Bal Mithai special in Almora Know full Recipe | अल्मोड़ा में बाल मिठाई क्यों है इतनी स्पेशल? आखिर कैसे एक हफ्ते तक रहती है बिल्कुल फ्रैश, जानें रेसिपी
अल्मोड़ा की बाल मिठाई सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि यहां की पहचान और परंपरा है. उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में अल्मोड़ा का नाम आते ही सबसे पहले जिस चीज का ज़िक्र होता है, वह है बाल मिठाई. बाहर से आने वाले पर्यटक हों या पहाड़ से बाहर रहने वाले लोग हर कोई अल्मोड़ा से लौटते वक्त बाल मिठाई जरूर ले जाना चाहता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अल्मोड़ा की बाल मिठाई इतनी ज़्यादा मशहूर क्यों है?
क्यों है बाल मिठाई स्पेशल?
अल्मोड़ा के बाल मिठाई विक्रेता गिरीश चंद्र पांडे बताते हैं कि इसकी सबसे बड़ी वजह है इसकी शुद्धता और बनाने का पारंपरिक तरीका. यह मिठाई पहाड़ के शुद्ध खोए से बनाई जाती है. पहाड़ी इलाकों में गाय का दूध ज्यादा पौष्टिक और शुद्ध माना जाता है, जिससे बना खोया मिठाई को खास स्वाद देता है. इसी वजह से बाल मिठाई का स्वाद न तो ज्यादा मीठा लगता है और न ही फीका, बल्कि एकदम संतुलित होता है.
बाल मिठाई को बनाने की प्रक्रिया
बाल मिठाई को बनाने की प्रक्रिया भी काफी समय और मेहनत मांगती है. सबसे पहले खोए को धीमी आंच पर लंबे समय तक पकाया जाता है, जब तक उसका रंग गहरा भूरा ना हो जाए. इसके बाद उसमें चीनी मिलाकर उसे अच्छी तरह से जमाया जाता है. जब मिठाई तैयार हो जाती है, तो उसके ऊपर सफेद चीनी के छोटे-छोटे दाने लगाए जाते हैं, जिन्हें स्थानीय भाषा में बाल कहा जाता है. इन्हीं बालों की वजह से इसका नाम पड़ा बाल मिठाई.
एक सप्ताह तक मिठाई नहीं होती खराब
गिरीश चंद्र पांडे बताते हैं कि पहाड़ का मौसम भी इस मिठाई के लिए अनुकूल होता है. ठंडी जलवायु की वजह से बाल मिठाई लगभग एक सप्ताह तक खराब नहीं होती. इसमें किसी भी तरह का केमिकल या प्रिजर्वेटिव नहीं मिलाया जाता, फिर भी इसका स्वाद और गुणवत्ता बनी रहती है. यही कारण है कि लोग इसे सफर के दौरान भी आसानी से साथ ले जा सकते हैं.
अल्मोड़ा की बाल मिठाई सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि भावनाओं से भी जुड़ी है. बचपन की यादें, मेहमानों का स्वागत, त्योहार और खुशियों के मौके हर जगह बाल मिठाई मौजूद रहती है. यहां की दुकानों में पीढ़ियों से यही काम चल रहा है और हर दुकानदार अपनी मिठाई में वही पुराना स्वाद बनाए रखने की कोशिश करता है.
आज भले ही बाजार में कई तरह की नई मिठाइयाँ आ गई हों, लेकिन अल्मोड़ा की बाल मिठाई की बात ही अलग है. इसकी सादगी, शुद्ध सामग्री और पारंपरिक तरीका इसे खास बनाता है. यही वजह है कि समय बदलने के बावजूद बाल मिठाई की मिठास लोगों के दिलों में आज भी वैसी ही बनी हुई है.