Permanent helipads will be constructed in the 6 tehsils and 18 development blocks of Raebareli district, saving millions of rupees in revenue : Uttar Pradesh News

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Raebareli latest news : रायबरेली जनपद में अब हेलीकॉप्टर लैंडिंग को लेकर हर बार होने वाली अस्थाई व्यवस्था इतिहास बनने जा रही है. शासन की मंजूरी के बाद जिले के सभी 18 विकासखंडों में स्थाई हेलीपैड बनाए जाएंगे. इससे वीवीआईपी मूवमेंट और आपात सेवाओं को सुरक्षित सुविधा मिलेगी और लाखों रुपये का अतिरिक्त खर्च भी बचेगा.

रायबरेली : यूपी के रायबरेली जनपद में अब हेलीकॉप्टर लैंडिंग को लेकर होने वाली अस्थाई व्यवस्थाओं से राहत मिलने जा रही है. शासन स्तर पर लिए गए अहम निर्णय के तहत जिले में स्थाई हेलीपैड के निर्माण को मंजूरी मिल गई है. इससे न केवल लाखों रुपये के अतिरिक्त खर्च की बचत होगी, बल्कि वीवीआईपी मूवमेंट और आपातकालीन सेवाओं के दौरान सुरक्षा और सुविधा भी सुनिश्चित हो सकेगी.

अस्थाई हेलीपैड से जुड़ी रही है बड़ी समस्या
हेलीकॉप्टर का नाम सुनते ही लोगों के मन में उसे देखने की जिज्ञासा बढ़ जाती है. लेकिन किसी भी हेलीकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग के लिए विशेषज्ञों द्वारा चयनित स्थान पर हेलीपैड का निर्माण जरूरी होता है. अब तक रायबरेली जिले में वीवीआईपी आगमन या आपात सेवाओं के समय ग्रामीण क्षेत्रों में अस्थाई हेलीपैड बनाए जाते रहे हैं. इन अस्थाई हेलीपैड के निर्माण में सामान्य नहीं बल्कि लाखों रुपये का खर्च आता रहा है. साथ ही अस्थाई व्यवस्था होने के कारण जोखिम की आशंका भी बनी रहती थी.

स्थाई हेलीपैड को मिली प्रशासनिक मंजूरी
इन्हीं समस्याओं को देखते हुए शासन स्तर से प्रत्येक जनपद में स्थाई हेलीपैड के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है. इसी क्रम में रायबरेली जनपद को भी स्थाई हेलीपैड निर्माण की मंजूरी जिला प्रशासन की ओर से दे दी गई है. जिलाधिकारी रायबरेली ने इस संबंध में राजस्व विभाग को जमीन अधिग्रहण के निर्देश जारी कर दिए हैं. इससे स्पष्ट है कि जल्द ही निर्माण कार्य धरातल पर दिखाई देगा.

छह तहसील और अठारह विकासखंड होंगे शामिल
जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने जानकारी देते हुए बताया कि रायबरेली जनपद की छह तहसीलों महराजगंज. सलोन. लालगंज. सदर. ऊंचाहार और डलमऊ के अंतर्गत आने वाले 18 विकासखंडों में स्थाई हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा. इनमें राही. अमावा. बछरावां. डलमऊ. खीरो. लालगंज. महाराजगंज. सलोन. सरेनी. सताव. ऊंचाहार. छतोह. डीह. दीनशाह गौरा. जगतपुर. शिवगढ़. हरचंदपुर और रोहनिया शामिल हैं.

अब तक केवल जिला मुख्यालय पर थी सुविधा
वर्तमान समय में रायबरेली जिले में केवल जिला मुख्यालय पर ही स्थाई रूप से हेलीकॉप्टर उतरने की सुविधा उपलब्ध है. अन्य सभी स्थानों पर जरूरत पड़ने पर अस्थाई हेलीपैड बनवाए जाते थे. इससे समय की बर्बादी के साथ-साथ प्रशासन को अतिरिक्त आर्थिक भार भी उठाना पड़ता था. स्थाई हेलीपैड बनने से यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी.

खर्च में होगी बड़ी बचत
जिलाधिकारी के अनुसार स्थाई हेलीपैड के निर्माण से अस्थाई हेलीपैड पर होने वाला लाखों रुपये का अतिरिक्त खर्च बचेगा. हर बार वीवीआईपी मूवमेंट या आपात स्थिति में आनन-फानन में हेलीपैड बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे प्रशासनिक व्यवस्था अधिक सुदृढ़ और किफायती बनेगी.

वीवीआईपी मूवमेंट और आपात सेवाओं को मिलेगा लाभ
स्थाई हेलीपैड का मुख्य उद्देश्य जिले में होने वाले वीवीआईपी मूवमेंट. जनप्रतिनिधियों और उच्च अधिकारियों के आगमन के दौरान सुरक्षित और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करना है. इसके साथ ही आपातकालीन सेवाओं के समय हेलीकॉप्टर की त्वरित और सुरक्षित लैंडिंग संभव हो सकेगी. कुल मिलाकर यह योजना रायबरेली जिले के प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है.

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वीवीआईपी मूवमेंट होगा आसान, रायबरेली के 18 विकासखंडों में हेलीपैड की मंजूरी

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