मां के खिलाफ जाकर की थी शूटिंग, फिल्म ने भी बनाया था बड़ा रिकॉर्ड, 1 गाने में नंगे पैर नाची थीं हेमा मालिनी

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साल 1975 में रिलीज हुई फिल्म ‘शोले’ को रिलीज हुए भले ही 50 साल हो चुके हों, लेकिन इससे जुड़े किस्से आज भी लोगों को हैरान कर देते हैं. हाल ही में हेमा मालिनी ने फिल्म के मशहूर गाने ‘जब तक है जान’ की शूटिंग से जुड़ा एक ऐसा एक्सपीरियंस शेयर किया, जिसने फैंस को भावुक कर दिया. उन्होंने बताया कि फिल्म के एक गाने के लिए उन्हें तपती धूप में नंगे पांव डांस करना पड़ा था, जबकि उनकी मां इसके पूरी तरह खिलाफ थीं.

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मां के खिलाफ जाकर की थी शूटिंग, फिल्म ने भी बनाया था बड़ा रिकॉर्डहेमा मालिनी ने शेयर किया एक्सपीरियंस

नई दिल्ली. साल 1975 में रिलीज हुई धर्मेंद्र, अमिताभ बच्चन और संजीव कुमार की फिल्म ‘शोले’ के कई ऐसे किस्से हैं, जो लोगों को हैरान कर देते हैं. कल्ट क्लासिक फिल्म शोले ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया था.खासतौर पर फिल्म के एक गाने को तो लोग आज भी नहीं भूल पाए हैं. वो गाना आज भी लोगों के दिलों में बसा है.

इस खास मौके पर हेमा मालिनी और फिल्म के निर्देशक रमेश सिप्पी एक बार फिर साथ नजर आए. हेमा मालिनी के घर पर शोले की 50वीं वर्षगांठ के जश्न के दौरान एक खास मैगजीन कवर लॉन्च किया गया, जिसमें रमेश सिप्पी की फोटो थी. इस दौरान शोले से जुड़ी कई पुरानी यादें ताजा हो गईं.

शेयर किया मजेदार किस्सा

हेमा मालिनी ने शोले को लेकर एक मजेदार कहानी भी शेयर की. उन्होंने बताया कि एक बार कुछ लड़कों ने उन्हें शोले का एक रिक्रिएटेड वर्जन सुनाया था, जो उन्हें बहुत पसंद आया. उस कहानी में शोले के किरदार असल जिंदगी में नजर आते हैं. हेमा ने बताया कि उस कहानी में धर्मेंद्र और वह शादीशुदा होते हैं, लेकिन शोले के ही अंदाज में. सभी वही कपड़े पहने हुए होते हैं और रामनगर गांव में खुशी से जिंदगी जी रहे होते हैं. अमिताभ बच्चन, ठाकुर और गब्बर भी उसी कहानी का हिस्सा होते हैं. गब्बर समोसे बेचता है और वह खुद गांव में सबके घर खाना बनाकर खिलाती हैं.

स्क्रिप्ट पढ़ते ही साइन कर ली थी फिल्म

वहीं रमेश सिप्पी ने हेमा मालिनी को बसंती के रोल के लिए कास्ट करने का किस्सा भी बताया. उन्होंने कहा कि वह पहले ही सीता और गीता में हेमा के साथ काम कर चुके थे और उन्हें अच्छी तरह जानते थे. बसंती का रोल छोटा था, इसलिए उन्हें डर था कि कहीं हेमा मना न कर दें. लेकिन हेमा ने स्क्रिप्ट पढ़ते ही बिना देर किए फिल्म के लिए हां कह दी.

बता दें कि रमेश सिप्पी ने ये भी बताया कि शोले के डायलॉग काफी लंबे थे, लेकिन हेमा मालिनी की याददाश्त कमाल की थी. वह लंबे-लंबे डायलॉग भी आसानी से बोल लेती थीं.हेमा मालिनी ने शोले के मशहूर गाने जब तक है जान से जुड़ा एक किस्सा भी शेयर किया. उन्होंने बताया कि इस गाने की शूटिंग धूप में गरम पत्थरों पर नंगे पांव करनी पड़ी थी, जो काफी मुश्किल था. उनकी मां इसके सख्त खिलाफ थीं और चाहती थीं कि वह ऐसा न करें. लेकिन शूटिंग करनी थी, इसलिए उन्होंने सारी परेशानी झेलते हुए यह गाना पूरा किया.

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Munish Kumar

न्यूज 18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार का डिजिटल मीडिया में 9 सालों का अनुभव है. एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग, लेखन, फिल्म रिव्यू और इंटरव्यू में विशेषज्ञता है. मुनीष ने जामिया मिल्लिया इ…और पढ़ें

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मां के खिलाफ जाकर की थी शूटिंग, फिल्म ने भी बनाया था बड़ा रिकॉर्ड

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