कुछ इमारतें ही टूटीं… ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर कांग्रेस नेता के बयान से सियासी तूफान, राशिद अल्वी पर BJP का पलटवार
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Operation Sindoor: राशिद अल्वी के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ बयान पर कांग्रेस और बीजेपी में विवाद हो गया है. पहलगाम हमले का बदला लेने के मकसद से सेना ने पाकिस्तान और पीओके में बने आतंकी ठिकानों पर अटैक किया था, जिसमें जैश और लश्कर के 100 से अधिक आतंकी मारे गए थे.
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर उठाए सवाल. (फाइल फोटो)नई दिल्ली. कांग्रेस नेता राशिद अल्वी के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर दिए बयान को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. अल्वी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के उद्देश्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर इस कार्रवाई का मकसद क्या था और क्या यह सिर्फ कुछ इमारतें गिराने तक सीमित था. उन्होंने यह भी कहा कि आज भी भारत में आतंक फैलाने वाले कई बड़े आतंकी पाकिस्तान में खुलेआम जिंदा हैं, जिनमें हाफिज सईद, सैयद सलाहुद्दीन और दाऊद इब्राहिम जैसे नाम शामिल हैं. राशिद अल्वी के इस बयान के बाद कांग्रेस पर तीखा हमला हुआ है. बीजेपी प्रवक्ता रोहन गुप्ता ने सोशल मीडिया पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए आतंकियों को छूट दी और पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवाद के मुद्दे पर चुप्पी साधे रखी. उन्होंने आरोप लगाया कि आज वही कांग्रेस भारतीय सेना की कड़ी कार्रवाई पर सवाल उठा रही है.
बीजेपी ने कहा कि सेना प्रमुख पहले ही साफ कर चुके हैं कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान के एयरबेस, आतंकी ट्रेनिंग सेंटर और लॉन्च पैड्स को ध्वस्त किया और 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया. इसके बावजूद कांग्रेस के लिए यह कार्रवाई सिर्फ ‘कुछ इमारतें तोड़ने’ तक सीमित बताई जा रही है. उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सेना की कार्रवाई पर सवाल उठाना और पाकिस्तान के प्रति नरमी दिखाना आज कांग्रेस की राजनीति बन चुकी है. इस बयानबाजी के बाद ऑपरेशन सिंदूर को लेकर राजनीतिक विवाद और गहराता नजर आ रहा है.
पाकिस्तान के खिलाफ भारत का ‘ऑपरेशन सिंदूर’
बता दें कि पिछले साल 22 अप्रैल को आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष लोगों पर घातक हमला किया था, जिसमें 26 नागरिकों की निर्मम हत्या कर दी गई थी. हमले के पहले आतंकियों ने धर्म पूछा फिर लोगों को मौत के घाट उतारा. मृतकों में बड़ी संख्या में पर्यटक शामिल थे. इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद भारतीय सेना ने 7 मई को आतंकियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की शुरुआत की. सेना की इस जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया. इसमें मसूद अजहर के लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हाफिज सईद के जमात-उद-दावा के आतंकी शिविर भी शामिल थे.
वहीं, पाकिस्तानी सेना ने जवाबी हमले के प्रयास में भारत पर ड्रोन और मिसाइलें दागीं, लेकिन भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम्स जैसे आकाशतीर और एस-400 ने उन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया. इसके बाद भारत ने कड़ा पलटवार करते हुए पाकिस्तान के 9 से 11 वायुसेना ठिकानों को तबाह कर दिया. इस सख्त सैन्य कार्रवाई से घबराई पाकिस्तानी सेना ने संघर्षविराम की अपील की. पाकिस्तानी डीजीएमओ ने भारतीय समकक्ष से संपर्क कर तनाव समाप्त करने का प्रस्ताव रखा, जिस पर दोनों देशों ने अस्थायी युद्धविराम पर सहमति जताई. भारत ने अपनी सैन्य कार्रवाई के प्रमाण भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने प्रस्तुत किए, जिससे यह साफ हो गया कि भारत की जवाबी कार्रवाई सिर्फ आत्मरक्षा नहीं, बल्कि आतंक के ठिकानों को जड़ से खत्म करने की निर्णायक नीति का हिस्सा थी.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें