67 साल की ‘चाची’ और झोले में 4 पराठा, जब पुलिस ने ली तलाशी, तो खुला बड़ा राज, पढ़ें पूरी कहानी

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नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली में अपराध की दुनिया के कई चेहरे सामने आते हैं, लेकिन दिल्ली पुलिस ने हाल ही में एक ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है जिसने अनुभवी पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है. यह कहानी है 67 साल की रामबीरी की है, जिसे लोग प्यार से ‘चाची’ कहते हैं. लेकिन इस ‘चाची’ का असली काम सिर पर पल्लू रखकर बच्चों को खिलाना नहीं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर में खूंखार अपराधियों को हथियार सप्लाई करना था. दिल्ली पुलिस के अनुसार रामबीरी दिल्ली में पकड़ी गई अबतक की सबसे उम्रदराज महिला हथियार तस्कर है. यह महिला कब अपराध की दुनिया में आई और इसने क्या-क्या करनामे कर रखे हैं?

रामबीरी की गिरफ्तारी के बाद जो सबसे दिलचस्प बात सामने आई, वह थी उसकी कार्यप्रणाली यानी काम करने का तरीका. रामबीरी उत्तर प्रदेश के मेरठ की रहने वाली है. वह अक्सर मेरठ से मध्य प्रदेश के इंदौर और खरगोन तक का लंबा सफर तय करती थी. पुलिस ने बताया कि रामबीरी बहुत ही शातिर तरीके से सफर करती थी. वह ट्रैवल लाइट के सिद्धांत पर चलती थी, यानी वह अपने साथ कोई भारी सामान या बैग नहीं रखती थी.

कौन है 67 साल की यह ‘चाची’?

उसके झोले में बस चार पराठे और पानी की एक बोतल होती थी. वह एक साधारण बुजुर्ग महिला की तरह ट्रेन में सफर करती थी ताकि किसी भी जांच एजेंसी या पुलिस को उस पर शक न हो. किसे पता था कि साधारण सी दिखने वाली यह महिला अपने कपड़ों या छोटे से झोले में मौत का सामान छिपाए हुए है. वह खुद को एक आम मुसाफिर की तरह दिखाती थी, जिससे वह सालों तक पुलिस की नजरों से बचती रही.

शकूर बस्ती स्टेशन पर खत्म हुआ खेल

रामबीरी का यह लुका-छिपी का खेल 9 जनवरी 2026 को खत्म हो गया. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और स्थानीय पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि एक बुजुर्ग महिला हथियारों की एक बड़ी खेप लेकर दिल्ली आने वाली है. पुलिस ने जाल बिछाया और शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन के पास रामबीरी को घेर लिया.

झोले की तलाशी ली तो राज सामने आया

जब पुलिस ने उसकी तलाशी ली, तो वे दंग रह गए. 67 साल की इस महिला के पास से चार अत्याधुनिक हथियार और तीन मैगजीन बरामद हुईं. वह खरगोन से ये हथियार लेकर आ रही थी और इन्हें दिल्ली-एनसीआर के किसी गैंग को सप्लाई किया जाना था.

उम्र का फायदा और शातिर दिमाग

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रामबीरी को इस धंधे में इसलिए उतारा गया था क्योंकि उसकी उम्र उसका सबसे बड़ा सुरक्षा कवच थी. आमतौर पर पुलिस रेलवे स्टेशनों या बस स्टैंड्स पर युवाओं या संदिग्ध दिखने वाले पुरुषों की तलाशी लेती है. किसी को यह अंदेशा भी नहीं होता कि 67 साल की कोई महिला संगठित अपराध का हिस्सा हो सकती है.

दिल्ली में अबतक का सबसे उम्रदराज महिला तस्कर

दिल्ली पुलिस ने पहले भी कई महिलाओं को हथियार तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है, लेकिन रामबीरी की उम्र ने सबको चौंका दिया है. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह कब से इस धंधे में शामिल थी और अब तक उसने दिल्ली में कितने हथियार सप्लाई किए हैं.

मेरठ से खरगोन का ‘डेथ रूट’

जांच में सामने आया है कि रामबीरी मेरठ के एक बड़े सिंडिकेट का हिस्सा है. वह मेरठ से ट्रेन पकड़ती थी और मध्य प्रदेश के खरगोन पहुंचती थी, जो अवैध हथियारों के निर्माण के लिए बदनाम रहा है. वहां से वह हथियार उठाती और वापस दिल्ली या मेरठ के लिए निकल पड़ती. रास्ते में भूख लगने पर वह अपने वही चार पराठे खा लेती जो उसने घर से पैक किए होते थे. उसकी सादगी ही उसका सबसे बड़ा हथियार थी.

पुलिस की चुनौती और आगे की जांच

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, रामबीरी का पकड़ा जाना एक बड़ी कामयाबी है, क्योंकि वह एक महत्वपूर्ण लिंक थी. उसकी गिरफ्तारी से यह साफ हो गया है कि अब अपराधी पकड़े जाने के डर से बुजुर्गों और महिलाओं को अपना जरिया बना रहे हैं. पुलिस अब उस नेटवर्क को खंगाल रही है जिसे रामबीरी हथियार पहुंचाने वाली थी.

रामबीरी फिलहाल पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है. पुलिस को उम्मीद है कि ‘चाची’ के जरिए मेरठ और खरगोन के बीच चल रहे इस अवैध हथियारों के पूरे कॉरिडोर का पर्दाफाश हो सकेगा. यह मामला उन सभी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक सबक है जो केवल शक के आधार पर चेकिंग करती हैं, क्योंकि अपराध का कोई चेहरा या उम्र नहीं होती.

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