न शोरूम, न चमक, फिर भी लगी रहती है लाइन, जानिए गिरवर पान भंडार का असली राज
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Hyderabad News : 30 साल पुरानी इस छोटी सी दुकान पर लगने वाले पान का जलवा कुछ ऐसा है कि जो भी इसे एक बार खा लेता है. तो फिर वह इस पान के स्वाद को भूल नहीं पाता है. पान की इस दुकान पर कोलकाता से लेकर बनारस के पत्ते पर पान का एक बेहतरीन स्वाद मिलता है और खाने वालों की माने तो उनका ऐसा कहना है यहां जैसा पान कहीं और नहीं मिल पाता है.

करौली की हिंडौन सिटी में पान खाने के शौकीनों के लिए कई ठिकाने मौजूद हैं, लेकिन एक ठिकाने ने बीते तीन दशकों से अपनी अलग पहचान बना रखी है तो वह है गिरवर पान भंडार. यह कोई बड़ी दुकान नहीं, न ही कोई चमक-दमक वाला शोरूम, लेकिन इसके पान का स्वाद ऐसा है कि यहां सुबह से देर रात तक ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है. हालात ऐसे हो जाते हैं कि कई बार लोगों को पान खाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है.

इसके पान को खाने वाले शौकीन कहते है कि जो खा ले गिरवर का बनारसी पान, फिर छूट जाए बाकी पानों का ध्यान. कोई इसे अक्ल का ताला खोलने वाला बताता है तो कोई गला एकदम साफ कर देने वाला. यही वजह है कि 30 साल पुरानी इस दुकान का नाम आज भी लोगों की जुबान पर है.

गिरवर पान भंडार पर मिलने वाला पान कोलकाता और बनारस के उम्दा पत्तों पर तैयार किया जाता है, जबकि इसमें डाली जाने वाली सुपारी खासतौर पर अहमदाबाद से मंगाई जाती है. इसके पान की कीमत ₹20 से शुरू होकर ₹150 तक जाती है, लेकिन हर कीमत पर गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाता.
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कई वर्षों से यहां पान खा रहे बबलू कुमार बताते हैं कि उन्होंने देश के कई शहरों में पान खाया है, लेकिन गिरवर के पान जैसा स्वाद कहीं नहीं मिला. उनका कहना है इनका पान का पत्ता बेहद फ्रेश और लाजवाब होता है, वहीं मसाले का संतुलन ऐसा कि गला खराब होने पर भी पान राहत दे देता है.

वहीं रात के समय पान खाने आए राहुल वशिष्ठ बताते हैं कि नियमित ग्राहकों की वजह से यहां सुबह-शाम लाइन लगी रहती है. शादी-विवाह के सीजन में तो इंतजार और भी बढ़ जाता है.

गिरवर पान भंडार के संचालक मुकेश पाराशर बताते हैं कि पान खाने का शौक ही उनकी रोजी-रोटी बन गया. करीब 30 साल पहले उन्होंने इस दुकान की शुरुआत की थी. उनका कहना है कि उनका मकसद सिर्फ पान बेचना नहीं, बल्कि ग्राहक को ऐसा स्वाद देना है कि वह संतुष्ट होकर लौटे.

मुकेश पाराशर बताते हैं कि वह पान में हमेशा उच्च क्वालिटी का कत्था और बेहतरीन सामग्री का ही इस्तेमाल करते हैं. सुपारी अहमदाबाद से और पत्ते कोलकाता-बनारस साइड से मंगाए जाते हैं.यही कारण है कि छोटी सी यह दुकान आज हिंडौन ही नहीं, आसपास के इलाकों में भी पान के शौकीनों की पहली पसंद बनी हुई है.