सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर मिलते ही चुनाव आयोग एक्शन में, SIR पर ममता की पुलिस को हड़काया
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पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर बवाल जारी है. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सख्त नाराजगी जताते हुए पुलिस प्रशासन को इंतजाम करने के आदेश दिए थे. इसके बाद चुनाव आयोग ने भी उसी आदेश का सहारा लेकर डीजीपी को सख्त पत्र लिखा है और जवाब मांगा है.
बंगाल एसआईआर सुनवाई पर चुनाव आयोग ने डीजीपी को सुनाया.सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद चुनाव आयोग तुरंत एक्शन मोड में आ गया है. आयोग ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार, मुख्य सचिव और पुलिस प्रशासन के पेंच कसते हुए एक बेहद सख्त पत्र जारी किया है. आयोग ने न केवल चुनाव ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई है, बल्कि ‘एसआईआर’ (SIR) प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस महानिदेशक (DGP) को कड़ी फटकार और निर्देश भी दिए हैं. आयोग ने राज्य सरकार को 24 जनवरी 2026 की शाम 5 बजे तक हर हाल में जवाब दाखिल करने और अनुपालन रिपोर्ट सौंपने का अल्टीमेटम दिया है.
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाहियों में गंभीर चूक पर कड़ी आपत्ति जताई है. मामला 5 अगस्त 2025 के एक पत्र से जुड़ा है, जिसमें आयोग ने कुछ ईआरओ (EROs), एईआरओ (AEROs) के निलंबन और डाटा एंट्री ऑपरेटरों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए थे. आयोग ने पाया कि राज्य सरकार ने आयोग से परामर्श किए बिना ही मनमाने ढंग से कार्यवाही की. राज्य ने एक अधिकारी को दोषमुक्त कर दिया और एक अन्य पर मामूली दंड लगाकर फाइल बंद कर दी. आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव आयोग की सिफारिश पर शुरू हुई किसी भी अनुशासनात्मक कार्रवाई को बंद करने या अंतिम निर्णय लेने से पहले आयोग से “अनिवार्य परामर्श” लेना जरूरी है. ऐसा न करने पर पूरी प्रक्रिया को “त्रुटिपूर्ण और अमान्य” माना जाएगा.
इन चार अधिकारियों की मांगी पूरी फाइल
SIR पर पुलिस और प्रशासन को सख्त निर्देश
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रियान्वयन और SIR को लेकर आयोग ने बंगाल पुलिस और प्रशासन को सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं. आयोग को आशंका है कि इस प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न की जा सकती है, इसलिए पहले ही चेतावनी जारी कर दी गई है.
- आयोग ने निर्देश दिया है कि SIR से जुड़े दस्तावेजों का संग्रह, आपत्तियां और सुनवाई प्रत्येक तालुका के ग्राम पंचायत भवनों, ब्लॉक कार्यालयों और शहरी क्षेत्रों में वार्ड कार्यालयों में आयोजित की जाएगी.
- राज्य सरकार मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराएगी ताकि काम सुचारू रूप से चले.
- ममता सरकार की पुलिस को स्पष्ट संदेश देते हुए आयोग ने कहा है कि SIR प्रक्रिया के दौरान शांति भंग नहीं होनी चाहिए.
- पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (DGP), कोलकाता पुलिस आयुक्त और सभी जिलों के एसपी (SP) यह सुनिश्चित करेंगे कि सुनवाई स्थलों पर कानून-व्यवस्था की कोई समस्या न हो.
- जिला कलेक्टर और एसपी को पर्याप्त बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं.
आयोग ने चेतावनी दी है कि यदि निर्देशों का उल्लंघन हुआ या SIR प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा डाली गई, तो संबंधित प्राधिकरणों और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. आयोग ने साफ कर दिया है कि वह निर्देशों के कड़ाई से अनुपालन को सुनिश्चित करे, अन्यथा अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे.
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Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें