बड़ी मुश्किल से ढूंढी अमिताभ बच्चन के लिए हीरोइन, करवा लिए ऐसे-ऐसे सीन, रोती रही सेट पर, रातोंरात हुई फेमस – When Amitabh bachchn ask prakash mehra to leave set shoot most iconic scene itself I can talk English Namak halaal movie smita patil wept for hours
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Bollywood Superhit Movie with Most Iconic Scene : शूटिंग के पहले दिन अगर हीरो सेट से डायरेक्टर को ही बाहर कर दे, तो इसे क्या कहा जाएगा. अंदाजा लगाइये कि कैसी फिल्म बनी होगी. डायरेक्टर ने सीन भी नहीं लिखा था. सुपरस्टार से सिर्फ इतना कह दिया कि यह सीन आप अपने हिसाब से कर लीजिए. फिर कुछ ऐसा हुआ कि सुपरस्टार ने डायरेक्टर को ही सेट से बाहर कर दिया. खुद से कालजयी सीन शूट किया. खुद से ऐसा डायलॉग लिखा कि 43 साल बाद भी लोगों को गुदगुदा रहा है. ये फिल्म कौन सी थी, वो डायरेक्टर-सुपरस्टार की जोड़ी कौन सी थी, आइये जानते हैं….

कुछ फिल्में अपने एक खास डायलॉग या फिर सीन की वजह से दर्शकों के जेहन में जिंदा रहती हैं. ऐसी ही एक फिल्म 1982 में सिनेमाघरों में आई थी. इस फिल्म में एक ऐसा फनी सीन था जो हिंदी सिनेमा के मोस्ट फनी सीन में शामिल है. दिलचस्प बात यह है कि इस सीन को सुपरस्टार ने खुद से फिल्माया था. खुद से लिखा. खुद से कैमरा भी हैंडल किया. डायरेक्टर को सेट से बाहर कर दिया था. जी हां, हम बात कर रहे हैं 30 अप्रैल 1982 को रिलीज हुई ‘नमक हलाल’ फिल्म की. इस फिल्म की लीड एक्ट्रेस स्मिता पाटिल एक सीन के बाद घंटों कमरे में रोती रही थीं. आइये जानते हैं इस मूवी से जुड़े कुछ और दिलचस्प किस्से…

नमक हलाल की कहानी सुरेंद्र कौल ने लिखी थी. स्क्रीनप्ले लक्ष्मीकांत शर्मा ने लिखा था. डायलॉग कादर खान ने लिखे थे. प्रकाश मेहरा जब ‘मुकद्दर का सिकंदर’ फिल्म की शूटिंग कर रहे थे, तभी उनके मन में दोनों सुपरस्टार के साथ एक और फिल्म ‘नमक हलाल’ को बनाने का आइडिया आया था. विनोद खन्ना ने यह फिल्म करने से इनकार कर दिया. ऐसे में शशि कपूर को उनकी जगह पर लिया गया. 22 जनवरी 1978 को फिल्म का मुहुर्त हुआ था.

नमक हलाल में अमिताभ बच्चन, शशि कपूर, स्मिता पाटिल, परवीन बॉबी, ओम प्रकाश लीड रोल में थे. इसके अलावा वहीदा रहमान, सत्येन कप्पू, राम सेठी, सुरेश ओबेरॉय, कमल कपूर सपोर्टिंग रोल में थे. फिल्म में म्यूजिक बप्पी लहरी का था. बप्पी लहरी ने पहली बार प्रकाश मेहरा की फिल्म के लिए म्यूजिक कंपोज किया था. फिल्म के गाने पार्टी-डिस्को थीम पर बेस्ड थे.
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इस फिल्म की शूटिंग के पहले दिन का मजेदार किस्सा मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने केबीसी के शो में सुनाया था. उन्होंने कहा था, ‘हमारे जमाने में दो-दो तीन-तीन शिफ्ट एक ही दिन में होती थीं. नमक हलाल सेकंड शिफ्ट में शुरू हुई थी. आई कैन टॉक इंग्लिश, वॉक इंग्लिश इस फिल्म का पहला सीन था. पहले दिन की शूटिंग थी. ये डायलॉग लिखा नहीं गया था. प्रकाश मेहरा ने कहा था कि बस कुछ बोल दीजिए. प्रकाश मेहरा बहुत सक्षम डायरेक्टर थे लेकिन एक छोटी सी उनकी आदत थी. वो कोई कॉमेडी सीन हो तो खुद ही हंस पड़ते थे तो साउंड वाला बोलता था कट-कट. वो कहत था कि कोई हंस रहा है.’

