महिला का 18 सेकेंड के एक वीडियो ने छीन ली शख्स की जान, उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार, कौन-कौन आया सवालों के घेरे में?
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kerala Viral video : केरल के कोझिकोड में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जहां 42 साल के युवक ने एक वायरल वीडियो से दुखी होकर अपनी जान दे दी. वीडियो में एक महिला ने उन पर बस यात्रा के दौरान बदसलूकी का आरोप लगाया था. जबकि, वीडियो में दिख रहा है कि महिला कैसे वीडियो बना रही है और वह शख्स उससे दूर भाग रहा है. केरला पुलिस ने अब वीडियो फैलाने वाली महिला शिम्जिता मुस्तफा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है. मानवाधिकार आयोग ने भी इस मामले में कड़ी जांच के आदेश दिए हैं.
सोशल मीडिया आज के दौर में जितना मददगार है, उतना ही खतरनाक भी साबित हो रहा है. केरल के कोझिकोड से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे देश को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या सोशल मीडिया ट्रायल किसी की जान ले सकता है? केरल पुलिस ने एक महिला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है, जिसका वायरल वीडियो कथित तौर पर एक निर्दोष व्यक्ति की मौत का कारण बना. यह घटना कोझिकोड के गोविंदपुरम इलाके की है. यहां रहने वाले 42 वर्षीय दीपक, जो एक निजी कंपनी में सेल्स मैनेजर के रूप में काम करता था, 18 जनवरी 2026 को अपने घर में मृत पाए गए. केरल पुलिस के अनुसार, दीपक ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली क्योंकि वह पिछले दो दिनों से गहरे तनाव और मानसिक दबाव में थे. इस तनाव की वजह था वह 18 सेकंड का वह वीडियो, जो 16 जनवरी को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था.
कौन है ये मुस्लिम महिला?
इस वीडियो को शिम्जिता मुस्तफा नामक महिला ने रिकॉर्ड किया और इंटरनेट पर अपलोड किया था. महिला का आरोप था कि पय्यानूर की बस यात्रा के दौरान दीपक ने उसके साथ दुर्व्यवहार और छेड़खानी की थी. वीडियो वायरल होते ही लोगों ने बिना सच्चाई जाने दीपक को ट्रोल करना शुरू कर दिया और उन पर भद्दे कमेंट्स किए गए. सार्वजनिक रूप से हुई इस बदनामी और चरित्र हनन ने दीपक को इस कदर तोड़ दिया कि उन्होंने मौत को गले लगाना बेहतर समझा. जबकि, वीडियो में दिख रहा है कि महिला खुद दीपक से सट रही है.
पुलिस और मानवाधिकार आयोग का एक्शन
दीपक की मौत के बाद उनके परिवार ने जिला पुलिस प्रमुख से संपर्क किया और आरोप लगाया कि वीडियो पूरी तरह से झूठा था और केवल सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए बनाया गया था. परिवार की शिकायत पर मेडिकल कॉलेज पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला शिम्जिता मुस्तफा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 108 आत्महत्या के लिए उकसाना के तहत मामला दर्ज किया है. वहीं, केरल राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी इस घटना का कड़ा संज्ञान लिया है. आयोग ने पुलिस उपमहानिरीक्षक उत्तरी क्षेत्र को इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करने का आदेश दिया है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि उन परिस्थितियों की गहराई से जांच होनी चाहिए जिनकी वजह से एक व्यक्ति को अपनी जान देनी पड़ी. आयोग ने पुलिस से एक सप्ताह के भीतर अब तक की गई जांच की रिपोर्ट मांगी है. इस मामले पर अगली सुनवाई 19 फरवरी को कोझिकोड में होगी.
‘सस्ती पब्लिसिटी’ के चक्कर में गई जान
दीपक के परिवार और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस घटना को सोशल मीडिया का काला चेहरा बताया है. कार्यकर्ताओं का कहना है कि आजकल लोग लाइक और व्यूज पाने के लिए किसी भी राह चलते व्यक्ति का वीडियो बना लेते हैं और उस पर झूठे आरोप मढ़ देते हैं. दीपक एक सम्मानित प्रोफेशनल थे और एक झटके में उनकी छवि खराब कर दी गई. पुलिस सूत्रों का भी कहना है कि शुरुआती जांच में वीडियो और महिला के दावों में कई विरोधाभास नजर आ रहे हैं. दीपक 16 जनवरी को जब घर लौटे थे, तभी से वे शांत थे. उन्होंने अपने कुछ करीबियों से कहा था कि वह बेगुनाह हैं और वीडियो में जो दिखाया जा रहा है, वह सच नहीं है. लेकिन तब तक वीडियो लाखों लोगों तक पहुंच चुका था. 18 जनवरी को जब वे कमरे से बाहर नहीं आए, तो घर वालों ने देखा कि उनकी मौत हो चुकी थी.
आगे की कार्रवाई और कानूनी पहलू
आरोपी महिला शिम्जिता अब पुलिस के रडार पर है. पुलिस यह जांच रही है कि क्या उसने जानबूझकर दीपक को फंसाने के लिए वीडियो रिकॉर्ड किया था. यदि अदालत में उकसाने का आरोप साबित हो जाता है, तो महिला को लंबी जेल की सजा हो सकती है. पुलिस उस मोबाइल फोन और वीडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच भी करवा रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या वीडियो के साथ कोई छेड़छाड़ की गई थी. इस घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि क्या सोशल मीडिया पर किसी के खिलाफ आरोप लगाने से पहले कोई कानून होना चाहिए?
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भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें