It’s not tea, but rose tea that brings people together in this Uttar Pradesh district; locals are captivated by its unique flavor. Learn the recipe and location : Uttar Pradesh News
फर्रुखाबाद : सर्दी हो या गर्मी, चाय के शौकीनों की दीवानगी कभी कम नहीं होती. फर्रुखाबाद जिले में एक ऐसा ही चाय का ठिकाना है, जहां सुबह से शाम तक ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है. फतेहगढ़ क्षेत्र में स्थित राठौर टी स्टॉल अपनी खास खुशबूदार और मसालेदार चाय के लिए पूरे इलाके में मशहूर है.
कुल्हड़ की चाय और गुलाब की खुशबू
राठौर टी स्टॉल की सबसे बड़ी खासियत है मिट्टी के कुल्हड़ में मिलने वाली चाय. इस चाय में गुलाब की पंखुड़ियों की हल्की सुगंध मिलाई जाती है, जो हर घूंट के साथ मन को ताजगी और सुकून का एहसास कराती है. जैसे ही चाय बननी शुरू होती है, उसकी खुशबू दूर तक फैल जाती है और ग्राहक खुद-ब-खुद स्टॉल की ओर खिंचे चले आते हैं.
25 साल पुराना स्वाद आज भी कायम
लोकल18 से बातचीत में राठौर टी स्टॉल के संचालक नरेश चंद्र राठौर ने बताया कि उन्होंने करीब 25 साल पहले इस चाय स्टॉल की शुरुआत की थी. समय के साथ साल बदले, मौसम बदले, लेकिन उनकी चाय का स्वाद आज भी वैसा ही है. यही कारण है कि यह स्टॉल मुख्य मार्ग पर होने के कारण हर आने-जाने वाले की पहली पसंद बन चुका है.
पांच तरह की खास चाय का स्वाद
राठौर टी स्टॉल पर कुल पांच प्रकार की चाय तैयार की जाती है. इसमें इलायची फ्लेवर वाली चाय, मसाला चाय और गुलाब की खुशबू से भरपूर खास चाय शामिल है. मिट्टी के कुल्हड़ में मिलने वाली सौंधी महक चाय के स्वाद को और भी खास बना देती है. यह चाय मात्र सात रुपये प्रति कुल्हड़ में उपलब्ध है, जो हर वर्ग के लोगों के लिए सुलभ है.
मौसम के हिसाब से होती है बिक्री
नरेश चंद्र राठौर ने बताया कि मौसम के अनुसार प्रतिदिन करीब दो सौ से अधिक कुल्हड़ चाय की बिक्री हो जाती है. सर्दियों में यह संख्या और भी बढ़ जाती है. सिर दर्द हो, सर्दी-जुकाम या थकान, लोग इस चाय को राहत देने वाली मानते हैं और दूर-दूर से यहां चाय पीने आते हैं.
फतेहगढ़ चौराहे की वजह से बढ़ी पहचान
फतेहगढ़ चौराहा ऐसा स्थान है, जहां जिले में प्रवेश करने से पहले लगभग हर किसी को गुजरना पड़ता है. पास में रेलवे स्टेशन, पुलिस थाना, अस्पताल और स्कूल होने के कारण यहां हमेशा चहल-पहल बनी रहती है. ऐसे में जब भी किसी को चाय की तलब लगती है, राठौर टी स्टॉल पहली पसंद बन जाता है.
स्पेशल मसालों से बनती है चाय
राठौर टी स्टॉल की चाय का राज इसके खास मसालों में छिपा है. नरेश चंद्र राठौर ने बताया कि चाय बनाने के लिए पहले पानी उबाला जाता है. इसके बाद उसमें चाय की पत्ती और चीनी डाली जाती है. फिर ग्राहक की पसंद और मौसम के अनुसार खास मसाले मिलाए जाते हैं.
यह है खास चाय बनाने की विधि
इन मसालों में लौंग, दालचीनी, काली मिर्च, तेजपत्ता, इलायची और जायफल का संतुलित मिश्रण होता है. इन मसालों के कारण चाय न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन होती है, बल्कि शरीर को गर्माहट भी देती है. यही वजह है कि राठौर टी स्टॉल की चाय एक बार पीने वाला बार-बार लौटकर आता है.