अभिषेक बनर्जी ने कस दिए नट-बोल्ट, TMC सांसदों-विधायकों को खुली चेतावनी; ‘काम करो वरना पार्टी साथ नहीं देगी’
Last Updated:
West Bengal Politics: अभिषेक बनर्जी ने टीएमसी नेताओं को चेतावनी दी है कि अपने इलाके में काम नहीं करने पर पार्टी उनका साथ नहीं देगी. उन्होंने यह भी कहा कि फॉर्म-7 पर BJP की साजिश बंगाल में नाकाम हो गई क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने आम लोगों की चिंता को स्वीकार किया.
टीएमसी ने विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं. (फाइल फोटो)कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पार्टी की इंटरनल मीटिंग में नेताओं की जमकर क्लास लगा दी है. उन्होंने सांसदों और विधायकों को सख्त लहजे में अल्टीमेटम दिया है कि अगर काम नहीं करोगे तो पार्टी आपके साथ खड़ी नहीं होगी. अभिषेक ने मीटिंग में साफ कहा कि उन्होंने कई ‘वार रूम’ देखे जो काम ही नहीं कर रहे हैं (Non-functional). उन्होंने ‘धीरे चलो’ की नीति अपनाने वाले नेताओं को नींद से जागने की नसीहत दी है. अभिषेक ने दो टूक कहा कि ओवरकॉन्फिडेंस और सुस्ती के लिए पार्टी में कोई जगह नहीं है.
‘संसद में 1-2 दिन जाओ, बाकी वक्त क्षेत्र में बिताओ’
अभिषेक बनर्जी ने सांसदों को दिल्ली में डेरा जमाए रखने की बजाय अपने क्षेत्र में पसीना बहाने का आदेश दिया है. उन्होंने कहा, ‘संसद सत्र के लिए एक या दो दिन जाओ और बाकी का पूरा समय अपने संसदीय क्षेत्र में बिताओ.’ उन्होंने साफ किया कि चाहे कोई विधायक हो या सांसद, अगर जिम्मेदारी मिली है और आपको लगता है कि काम नहीं करेंगे, तो यह नहीं चलेगा. अभिषेक ने चेतावनी दी, ‘अगर आप अपनी ड्यूटी नहीं निभाएंगे, तो पार्टी आपके साथ नहीं खड़ी होगी.’
‘धीरे चलो’ वालों को चेतावनी, कहा- नींद से जागो
मीटिंग में अभिषेक बनर्जी का तेवर बेहद आक्रामक था. उन्होंने उन नेताओं को आड़े हाथों लिया जो रिलैक्स मूड में हैं. अभिषेक ने कहा, ‘जो लोग धीरे चलो (Dhire Cholo) की नीति में विश्वास रखते हैं, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि अपने सपनों से जाग जाओ.’ उन्होंने कहा कि हमने कड़ी मेहनत की है, खून-पसीना बहाया है. आत्मसंतुष्टि (Complacency) और अति-आत्मविश्वास (Overconfidence) के लिए अब कोई जगह नहीं बची है.
फॉर्म-7 पर बीजेपी की ‘साजिश’ नाकाम, सुप्रीम कोर्ट ने मानी बात
अभिषेक बनर्जी ने मीटिंग में बीजेपी के खिलाफ अपनी रणनीतिक जीत का भी जिक्र किया. उन्होंने वोटर लिस्ट और फॉर्म-7 (नाम हटाने का फॉर्म) को लेकर बड़ा दावा किया. अभिषेक ने कहा, ‘हमने बीजेपी की साजिश को नाकाम कर दिया है. वे जिस तरह से SIR (वोटर लिस्ट रिविजन) को अंजाम देना चाहते थे, वे नहीं कर पाए. सुप्रीम कोर्ट ने भी आम लोगों की चिंताओं को सही ठहराया है.’
अभिषेक ने दावा किया कि बीजेपी ने फॉर्म-7 के जरिए गड़बड़ी की साजिश रची थी. उन्होंने कहा, ‘यही काम दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र और हरियाणा में भी किया गया था, लेकिन वहां पकड़ा नहीं गया. हमने अपनी लगातार कोशिशों से इसे बंगाल में पकड़ लिया और रोक दिया.’
About the Author
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें