कौन है रितेश दास? जो फ्री में देते हैं हेलमेट, सड़क दुर्घटना में घायल को खुद के वाहन से पहुंचाते हैं अस्पताल

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Ayodhya Latest News: रामनगरी अयोध्या के रहने वाले रितेश दास किसी पहचान के मोहताज नहीं है. वह समाजसेवक के रूप से जाने जाते हैं. बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के बिना चलने वाले लोगों को सलाह देते हैं. सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की मदद करते हैं.

कौन है रितेश दास? सड़क दुर्घटना में घायल को खुद के वाहन से पहुंचाते हैं अस्पतालअयोध्या के रितेश दास की अनूठी पहल.

अयोध्या: रामनगरी अयोध्या में एक नाम ऐसा है जिसे लोग आज फरिश्ता कहकर पुकारते हैं. यह नाम है रितेश दास का. जो बीते दस वर्षों से सड़क सुरक्षा हेलमेट जागरूकता और सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद को अपना जीवन उद्देश्य बना चुके हैं. बिना किसी सरकारी सहायता या प्रचार की चाह के रितेश दास निस्वार्थ भाव से समाज सेवा में जुटे हुए हैं.

अयोध्या की सड़कों पर जब भी कोई सड़क हादसा होता है तो रितेश दास सबसे पहले मौके पर पहुंचने वालों में होते हैं. चाहे दिन हो या रात, भीषण गर्मी हो या बारिश वे घायलों को तत्काल प्राथमिक सहायता दिलाते हैं और अपने निजी साधनों से नजदीकी अस्पताल तक पहुंचाते हैं. इतना ही नहीं सड़क पर चलने वाले फोर व्हीलर वाहन के प्रति भी जागरुक होकर लोगों को सेफ्टी बेल्ट लगाने की सलाह देते हैं. तो बिना हेलमेट टू व्हीलर बाइक सवार को भी हेलमेट मुहैया कराते है. कई बार तो एंबुलेंस के इंतजार में समय न गंवाते हुए, खुद की बाइक या कार से घायल को अस्पताल ले जाना उनकी दिनचर्या बन चुकी है.

इंसान ही नहीं जानवरों की भी करते हैं मदद 
रितेश दास की सेवा केवल इंसानों तक सीमित नहीं है सड़क हादसों में घायल हुए बेसहारा जानवरों के लिए भी वे उसी संवेदनशीलता के साथ काम करते हैं. कुत्ता, बंदर, गाय या कोई अन्य पशु यदि सड़क पर तड़पता दिखता है. तो रितेश उसे भी इलाज के लिए अस्पताल या पशु चिकित्सालय तक अपने खर्च पर पहुंचाते हैं. यही कारण है कि स्थानीय लोग उन्हें इंसानियत की मिसाल मानते हैं.

हेलमेट पहनने को लेकर चला रहे जागरुकता अभियान
इसके साथ ही रितेश दास हेलमेट पहनने को लेकर लगातार जागरूकता अभियान भी चला रहे हैं. वे लोगों को समझाते हैं कि हेलमेट सिर्फ चालान से बचने का जरिया नहीं, बल्कि जीवन बचाने का सबसे मजबूत कवच है. स्कूलों, कॉलेजों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर वे युवाओं से संवाद कर सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की अपील करते हैं. कई लोगों ने उनके समझाने के बाद नियमित रूप से हेलमेट पहनना शुरू किया है.

आज किसी पहचान के मोहताज नहीं रितेश दास
रितेश दास का कहना है कि सड़क हादसों में अधिकतर मौतें समय पर मदद न मिलने और सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं. अगर हर व्यक्ति थोड़ा सा जिम्मेदार बन जाए तो कई परिवार उजड़ने से बच सकते हैं. रितेश दास ने बताया कि विगत 10 वर्षों से हम समाज सेवा कर रहे हैं हेलमेट के लिए लोगों को जागरुक करते हैं, सड़क सुरक्षा के नियमों को बताते हैं. रामनगरी अयोध्या में रितेश दास आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. वे न किसी सम्मान की अपेक्षा रखते हैं, न ही किसी प्रशंसा की. उनका मानना है कि किसी की जान बचा पाना ही सबसे बड़ा पुरस्कार है, ऐसे समाजसेवी वास्तव में शहर की आत्मा होते हैं जो चुपचाप दूसरों के जीवन में रोशनी भरते रहते हैं.

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Abhijeet Chauhan

न्‍यूज18 हिंदी डिजिटल में कार्यरत. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल और हरियाणा की पॉलिटिक्स और क्राइम खबरों में रुचि. वेब स्‍टोरी और AI आधारित कंटेंट में रूचि. राजनीति, क्राइम, मनोरंजन से जुड़ी खबरों को लिखने मे…और पढ़ें

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