R Ashwin Pleads For Afternoon T20Is: दोपहर में कराए जाएं टी20 मुकाबले, अश्विन ने छेड़ी नही बहस
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R Ashwin Pleads For Afternoon T20Is: पूर्व भारतीय गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन ने रायपुर टी20 में ओस के कारण गेंदबाजों की मुश्किलें उजागर कीं, उन्होंने ऐसे हालाक से बचने के लिए दोपहर में टी20 मैच कराने की वकालत. उन्होंने कहा ऐसा करने से बैटिंग और बॉलिंग में असंतुलन पैदा होगा.
आर अश्विन ने फिर दिया बवाल मचाने वाले सुझाव, कहा- दिन में कराएं टी20 मुकाबले नई दिल्ली. भारत के दिग्गज क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन को अपनी बात को खुलकर रखने के लिए जाना जाता है. भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले के बाद उन्होंने एक अहम मुद्दा उठाया है. अश्विन ने टी20 मैचों के लिए दिन में ज्यादा मैच कराने की वकालत की है, क्योंकि मौजूदा हालात बल्लेबाजों के पक्ष में जा रहे हैं. अश्विन ने उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे भारत ने शुक्रवार को रायपुर में हुए दूसरे टी20 मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ 209 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया. मेजबान टीम ने सिर्फ 15.2 ओवर में सात विकेट से जीत दर्ज की.
अश्विन ने कहा कि ओस के कारण गेंदबाजों के लिए असर डालना लगभग नामुमकिन हो जाता है. अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल ‘अश की बात’ पर कहा, “मैं न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों के (उदास) चेहरे देख रहा था (भारत की बल्लेबाजी के दौरान) और मुझे बहुत बुरा लगा. ऐसा नहीं कि न्यूजीलैंड की टीम अच्छी नहीं है. (बल्कि) ये क्रिकेट के लिए सही नहीं है. ऐसी ओस में टीमों को खेलना ठीक नहीं है. ऐसे हालात में क्रिकेट स्किल्स की जरूरत ही नहीं पड़ती,”
उन्होंने आगे कहा, “मैं लिखकर दे सकता हूं. अगर इन्हीं पिचों पर दोपहर में खेलें, तो 160-165 रन का स्कोर ही ठीक रहेगा. ऐसा ही 2023 वर्ल्ड कप फाइनल में भी हुआ था.”
अश्विन का कहना है कि ओस के कारण अच्छी गेंद भी रन में बदल जाती हैं और इस “असली असंतुलन” को दूर करना जरूरी है. “दिन और रात में विकेट में फर्क होता है. भारत में ऐसा होता है, जो बहुत ही गलत है. अच्छी गेंद पर भी रन बन जाते हैं और गेंदबाजों के पास कोई विकल्प नहीं बचता. बल्ले और गेंद के बीच का असंतुलन असली है,”
अश्विन ने आगे कहा, “न्यूजीलैंड खराब प्रदर्शन करने वाले गेंदबाजों को बाहर नहीं करेगा क्योंकि उनके पास ज्यादा विकल्प नहीं हैं और उन्हें पता है कि ऐसे हालात में कुछ नहीं किया जा सकता. लेकिन भारत जैसी टीमों के लिए, अगर कोई खिलाड़ी दो मैचों में अच्छा नहीं करता और तीसरे मैच में ऐसे हालात में गेंदबाजी करता है और रन लुटा देता है, तो उसका करियर खत्म हो सकता है. और करियर किस वजह से खत्म होगा? स्किल्स की कमी? रणनीतिक फैसले? ये गलत है. हम प्राकृतिक आपदाओं से लड़ नहीं सकते, हम इंसान हैं. वैसे ही, गेंदबाज ऐसे हालात में क्या कर सकता है?”
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15 साल से ज्यादा वक्त से खेल पत्रकारिता से सक्रिय. Etv भारत, ZEE न्यूज की क्रिकेट वेबसाइट में काम किया. दैनिक जागरण वेबसाइट में स्पोर्ट्स हेड रहा. ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और फुटबॉल वर्ल्ड कप कवर किया. अक्टूब…और पढ़ें