ऑस्कर से बाहर हुई ‘होमबाउंड’, नहीं मिली टॉप 5 में जगह, तो भावुक हुए विशाल जेठवा, लिखा मेकर्स के नाम इमोशनल नोट
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बॉलीवुड फिल्म ‘होमबाउंड’ ऑस्कर 2026 के फाइनल नॉमिनेशन में नहीं पहुंची. फिल्म टॉप 15 में पहुंची लेकिन टॉप 5 में जगह नहीं बना पाई. इसे लेकर विशाल जेठवा भावुक हुए. हालांकि इससे वह निराश नहीं हुए बल्कि खुद की और मेकर्स की हौसला अफजाई करते हुए एक भावुक नोट लिखा.
फिल्म होमबाउंड के पोस्टर में ईशान खट्टर और विशाल जेठवा. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @vishaljethwa06)मुंबई. ईशान खट्टर, विशाल जेठवा और जाह्नवी कपूर स्टारर ‘होमबाउंड’ ऑस्कर 2026 में बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में नॉमिनेशन नहीं पा सकी. इस पर विशाल ने अपनीटीम का हौसला बढ़ाया. उन्होंने इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए नोट पर लिखा कि यह निराशाजनक है कि फिल्म ऑस्कर नॉमिनेशन तक नहीं पहुंच पाई. उनकी उम्मीदों को ठेस पहुंची है, लेकिन वे मानते हैं कि असली असफलता हार मानना नहीं, बल्कि कोशिश न करना है.
विशाल जेठवा ने लिखा, “होमबाउंड की पूरी टीम ने पहले दिन से सिर्फ कोशिश की है. मुझे गर्व है कि हम टॉप 15 तक पहुंचे. ऑस्कर जैसे बड़े मंच से हमारा नाम जुड़ना ही मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है. यह मेरी सोच और चाहत से कहीं ज्यादा है.”
विशाल ने निर्देशक नीरज घयवान, जोगी, करण जौहर और पूरी टीम का शुक्रिया अदा किया. इसके के साथ ही उन्होंने ईशान खट्टर, जान्हवी कपूर और ‘होमबाउंड’ परिवार को प्यार और सम्मान दिया. पोस्ट के आखिरी में विशाल ने अपने गुरु शोएब खान सर का जिक्र करते हुए एक मशहूर दोहा शेयर किया, “लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती. धन्यवाद भगवान”
विशाल जेठवा का पोस्ट. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @vishaljethwa06)
टॉप 5 में नॉमिनेशन नहीं पा सकी ‘होमबाउंड’
बता दें कि यह फिल्म पहले टॉप 15 फिल्मों की शॉर्टलिस्ट में जगह मिली थी, लेकिन फाइनल 5 नॉमिनेशन में जगह नहीं बन पाई. यह फिल्म कान्स फिल्म फेस्टिवल और टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में दिखाई जा चुकी है, और फिल्म को विदेश में स्टैंडिंग ओवेशन मिला था. नीरज घयवान द्वारा निर्देशित फिल्म ‘होमबाउंड’ में ईशान खट्टर, विशाल जेठवा और जान्हवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं.
दो दोस्तों के बचपन और संघर्ष की कहानी है ‘होमबाउंड’
‘होमबाउंड’ की कहानी दो बचपन के दोस्तों की है, जो पुलिस बनने का सपना देखते हैं. इसमें शोएब (ईशान) और चंदन (विशाल) दोनों बचपन के दोस्त होते हैं, जो मुस्लिम और दलित समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और सरकारी नौकरी के सपने देखते हैं, लेकिन इस बीच गरीबी और जातिवाद की वजह से उन्हें कठिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसमें जाह्नवी ने भी अहम भूमिका अदा की.
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रमेश कुमार, सितंबर 2021 से न्यूज 18 हिंदी डिजिटल से जुड़े हैं. इससे पहले एबीपी न्यूज, हिंदीरश (पिंकविला), हरिभूमि, यूनीवार्ता (UNI) और नेशनल दुनिया में काम कर चुके हैं. एंटरटेनमेंट, एजुकेशन और पॉलिटिक्स में रूच…और पढ़ें