Saraswati Puja 2026 special Bhog to offer goddess saraswati on vasant Panchami in different temples | वसंत पंचमी पर मां सरस्वती के लिए विशेष भोग, मीठे पुए से लेकर बूंदी लड्डू तक, कॉपी-पेन का चढ़ावा
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Saraswati Puja 2026 Bhog: वसंत पंचमी का पर्व 23 जनवरी शुक्रवार को देशभर में मनाया जाएगा. वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा के मौके पर मंदिरों में विशेष अनुष्ठान होते हैं और ज्ञान की देवी माता सरस्वती को विशेष प्रकार के भोग भी लगाए जाते हैं. देश के विभिन्न मंदिरों में मीठे पुए से लेकर बूंदी लड्डू तक अर्पित किया जाता है, भक्त कॉपी और पेन का चढ़ावा भी चढ़ाते हैं.

वसंत के आगमन के साथ ही माता सरस्वती को ज्ञान की वस्तुओं के अलावा, पीला भोग और वस्त्र भी बहुत प्रिय हैं. हम उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक के कुछ बड़े मंदिरों में चढ़ने वाले विशेष भोग के बारे में बता रहे हैं.

राजस्थान के बसंतगढ़ में मां सरस्वती को समर्पित विशेष मंदिर सरस्वती उद्गम मंदिर स्थित है, जहां वसंत पंचमी के दिन मंदिर में लाखों की संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मंदिर की विशेषता मां को लगने वाला भोग भी है. मंदिर में मां को भोग स्वरूप मिष्ठान के अलावा, कॉपी और पेन भी चढ़ाते हैं. भक्त विशेष रूप से मां को कॉपी और पेन भेंट करते हैं.

मध्य प्रदेश के मैहर में स्थित 51 शक्तिपीठों में से शारदा देवी मंदिर में वसंत पंचमी की रौनक अलग ही देखने को मिलती है. वसंत पंचमी के दिन मंदिर में मां शारदा को हलवा-पूरी और केसरिया खीर का भोग लगाया जाता है और मां को पीले वस्त्र भी पहनाए जाते हैं. भक्त भी बड़ी संख्या में पीले फूल और पीले मिष्ठान लेकर मंदिर पहुंचते हैं.
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तेलंगाना के बसरा में स्थित ज्ञान सरस्वती मंदिर में भी वसंत पंचमी के दिन मंदिर में अनुष्ठान और ‘अक्षराभ्यासम’ का आयोजन होता है और भोग के रूप में पीले मीठे चावल और पीली बूंदी के लड्डू चढ़ाए जाते हैं.

ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ मंदिर में वसंत पंचमी का त्योहार अनोखे तरीके से मनाया जाता है. बसंत पंचमी के दिन मंदिर में मां सरस्वती और प्रभु जगन्नाथ को ‘बसंत काकेरा’ का भोग लगता है. प्रसाद को प्रभु जगन्नाथ के अलावा ‘दक्षिण घर’ में चढ़ाया जाता है, जहां मां लक्ष्मी और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं मौजूद हैं. बसंत काकेरा गेहूं और चावल के आटे से बना मीठा भोग होता है.

आंध्र प्रदेश के वारंगल सरस्वती मंदिर में वसंत पंचमी के दिन बच्चों और विद्यार्थियों के लिए विशेष अक्षराभ्यास का आयोजन किया जाता है और मां को केसरिया मीठे चावल, मीठे पुए और पीले मिष्ठान का भोग लगता है. बच्चे और विद्यार्थी दोनों ही वसंत पंचमी के दिन मां का आशीर्वाद लेने के लिए आते हैं.