rohini nakshatra in hindi। रोहिणी नक्षत्र में जन्मे जातक
Rohini Nakshatra In Hindi: ज्योतिष में नक्षत्रों का खास महत्व माना जाता है, क्योंकि ये व्यक्ति के स्वभाव, सोच और जीवन की दिशा पर गहरा असर डालते हैं. इन्हीं 27 नक्षत्रों में से एक है रोहिणी नक्षत्र, जिसे चंद्रमा का सबसे प्रिय नक्षत्र कहा जाता है. यह नक्षत्र सौंदर्य, आकर्षण, प्रेम और समृद्धि से जुड़ा माना जाता है. जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र में होता है, उनका व्यक्तित्व आमतौर पर शांत, प्रभावशाली और लोगों को अपनी ओर खींचने वाला होता है. रोहिणी नक्षत्र सिर्फ बाहरी सुखों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मन की स्थिरता, भावनात्मक गहराई और जीवन में संतुलन देने में भी अहम भूमिका निभाता है. पौराणिक कथाओं में इसे चंद्रमा की प्रिय पत्नी बताया गया है, जिस वजह से इसका संबंध सुख, प्रेम और भौतिक उन्नति से जोड़ा जाता है. यह नक्षत्र उन लोगों के लिए खास माना जाता है, जो जीवन में स्थिरता चाहते हैं और अपने काम से पहचान बनाना चाहते हैं. कला, सौंदर्य, खेती, व्यापार और रचनात्मक क्षेत्रों में यह नक्षत्र अच्छा फल देने वाला माना जाता है.
रोहिणी नक्षत्र क्या है?
रोहिणी नक्षत्र चंद्रमा के 27 नक्षत्रों में चौथा स्थान रखता है. यह वृषभ राशि में स्थित होता है और इसे सबसे आकर्षक और उर्वर नक्षत्र माना जाता है. शास्त्रों में इसका संबंध विकास, उन्नति और खुशहाली से जोड़ा गया है. पुराणों के अनुसार रोहिणी चंद्रमा की सबसे प्रिय पत्नी थीं, इसलिए चंद्रमा इस नक्षत्र में सबसे अधिक बलवान माना जाता है. इसी वजह से यह नक्षत्र मानसिक संतुलन और भौतिक सुख देने वाला माना जाता है.
रोहिणी नक्षत्र का ज्योतिषीय महत्व
ज्योतिष के अनुसार रोहिणी नक्षत्र बेहद शुभ होता है. यह नक्षत्र प्रेम, सौंदर्य, खेती, धन और रचनात्मक सोच से जुड़ा रहता है. जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र में होता है, वे स्वभाव से सौम्य, कल्पनाशील और आकर्षक होते हैं. इस नक्षत्र में चंद्रमा की स्थिति नई शुरुआत, खरीदारी, यात्रा और विवाह जैसे कार्यों के लिए अच्छी मानी जाती है.
रोहिणी नक्षत्र का स्वामी ग्रह
रोहिणी नक्षत्र का स्वामी ग्रह चंद्रमा है. चंद्रमा मन, भावना, शांति और सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है. इसी कारण रोहिणी नक्षत्र में जन्मे लोग भावनात्मक रूप से गहरे और रिश्तों को महत्व देने वाले होते हैं. यदि कुंडली में चंद्रमा मजबूत स्थिति में हो, तो व्यक्ति को मानसिक मजबूती, आत्मविश्वास और रचनात्मक ऊर्जा मिलती है.
रोहिणी नक्षत्र में जन्मे जातकों का स्वभाव
इस नक्षत्र में जन्मे लोग दिखने में आकर्षक, व्यवहार में नरम और दिल से भावुक होते हैं. ये लोग सुंदर चीजों की ओर जल्दी आकर्षित होते हैं और जीवन में स्थिरता पसंद करते हैं. परिवार इनके लिए बहुत अहम होता है. हालांकि ज्यादा भावुक होने की वजह से कभी-कभी ये लोग जल्दी आहत भी हो जाते हैं. सही मार्गदर्शन मिलने पर ये लोग ऊंचे मुकाम तक पहुंच सकते हैं.
करियर और व्यवसाय
रोहिणी नक्षत्र के जातक रचनात्मक क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं. कला, फैशन, डिजाइन, फिल्म, संगीत, लेखन, विज्ञापन, खेती और बागवानी जैसे क्षेत्रों में इन्हें सफलता मिलती है. व्यापार में भी ये लोग अपने आकर्षक व्यवहार और समझदारी से अच्छी पहचान बना लेते हैं.
विवाह और पारिवारिक जीवन
यह नक्षत्र विवाह के लिए अनुकूल माना जाता है. इस नक्षत्र में जन्मे लोग अपने जीवनसाथी के प्रति वफादार और भावनात्मक रूप से जुड़े रहते हैं. हालांकि ज्यादा उम्मीदें रखने से कभी-कभी मनमुटाव हो सकता है, लेकिन समझदारी से रिश्ता लंबे समय तक संतुलित बना रहता है.
रोहिणी नक्षत्र के शुभ उपाय
-सोमवार के दिन भगवान शिव का जल से अभिषेक करें
-“ॐ सोमाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें
-चावल, दूध और सफेद वस्तुओं का दान करें
-सफेद या हल्के रंग के कपड़े पहनें
-मन को शांत रखने की कोशिश करें
रोहिणी नक्षत्र में क्या करें और क्या न करें
इस नक्षत्र में कला, लेखन, संगीत और सजावट से जुड़े काम शुरू करना अच्छा रहता है. परिवार के साथ समय बिताना भी लाभ देता है. भावनाओं में बहकर बड़े फैसले लेने से बचें और बेवजह की चिंता न पालें.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)