अमिताभ बच्चन ने इस फनी डायलॉग के दिलचस्प किस्से के बारे में आगे बताया, ‘जब ये सीन होने लगा और जैसे ही मैंने डायलॉग बोलना शुरू किया तो प्रकाश मेहरा हंसने लगे. मैंने प्रकाश मेहरा से कहा कि आप बाहर चले जाइये. मैं कैमरा ऑन कर दूंगा. आप बाहर आकर बाद में देख लीजिएगा. हमने उनको बाहर भेज दिया. फिर पूरा सीन एक शॉट में किया. उन्होंने कहा था कि ऐसा हो जाए कि क्रिकेट कमेंट्री हो जाए. बस ये सीन हो गया. ऐसी चीजें लिखी नहीं जा सकतीं. तो ऐसे ही हो गया.’

नमक हलाल का फनी इंग्लिश वाला सीन हिंदी सिनेमा के इतिहास के मोस्ट फनी सीन में शामिल है. इसी तरह इस फिल्म की हीरोइन स्मिता पाटिल शुरुआत में ‘आज रपट जाएं तो हमें ना उठइयो’ गाना नहीं करना चाहती थीं. अमिताभ नें उन्हें मनाया. इस गाने पर दिए सीन के बाद वो घंटों रूम में रोती रही थीं.

फिल्म का एक गाना ‘पग घुंघरू बांध मीरा नाची थी..’ किशोर कुमार ने गाया था. इस गाने की धुन बप्पी लहरी की मां ने बनाई थी. उन्होंने क्लासिकल अंदाज में गाने का मुखड़ा गाया था. बप्पी लहरी ने इस गाने में डिस्को बीट जोड़ दी तो प्रकाश मेहरा खुश हो गए. उन्होंने कहा कि मुझे मेरा गाना मिल गया. यह गीत प्रकाश मेहरा और अनजान ने गाना लिखा था. यह गाना 12 मिनट लंबा था. इस गाने ने किशोर कुमार के होश उड़ा दिए थे. गाने के अंदर एक सरगम भी थी जिसे गाने से किशोर दा से इनकार कर दिया था.

‘पग घुंघरू बांध मीरा नाची थी’ गाने के लिए किशोर कुमार को बेस्ट प्लेबैक सिंगर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था. यह गाना 3 दिन में रिकॉर्ड हुआ था. मजेदार बात यह है कि इस फिल्म के लिए राज बब्बर को प्रकाश मेहरा ने साइन किया था लेकिन डिस्ट्रीब्यूटर्स ने शत्रुघ्न सिन्हा को लेने पर दबाव डाला. अमिताभ बच्चन ने शत्रुघ्न सिन्हा के साथ काम करने से इनकार कर दिया. ऐसे में शशि कपूर को लिया गया. इसी तरह प्रकाश मेहरा इस फिल्म में विलेन के रोल के लिए अमजद खान को लेना चाहते थे लेकिन उन दिनों उनका एक्सीडेंट हुआ था. ऐसे में सत्येन कप्पू को मेन विलेन के लिए चुना गया. फिल्म में वहीदा रहमान ने अपने से 8 साल छोटे सुरेश ओबराय की पत्नी का रोल निभाया था. फिल्म ने रिलीज होते ही शानदार कमाई की. यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई.