एक्टर नहीं, एहसास थे सुशांत सिंह राजपूत, धोनी से लेकर लखना तक, वो किरदार जो आज भी दिलों में जिंदा हैं
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आज अगर सुशांत सिंह राजपूत जिंदा होते तो अपना 40वीं जन्मदिन मना रहे होते. छोटी सी उम्र में लोगों को अपनी एक्टिंग से लोगों को लुभाने वाला एक ऐसा नाम, जो भले ही हमारे बीच न हो, लेकिन उनके निभाए किरदार आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा हैं. चलिए उनके उन बेस्ट रोल्स पर नजर डालते हैं, जिन्होंने कभी हंसाया तो कभी रुलाया.

नई दिल्ली. सुशांत सिंह राजपूत सिर्फ एक एक्टर नहीं थे, वह एक ऐसा एहसास थे, जो पर्दे से उतरकर सीधे दिलों में बस गया. इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़ अभिनय की दुनिया में कदम रखने वाले सुशांत ने कम समय में असाधारण पहचान बना ली. उन्होंने हर किरदार को सिर्फ निभाया नहीं, बल्कि जिया. एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी में एक साधारण लड़के से देश के सबसे सफल क्रिकेट कप्तान बनने तक का सफर हो या सोनचिरैया के लखना के रूप में आत्मग्लानि और विद्रोह से जूझता एक बागी… सुशांत ने हर भूमिका में अपनी आत्मा झोंक दी. सुशांत भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके निभाए ये किरदार उन्हें हमेशा जिंदा रखेंगे…

काय पो छे! (2013): चेतन भगत के उपन्यास ‘द 3 मिस्टेक्स ऑफ माई लाइफ’ पर आधारित इस फिल्म से सुशांत ने बॉलीवुड में कदम रखा. गुजरात में फ्रेंडशिप, एम्बिशन और रियलिटी की कहानी में उन्होंने इशान-क्रिकेटर से कोच बने-का रोल निभाया. रॉ, एनर्जेटिक और इमोशनल परफॉर्मेंस ने उन्हें स्क्रीन अवॉर्ड फॉर बेस्ट मेल डेब्यू दिलाया. (Image: IMDb)

शुद्ध देशी रोमांस (2013): जयपुर में सेट इस रोमांटिक कॉमेडी में सुशांत ने रघु नाम का किरदार निभाया था, जो कन्फ्यूज्ड, कमिटमेंट-फोबिक युवक है. उनकी नैचुरल कॉमेडी और रियलिस्टिक रोमांस ने फिल्म को हिट बनाया। (Image: IMDb)
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डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी (2015): इस फिल्म सुशांत सिंह राजपूत ने 1940 के दशक के कलकत्ता में इस मशहूर जासूस का किरदार निभाया था. सुशांत ने आइकॉनिक स्लूथ को नर्वस, रॉ और इंटेलेक्चुअल वल्नरेबिलिटी के साथ पोर्ट्रे किया. (Image: IMDb)

एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी (2016): सुशांत के करियर का टर्निंग पॉइंट रही फिल्म ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’. नीरज पांडे के निर्देशन में बनी इस बायोपिक में उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का किरदार निभाया।. धोनी के जीवन के हर पड़ाव-संघर्ष, सफलता और संयम को सुशांत ने बखूबी पर्दे पर उतारा. हेलिकॉप्टर शॉट से लेकर धोनी की शांत प्रवृत्ति तक, उनकी परफॉर्मेंस को आज भी याद किया जाता है. (Image: IMDb)

केदारनाथ (2018): अभिषेक कपूर की इस फिल्म ने 2013 की उत्तराखंड की भयावह बाढ़ की पृष्ठभूमि में एक हिंदू लड़की और एक मुस्लिम कुली की प्रेम कहानी दिखाई. सुशांत ने मंसूर का किरदार निभाया, जो भाग्य से टकराते एक ऐसे प्रेम में उलझ जाता है. उनका अभिनय बेहद सादा, संवेदनशील और प्रभावशाली रहा. (Image: IMDb)

सोनचिरिया (2019): चंबल वैली में सेट इस ग्रिट्टी डकैत ड्रामा में सुशांत ने लखना का किरदार निभाया. ऐसा बगावती जो आजादी ढूंढता है. उन्होंने इस किरदार के लिए कई दिनों तक नहाना नहीं छोड़ा और रियल लोकेशन पर रहकर किरदार में ढलने की कोशिश की. उनकी इंटेंसिटी कमाल की थी. (Image: IMDb)

छिछोरे (2019): नितेश तिवारी निर्देशित यह स्लाइस-ऑफ-लाइफ ड्रामा कॉलेज लाइफ, फ्रेंडशिप, फेलियर और कभी हार न मानने की सीख देता है. सुशांत ने अनी का रोल प्ले किया. इस फिल्म में उन्होंने केयरफ्री स्टूडेंट से रिस्पॉन्सिबल फादर तक का सफर. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की और सुशांत की वर्सेटाइलिटी दिखाई. (Image: IMDb)

दिल बेचारा (2020): यह सुशांत की आखिरी फिल्म थी, मुकेश छाबड़ा निर्देशित इस फिल्म को जिसने देखा उसी आंखे नम हुईं. ये फिल्म जॉन ग्रीन के उपन्यास ‘द फॉल्ट इन अवर स्टार्स’ पर आधारित है. दो ऐसे युवाओं की कहानी जो लाइलाज बीमारी से जूझते हुए भी प्रेम ढूंढ लेते हैं. (Image: IMDb)