Kanpur News: Terror of 1.36 lakh dogs in Kanpur, fear of dog bites, now schools and hospitals will be safe like this : Uttar Pradesh News
कानपुर: शहर में लगातार बढ़ रहे आवारा कुत्तों के हमलों से आम लोग दहशत में हैं. हाल ही में कानपुर दक्षिण में एक बुजुर्ग और उससे पहले एक मासूम बच्चे पर कुत्ते के हमले ने प्रशासन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया. लोगों को राहत देने के लिए अब जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत हर सार्वजनिक स्थान पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे.
आए दिन सामने आ रहे कुत्तों के हमले
कानपुर में आवारा कुत्तों के काटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. कभी बुजुर्ग तो कभी बच्चे इनका शिकार हो रहे हैं. शहर के अलग अलग इलाकों से रोजाना ऐसे मामले सामने आते हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल है. खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों और सुबह शाम टहलने वाले बुजुर्गों के लिए यह समस्या गंभीर बनती जा रही है.
शहर में 1.36 लाख कुत्ते. चिंता का आंकड़ा
नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक कानपुर शहर में करीब 1.36 लाख कुत्ते हैं. इनमें बड़ी संख्या आवारा कुत्तों की है. बढ़ती आबादी के साथ इनके हमले भी बढ़ रहे हैं. कई इलाकों में लोग बच्चों को अकेले बाहर भेजने से डरने लगे हैं और अस्पतालों में डॉग बाइट के मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है.
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद फैसला
आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि पशु संरक्षण के साथ साथ आम नागरिकों, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सर्वोपरि है. कोर्ट के इन्हीं निर्देशों के बाद कानपुर जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज की है. जिला अधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर नोडल अधिकारी व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया है.
हर सार्वजनिक जगह पर होगा नोडल अधिकारी
अब स्कूल, अस्पताल, पार्क, बस अड्डे, रेलवे स्टेशन, स्टेडियम और अन्य सार्वजनिक परिसरों में नोडल अधिकारी तैनात किए जाएंगे. इन अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि उनके क्षेत्र में आवारा कुत्ते न घूमें. अगर कहीं कुत्तों की मौजूदगी पाई जाती है तो तुरंत नगर निगम या संबंधित विभाग को सूचना दी जाएगी, ताकि तत्काल कार्रवाई हो सके.
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने साफ कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा. बच्चों, मरीजों और आम लोगों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है. नोडल अधिकारियों की तैनाती के बाद किसी भी तरह की लापरवाही सामने आने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
स्टरलाइजेशन अभियान जारी
नगर निगम के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी आरके निरंजन ने बताया कि नगर निगम सीमा में 84 हजार से अधिक आवारा कुत्तों का स्टरलाइजेशन किया जा चुका है. यह अभियान लगातार चल रहा है. जिन इलाकों से शिकायत मिलती है, वहां तुरंत टीम भेजकर कार्रवाई की जाती है ताकि आवारा कुत्तों की संख्या और हमलों को नियंत्रित किया जा सके.
लोगों को राहत की उम्मीद
नोडल अधिकारी व्यवस्था लागू होने से शहरवासियों को बड़ी राहत की उम्मीद है. स्कूल जाने वाले बच्चों, अस्पताल आने वाले मरीजों और रोज सफर करने वाले यात्रियों को अब आवारा कुत्तों के आतंक से छुटकारा मिलने की आस है. अब देखना यह है कि यह व्यवस्था जमीन पर कितनी प्रभावी साबित होती है और लोगों को कब तक इसका वास्तविक लाभ मिल पाता है.