बड़ी खासियत इसमें डाली जाने वाली राई यानी सरसों है. सरसों का तीखापन और उसका देसी स्वाद अचार को एक अलग ही पहचान देता है. यही वजह है. कि यह अचार पराठा, दाल-चावल और सलाद के साथ बड़े चाव से खाया जाता है. अगर आप भी अपने घर पर भरतपुर के ग्रामीण इलाकों जैसा देसी गाजर-गोभी का अचार बनाना चाहते हैं.

तो इसकी विधि बेहद आसान है. सबसे पहले ताज़ी गाजर और गोभी लें. गाजर को लंबा काट लें और गोभी को मध्यम आकार के टुकड़ों में काट लें. इसके बाद दोनों को हल्का सा नमक लगाकर 4-5 घंटे के लिए धूप में सुखा लें. ताकि उनमें मौजूद नमी निकल जाए. अब मसालों की तैयारी करें. देसी तरीके से सरसों, मेथी दाना, सौंफ और धनिया को सिल-बट्टे या खरल में मोटा-मोटा कूट लें. इसमें लाल मिर्च पाउडर, हल्दी और स्वादानुसार नमक मिलाएं.
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इसके बाद सरसों का तेल अच्छी तरह से गरम करें और ठंडा होने पर मसालों में मिला दें. चाहें तो स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ी सी हींग भी डाल सकते हैं. अब सूखी हुई गाजर और गोभी को मसालों में अच्छे से मिलाएं और कांच या मिट्टी के साफ़ जार में भर दें. जार को 5 से 7 दिन तक रोज़ धूप में रखें और रोज़ एक बार हिला दें. ताकि मसाले अच्छी तरह सब्जियों में बस जाएं.

करीब एक हफ्ते में यह देसी स्टाइल गाजर-गोभी का अचार खाने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाता है. इसका खट्टा-तीखा स्वाद न केवल खाने का मज़ा बढ़ाता है. बल्कि सर्दियों में शरीर को गर्म रखने में भी मदद करता है. भरतपुर के ग्रामीण स्वाद की यह पहचान आज भी लोगों की थाली में अपनी खास जगह बनाए हुए है.