सर्दियों में वरदान है केरल से आया ताड़ गुड़ चाय, बिना दूध और चीनी के बनती है, गले की जलन और कफ में असरदार

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मुंबई: खजूर देशभर में खाया जाता है और शादी के समय इसे दूसरे ड्रायफ्रूट्स के साथ बड़े चाव से लिया जाता है. कालीन खजूर के पेड़ से एक और चीज बनती है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. इसका नाम ताड़ गुड़ है, जिसे अंग्रेज़ी में Palm Jaggery कहते हैं. इसे दक्षिण भारत के राज्यों में बहुत पसंद किया जाता है. केरल राज्य में यह खास मशहूर है. इसे ताड़ के रस से बनाया जाता है, वही रस जिसे महाराष्ट्र में नीरा कहा जाता है.

इसे बनाने के लिए निरा को बड़े-बड़े बर्तनों में उबालकर तब तक पकाया जाता है, जब तक यह गाढ़ा सिरप न बन जाए. सफेद चीनी के विपरीत, इसका उत्पादन बिना किसी सिंथेटिक एडिटिव या ब्लीचिंग एजेंट के किया जाता है, जिससे इसका गहरा भूरा रंग और प्राकृतिक स्वाद बरकरार रहता है. इस नैचुरल गुड़ का इस्तेमाल औषधीय रूप में भी किया जाता है. इससे बनने वाली चाय इतनी स्वादिष्ट होती है कि एक बार पी लेने के बाद लोग दूध की चाय और कॉफ़ी भूल जाते हैं.

औषधीय गुणों से भरपूर है ताड़ गुड़ की चाय

पारंपरिक ताड़ गुड़ का इस्तेमाल औषधीय चाय बनाने के लिए किया जाता है. यह अक्सर श्वसन संबंधी बीमारियों से लड़ने के लिए चुने गए शक्तिशाली आयुर्वेदिक मसालों से युक्त होता है. इसका स्वाद इतना कड़क होता है कि 4 चम्मच पी लेने से ठंड में खराब गला और सर्दी-खांसी में तुरंत आराम मिलता है. केरला विलेज फ़ूड नामक संस्था के संचालक बताते हैं कि इस मिश्रण में आमतौर पर काली मिर्च होती है, जो कफ साफ करने और नाक बंद होने से राहत दिलाने में मदद करती है, और सूखा अदरक गले की जलन को शांत करता है तथा खांसी कम करता है. शरीर की गर्मी को संतुलित करने के लिए इसमें शीतलक प्रभाव वाले धनिया के बीज शामिल हैं. कुछ किस्मों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और फेफड़ों को साफ करने के लिए लंबी काली मिर्च और तुलसी भी मिलाई जाती है.

इस गुड़ को बनाने में 12 चीजें लगती है

इंटरनेशनल या फिर दूसरे फेयर में ताड़ गुड़ सिर्फ बेचा नहीं जा रहा है बल्कि पहले उन्हें इसकी चाय बनाकर चखाया जा रहा है. बहुत कम ही ऐसे लोग देखने मिल रहे हैं, जो चखने के बाद इसे ना खरीद रहे हो. यह 250 ग्राम आयुर्वेदिक टैड गुड़ ₹250में बेच रहे है, ₹400 में आधा किलो खीरी सकते है. यह छोटे-छोटे टुकड़ों में आता है. हर टुकड़े का आकार एक जितना ही होता है. एक टुकड़े में से 2 कप चाय बनती है. कई लोग चाय छोड़ कर इसे पीना शुरू कर चुके है. इस गुड़ को बनाने में पूरे 12 चीजे लगती है. जिसमें काली मिर्च, लंबी मिर्च, इलायची, सूखा अदरक, जीरा, तुलसी, काला जीरा, बटरफ्लाई पी, रूटा ग्रेवियोलें, कॉफ़ी पाउडर, अजवाइन और सबसे हरीरी ताड़ गुड़ शामिल हैं.

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