IAF Chief A P Singh Says Use Of Strong Military Force Necessary To Protect, Cites Iraq And Venezuela | इराक और वेनेजुएला से दुनिया ले सबक, IAF चीफ बोले- सिर्फ ताकत होना काफी नहीं, उसे इस्तेमाल करने का दम भी जरूरी!

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IAF Chief A P Singh : वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने स्पष्ट किया कि सैन्य शक्ति के बिना कोई भी राष्ट्र सुरक्षित नहीं है. उन्होंने इराक और वेनेजुएला का उदाहरण देते हुए सैन्य मजबूती की वकालत की. आर्थिक ताकत के साथ मजबूत सेना और उसे इस्तेमाल करने की इच्छाशक्ति बहुत जरूरी है. केवल संयम दिखाना अक्सर कमजोरी माना जाता है. हवाई शक्ति ने कई सैन्य ऑपरेशनों में खुद को सबसे निर्णायक साबित किया है.

इराक और वेनेजुएला से दुनिया ले सबक, IAF चीफ बोले- ताकत यूज करने का दम भी जरूरीसिर्फ संयम दिखाना कमजोरी है! IAF चीफ ने क्यों कहा कि ताकतवर होकर ही झुकाया जा सकता है दुश्मन? (Photo : PTI)

नई दिल्ली: वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का मानना है कि केवल आर्थिक या कूटनीतिक रूप से मजबूत होना किसी भी देश की सुरक्षा की पूरी गारंटी नहीं देता है. 22वें सुब्रतो मुखर्जी सेमिनार में उन्होंने कहा कि दुनिया के सामने वेनेजुएला और इराक जैसे देश इसके सबसे बड़े और डराने वाले उदाहरण हैं. इन देशों की कमजोर सैन्य स्थिति ने बाहरी ताकतों को हस्तक्षेप करने का खुला मौका दिया. वायुसेना प्रमुख ने जोर देकर कहा कि सैन्य शक्ति ही राष्ट्रीय शक्ति का अंतिम और सबसे बड़ा निर्णायक तत्व होती है. उनके अनुसार किसी भी देश को सुरक्षित रखने के लिए उसके पास सक्षम सैन्य बल होना अनिवार्य है. भारत को एक विश्वसनीय वैश्विक शक्ति बनाए रखने के लिए हवाई शक्ति पर निरंतर ध्यान देना होगा. आज की बदली हुई परिस्थितियों में वायुसेना किसी भी जंग का रुख पलटने की पूरी काबिलियत रखती है.

क्या बिना मजबूत सेना के कोई भी देश खुद को सुरक्षित और शक्तिशाली मान सकता है?

सैन्य शक्ति के बिना कोई भी देश अपनी संप्रभुता की रक्षा नहीं कर सकता है. एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने स्पष्ट किया कि आर्थिक और कूटनीतिक शक्ति तभी काम करती है जब उसके पीछे एक मजबूत सेना खड़ी हो. उन्होंने वेनेजुएला और इराक का उदाहरण देकर दुनिया को सचेत किया है. इन देशों ने सैन्य मजबूती को नजरअंदाज किया और बाहरी दबाव के सामने झुक गए. अंततः वही देश अपनी शर्तों पर जी सकता है जिसके पास सक्षम सेना होती है. किसी भी राष्ट्र की सुरक्षा का आधार उसकी सैन्य तैयारी पर ही टिका होता है. कूटनीति भी तभी सफल होती है जब सामने वाले को आपकी शक्ति का अंदाजा हो.

वायुसेना प्रमुख ने क्यों दी दुनिया को सैन्य इच्छाशक्ति दिखाने की ये बड़ी सलाह?

सिर्फ हथियार जमा कर लेना ही पर्याप्त सैन्य तैयारी नहीं होती है. उन हथियारों का सही समय पर प्रयोग करने की दृढ़ इच्छाशक्ति होना भी बहुत जरूरी है. यदि कोई देश केवल संयम दिखाता है तो दुश्मन उसे अक्सर उसकी कमजोरी समझ लेता है. संयम तभी एक गुण माना जाता है जब दुनिया आपकी असली मारक क्षमता से वाकिफ हो. जब एक शक्तिशाली देश संयम बरतता है तो उसे उसके आत्मविश्वास के रूप में देखा जाता है. बिना शक्ति के दिखाया गया संयम कायरता के समान माना जाता है. भारत ने बार-बार अपनी इच्छाशक्ति का परिचय देकर दुश्मनों के हौसले पस्त किए हैं. सेना की ताकत तभी प्रभावी होती है जब उसे जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल करने का साहस भी हो.

एयर पावर ही क्यों है आधुनिक युद्ध का सबसे घातक हथियार और भारत का सबसे विश्वसनीय रक्षक?

आधुनिक युद्ध कौशल में हवाई शक्ति ने खुद को सबसे निर्णायक साबित किया है. यह कम समय में दुश्मन पर बेहद सटीक और घातक प्रहार करने की क्षमता रखती है. चाहे फंसे हुए नागरिकों को निकालना हो या आतंकी ठिकानों को नष्ट करना हो. हाल के वर्षों में भारतीय वायुसेना ने कई जटिल अभियानों को बहुत ही सफाई से अंजाम दिया है. पाकिस्तान के एयरबेस और आतंकी कैंपों पर हुई कार्रवाई इसके सफल उदाहरण हैं. वायु शक्ति ने दुश्मन को कुछ ही घंटों में स्पष्ट और कड़ा संदेश देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. यही कारण है कि आज वायु शक्ति आधुनिक सैन्य रणनीति का सबसे अहम हिस्सा बन चुकी है. इसकी पहुंच और रफ्तार इसे अन्य सैन्य अंगों से अलग और प्रभावशाली बनाती है.

एयर मार्शल सुब्रतो मुखर्जी की गौरवशाली विरासत को कैसे और मजबूत बना रही है आज की हमारी आधुनिक वायुसेना?

भारतीय वायुसेना के संस्थापक एयर मार्शल सुब्रतो मुखर्जी ने बहुत ही कठिन समय में वायुसेना की नींव रखी थी. उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद देश को एक बेहतरीन हवाई फौज देने का सपना देखा था. आज भारतीय वायुसेना पहले से कहीं अधिक सक्षम और अत्याधुनिक संसाधनों से पूरी तरह लैस है. वर्तमान परिस्थितियों में वायुसेना के पास काम करने के लिए पहले से बेहतर वातावरण उपलब्ध है. हालांकि वायुसेना प्रमुख ने आगाह किया है कि हमें अपनी पिछली सफलताओं पर रुकना नहीं चाहिए. भविष्य की बड़ी चुनौतियों को देखते हुए हमें खुद को लगातार अपडेट करना होगा. भारतीय वायुसेना को अब और अधिक सशक्त और आधुनिक बनाने पर काम करना होगा. पुरानी उपलब्धियों के बजाय भविष्य की तैयारियों पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है.

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Deepak Verma

दीपक वर्मा (Deepak Verma) एक पत्रकार हैं जो मुख्‍य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों और समसामयिक विषयों से जुडी विस्तृत रिपोर्ट्स लिखते हैं. वह News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़…और पढ़ें

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