डिजिटल सट्टे का जाल! मोबाइल से करोड़ों की बाजी, कैसे चलता है ऑनलाइन बैटिंग का खेल?

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खैरागढ़. जिले से ‘शिवा बुक’ ऑनलाइन सट्टा एप का मामला बदलते अपराध मॉडल की एक बड़ी और चिंताजनक मिसाल है, जिसमें छोटे दांव से शुरू होकर करोड़ों रुपये का अवैध लेनदेन डिजिटल तरीके से संचालित किया जा रहा था. ऑनलाइन सट्टा पारंपरिक जुए का ही आधुनिक रूप है, जिसमें मैदान, फड़ या बुक्की की जगह मोबाइल एप और वेबसाइट ने ले ली है. ऐसे एप अक्सर अलग अलग नामों से चलते हैं, ताकि पहली नज़र में ये वैध ऑनलाइन गेम या स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म लगें. वास्तव में इनका मकसद लोगों से क्रिकेट, फुटबॉल, कैसीनो गेम, कार्ड गेम या लाइव मैचों पर रुपये लगवाना होता है. इस तरह के नेटवर्क सबसे पहले व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम या फेसबुक के जरिए संपर्क करते हैं.

पुलिस ने बताया कि ‘शिवा बुक’ जैसे एप अक्सर एक नाम से ज्यादा दिन नहीं चलते. पुलिस या साइबर एजेंसियों की नजर पड़ने से पहले ही इन्हें बंद कर नया नाम और नया पैनल शुरू कर दिया जाता है, जैसे 100 पैनल, फेयर प्ले या किसी इंटरनेशनल ब्रांड जैसा नाम. सर्वर, डोमेन और लॉगिन सिस्टम विदेश या दूसरे राज्यों में शिफ्ट कर दिए जाते हैं, ताकि जांच एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके.

10 करोड़ रुपये के लेनदेन, ऑनलाइन सट्टा साइबर क्राइम का बड़ा चेहरा
खैरागढ़ प्रकरण में करीब 8 से 10 करोड़ रुपये के लेनदेन का सामने आना इसी डिजिटल मनी ट्रेल की गंभीरता को दिखाता है. लैपटॉप, मल्टी सिम, हाई-स्पीड वाई-फाई, वीपीएन और क्लाउड सर्वर इस नेटवर्क के जरूरी औजार होते हैं. एक कमरे में बैठा व्यक्ति देश के अलग-अलग हिस्सों में बैठे हजारों यूजर्स से जुड़ा रहता है. यही वजह है कि अब ऑनलाइन सट्टा सिर्फ स्थानीय अपराध नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय और साइबर क्राइम का बड़ा चेहरा बन चुका है.

ऑनलाइन सट्टा गंभीर अपराध
छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022, आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत ऑनलाइन सट्टा गंभीर अपराध है. इसमें न केवल आर्थिक धोखाधड़ी, बल्कि साइबर फ्रॉड और संगठित अपराध की श्रेणी में कार्रवाई होती है. खातों की सीजिंग, डिजिटल उपकरणों की जब्ती और लंबी सजा का प्रावधान कानून में मौजूद है.  गुरुग्राम जाकर ब्रांच ध्वस्त करना यह साफ संकेत है कि अब ऑनलाइन सट्टा चलाने वाले यह न समझें कि दूरी या तकनीक उन्हें बचा लेगी. डिजिटल अपराधों के खिलाफ पुलिस भी तकनीकी स्तर पर मजबूत हो रही है और ऐसे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रही है.

पूरे नेटवर्क को पकड़ा जाएगा
एडिशनल एसपी नितेश गौतम ने कहा कि पूरे नेटवर्क को पकड़ा जाएगा. शुरुआती जांच में जो नाम सामने आए हैं; उनके तथ्‍यों की जांच हो रही है. बदमाश चाहे जो हों, कानून अपना काम करेगा और इस रैकेट के मास्‍टरमाइंड से लेकर छोटे-बड़े बदमाशों को न्‍याय के दायरे में लाया जाएगा. पुलिस टीमें अलर्ट हो चुकी हैं.

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