Border 2 Public Review: बॉर्डर-2 देख थिएटर में रो पड़े लोग, गाजीपुर के दर्शकों ने क्या कहा?
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Border 2 Public Review: ‘बॉर्डर 2’ को दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है. सीनियर सिटीजन ने फिल्म को 10 में से 8 अंक दिए, वहीं युवाओं ने इसे इमोशनल और देशभक्ति से भरपूर बताया. 3 घंटे 30 मिनट लंबी फिल्म को 4 से 4.5 स्टार मिल रहे हैं. आइए जानते हैं कि गाजीपुर के दर्शकों ने फिल्म को लेकर क्या कहा.
गाजीपुर: बॉर्डर-2 के रिलीज होते ही गाजीपुर के देवगन सिनेमा (NY सिनेमा) के बाहर सुबह से ही अलग माहौल देखने को मिला. पहले दिन, पहले शो के लिए युवाओं से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक की लंबी कतारें लगी रहीं. पार्किंग लगभग फुल नजर आई और कई लोग परिवार के साथ पहुंचे. 26 जनवरी से ठीक पहले रिलीज हुई इस फिल्म को लेकर शहर में खास उत्साह दिखा. शो खत्म होने के बाद जब दर्शक बाहर निकले, तो चेहरे पर भावनाएं साफ पढ़ी जा सकती थीं. कहीं गर्व, कहीं आंसू, तो कहीं तुलना की चर्चा.
एक वरिष्ठ दर्शक ने कहा कि 1997 में आई पहली बॉर्डर फिल्म ज्यादा दिल को छू लेने वाली थी. उनके मुताबिक, सीक्वल में भावनाएं जरूर हैं, लेकिन किरदार पहले भाग जैसा गहरा असर पूरी तरह नहीं छोड़ पाए. फिर भी उन्होंने फिल्म को 10 में से 8 अंक दिए और कहा कि देशभक्ति का संदेश मजबूत है.
दृश्य इतना भावुक कि आंसू आ गए
युवा दर्शकों का कहना है कि फिल्म सच्ची घटनाओं से प्रेरित होने की वजह से ज्यादा असर करती है. कई दर्शकों ने बताया कि कुछ दृश्य इतने भावुक थे कि आंखों में आंसू आ गए. उनका मानना है कि सैनिकों को मिलने वाले मेडल यूं ही नहीं मिलते, बल्कि कठिन युद्ध और बलिदान के बाद हासिल होते हैं. कुछ लोगों ने फिल्म को 5 में से 4 अंक दिए. उनका कहना था कि फिल्म करीब 3 घंटे 30 मिनट लंबी जरूर है, लेकिन कहीं भी बोरियत महसूस नहीं हुई. कई दर्शकों ने कहा कि फिल्म ने 26 जनवरी से पहले ही उनके भीतर देशभक्ति का जज्बा जगा दिया.
पार्किंग में गाड़ियों की लंबी कतारें
देवगन सिनेमा (NY सिनेमा) के मैनेजर सुशील तिवारी ने बताया कि दर्शकों से फिल्म को 5 में से 4 या 4.5 अंक मिल रहे हैं. टिकट कलेक्शन अच्छा है और पार्किंग में गाड़ियों की लंबी कतारें इसका संकेत देती हैं. लोग परिवार के साथ फिल्म देखने आ रहे हैं, जिससे यह एक फैमिली ओरिएंटेड फिल्म भी साबित हो रही है. कुल मिलाकर गाजीपुर में बॉर्डर-2 को भावनात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है. जहां एक ओर लोग इसे देशभक्ति से भरपूर बता रहे हैं, वहीं पहली बॉर्डर से तुलना भी लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.