राज्य मानवाधिकार आयोग पहुंचा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों संग अभद्रता का मामला, अधिकारियों के खिलाफ एक्शन की मांग
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Magh Mela 2026: प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्यों के साथ कथित अभद्रता का मामला अब राज्य मानवाधिकार आयोग पहुंच गया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता डॉ गजेंद्र सिंह यादव ने मामले की शिकायत करते हुए निष्पक्ष जांच और उत्तरदायी अधिकारियों के खिलाफ एक्शन की मांग की गई है.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मेला प्रशासन को भेजा जवाब प्रयागराज. माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्यों के साथ कथित अभद्रता का मामला अब राज्य मानवाधिकार आयोग की दहलीज पर पहुंच गया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता डॉक्टर गजेंद्र सिंह यादव ने राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए दखल देने की मांग की है. शिकायत में कहा गया है कि मामला गंभीर है और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर उत्तरदायी अधिकारियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए.
मामला मानवाधिकार हनन की श्रेणी में
डॉ. गजेंद्र सिंह यादव द्वारा की गई शिकायत में कहा गया है कि यदि भीड़-नियंत्रण अथवा सुरक्षा कारणों से कोई प्रतिबंध आवश्यक था, तो वह समान, तर्कसंगत एवं आनुपातिक होना चाहिए था. चयनात्मक रोक, अपमानजनक व्यवहार अथवा वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में किया गया प्रशासनिक हस्तक्षेप संविधान प्रदत्त समानता का अधिकार (अनुच्छेद 14), धर्म की स्वतंत्रता (अनुच्छेद 25) तथा गरिमा के साथ जीवन के अधिकार (अनुच्छेद 21) का उल्लंघन करते हुए मानवाधिकार हनन की श्रेणी में आ सकता है. मानवाधिकार आयोग से मांग की गई है कि पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए. मेला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया, आदेश एवं बल-प्रयोग की समीक्षा की जाए.
आयोग से मामले का संज्ञान लेने की अपील
शिकायतकर्ता अधिवक्ता डॉ. गजेंद्र सिंह यादव ने आशा व्यक्त की है कि माननीय मानवाधिकार आयोग इस गंभीर प्रकरण का संज्ञान लेकर शीघ्र न्यायोचित कार्रवाई करेगा, जिससे धार्मिक स्वतंत्रता, मानवीय गरिमा एवं संविधान प्रदत्त अधिकारों की प्रभावी रक्षा सुनिश्चित हो सके.
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अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें