ai smart glasses special features | delhi police republic day | criminal facial recognition technology | hidden body exposed | महिला हो या पुरुष, लड़का हो या लड़की… शरीर में छिपा हर सामान अब इस काले चश्मे से हो जाएगा बेपर्दा, जानें खासियतें
दिल्ली पुलिस ने इस साल 26 जनवरी के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं. दिल्ली पुलिस ने एक बहुत ही खास एआई वाला काला चश्मा तैयार करवाया है, जिससे लोगों पर नजर रखी जाएगी. इस काले चश्मे को परेड के समय पुलिस जवान चेहरे पहचानने और संदिग्धों की पहचान के लिए इस्तेमाल करेंगे. ये चश्मा दिखने में तो सामान्य दिखता है, लेकिन इसके अंदर बहुत पावरफुल तकनीक लगी है. इस एआई चश्मे की पावरफुल तकनीक भीड़ में छिपे कहीं भी वांटेड क्रिमिनल, संदिग्ध या प्रतिबंधित चीज लेकर चलने वाले व्यक्ति चाहे लड़का हो लड़की, पुरुष हो या महिला सबको तुरंत पकड़ने में मदद करेगा. जानिए इस चश्मे की खासियतें, किस कंपनी ने यह चश्मा बनाई है? क्या आम आदमी भी यह चश्मा पहन सकता है?
इस काले चश्मे की खासियत
1. चेहरा पहचानने की सुपर पावर
चश्मे में लगा कैमरा हर व्यक्ति का चेहरा सेकंडों में स्कैन करता है और दिल्ली पुलिस के क्रिमिनल डेटाबेस से मिलान करता है. अगर वह व्यक्ति पुलिस रिकॉर्ड में है, तो तुरंत रियल-टाइम अलर्ट मिलेगा. इस डेटाबेस में लगभग 65,000 अपराधियों का डेटा पहले से फीड किया गया है.
2. चेहरा बदल लेने पर भी पहचान
बड़े अपराधी अक्सर अपना रूप बदल लेते हैं ताकि पहचान न हो. लेकिन इस चश्मे में लगा AI और फेस रिकॉग्निशन सिस्टम इतना तेज है कि पुराने फोटो के आधार पर भी चेहरा पहचान सकता है. यानी हुलिया बदलकर भी अपराधी बच नहीं पाएगा.
3. थर्मल स्कैनिंग से छुपे खतरे की पहचान
इस चश्मे में थर्मल स्कैनिंग तकनीक भी है. इससे पुलिसकर्मी भीड़ में किसी व्यक्ति के शरीर या बैग में छिपी हुई धातु वस्तु, हथियार या प्रतिबंधित सामान का पता लगा सकता है.
4. मोबाइल से जुड़ा सिस्टम
ये चश्मा सीधे पुलिसकर्मी के मोबाइल फोन से जुड़ा रहता है, जिसमें डेटाबेस और अलर्ट सिस्टम काम करता है. जैसे ही सिस्टम किसी संदिग्ध को पहचान लेता है, तुरंत अलर्ट आ जाता है और पुलिस तुरंत कार्रवाई कर सकती है.
पुलिस अधिकारी ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस के एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस (नई दिल्ली) देवेश कुमार महला ने इस बारे में कहा, ‘ये चश्मे पुलिस वालों को क्रिमिनल डेटाबेस तक एक्सेस देते हैं. ये तकनीक इस तरह डिजाइन की गई है कि अगर संदिग्ध ने अपना लुक बदल लिया हो, तब भी ये उसे डिटेक्ट कर लेगा.” उन्होंने आगे कहा, “इस AI पावर्ड स्मार्ट चश्मे के सामने लुक बदलना काम नहीं आएगा.’ महला ने बताया कि ये ग्लासेस पिछले एक साल से डेवलप और टेस्ट किए जा रहे थे और अब गणतंत्र दिवस की सिक्योरिटी में इस्तेमाल होंगे. इसमें वांटेड अपराधी, घोषित अपराधी और एंटी-नेशनल एलिमेंट्स की डिटेल्स भी शामिल हैं. सब-इंस्पेक्टर समेत कई अधिकारी इन्हें पहनेंगे.
क्यों खास है यह तैयारी?
1-गणतंत्र दिवस की परेड में लाखों लोग आते हैं.
2-भीड़ में किसी एक को पहचानना बहुत मुश्किल होता है.
3-अब AI वाला यह चश्मा मनुष्य की तुलना में तेज़ी से चेहरे पहचान सकता है.
4-इससे सुरक्षा कमज़ोर नहीं होगी बल्कि पहले से ज़्यादा फुर्तीली और सुरक्षित होगी.
इस AI चश्मे की सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये सेकंड्स में चेहरे स्कैन करके डेटाबेस से मैच कर लेता है, बिना किसी को रोककर चेक करने की जरूरत के. भीड़भाड़ वाली जगहों पर ये आसानी से काम करेगा और लोगों की आवाजाही में रुकावट नहीं आएगी. अगर कोई अपराधी अपना लुक बदलकर आए, जैसे चेहरा छिपाकर या धूप के चश्मे लगाकर, तो भी ये उसे पकड़ लेगा. यहां तक कि अगर डेटाबेस में फोटो 10-20 साल पुरानी हो, तब भी ये मैच कर सकता है. साथ ही, थर्मल स्कैनिंग से ये छिपे हुए हथियारों को भी डिटेक्ट कर सकता है. संदिग्ध मिलते ही ये कलर-कोडेड अलर्ट देगा, जैसे रेड या येलो, ताकि पुलिस तुरंत एक्शन ले सके.
क्या कोई दूसरा भी इस चश्मे का इस्तेमाल कर सकता है?
ये कदम दिल्ली को और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा है, खासकर हाई-सिक्योरिटी इवेंट जैसे गणतंत्र दिवस पर. पुलिस का कहना है कि इससे मैनुअल चेकिंग कम होगी और रीयल-टाइम में खतरे का पता चलेगा. ये चश्मे मोबाइल CCTV की तरह काम करेंगे और वीडियो एनालिटिक्स के कई टाइप इस्तेमाल करेंगे. अब देखना ये है कि ये तकनीक कितनी कारगर साबित होती है. यह सिर्फ दिल्ली पुलिस के लिए चश्मा बनाई गई है. ये स्मार्ट चश्मे मुंबई की कंपनी अजना लेंस ने बनाए हैं, जो एक भारतीय कंपनी है. ये चश्मे फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS), थर्मल इमेजिंग और वीडियो एनालिटिक्स से लैस हैं. ये रीयल-टाइम में पुलिस के डेटाबेस से जुड़े रहेंगे, जिसमें करीब 65,000 अपराधियों, घोषित अपराधियों और संदिग्धों की डिटेल्स हैं. पुलिस वाले इन चश्मों को अपने मोबाइल फोन से कनेक्ट करेंगे, जो उन्हें पूरा क्रिमिनल डेटाबेस एक्सेस देगा.