Noida Engineer Death Case| IAS Officer| UPSC| Noida Authority CEO Lokesh M: कौन हैं लोकेश एम, BDS के बाद पास की UPSC, इंजीनियर मौत मामले में सस्पेंड
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IAS Story, Noida CEO Ki Kahani: नोएडा में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की डूबने से मौत हो गई.जिसके बाद यूपी सरकार ने यहां के सीईओ डॉ.लोकेश एम को पद से हटा दिया है.आइए आपको बताते हैं कि लोकेश एम आखिर हैं कौन और वह कैसे डेंटिस्ट से आईएएस अधिकारी बने थे? क्या है उनकी पूरी कहानी…
IAS Officer, UPSC, upsc exam, Engineer Death Case, Noida techie death: आईएएस लोकेश एम कौन हैं?IAS Story, Noida CEO Ki Kahani: आजकल नोएडा में एक बड़ा हंगामा मचा हुआ है. एक 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद UP गवर्नमेंट ने नोएडा अथॉरिटी के CEO डॉ. लोकेश एम को पोस्ट से हटा दिया और वेटिंग में डाल दिया. लोकेश एम IAS अधिकारी हैं. इस घटना के बाद वह काफी सुर्खियों में हैं. आइए जानते हैं कि लोकेश एम कैसे IAS बने, उनका बैकग्राउंड क्या है और अब क्यों सस्पेंड हो गए?
Who is Dr. Lokesh M: बेंगलुरु के रहने वाले हैं डॉ. लोकेश एम
डॉ. लोकेश एम का जन्म 4 अप्रैल 1976 को बेंगलुरु में हुआ.वे UP कैडर के 2005 बैच के IAS अधिकारी हैं. IAS बनने से पहले उन्होंने बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (BDS) की डिग्री ली और थोड़े समय के लिए डेंटिस्ट के तौर पर काम भी किया. मतलब लोकेश एम मेडिकल बैकग्राउंड से आते हैं. नोएडा अथॉरिटी में CEO रहते हुए वो अपनी सख्त एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाइल के लिए जाने जाते थे. उन्होंने ऑफिस में स्टाफ की मॉनिटरिंग के लिए CCTV कैमरे लगवाए थे.जिसके बाद वह काफी चर्चा में रहे.
Dr. Lokesh M Posting details: IAS बनने के बाद कहां-कहां रही पोस्टिंग?
लोकेश एम का IAS बनने का रास्ता काफी इंस्पायरिंग है. BDS करने और डेंटिस्ट बनने के बाद उन्होंने सिविल सर्विसेज की तैयारी की और 2005 में IAS में सिलेक्ट हो गए. UP कैडर मिला और करियर की शुरुआत 2006 में अलीगढ़ में असिस्टेंट मजिस्ट्रेट और कलेक्टर के तौर पर हुई. फिर 2007 में सहारनपुर में जॉइंट मजिस्ट्रेट बने. पहली बार डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) का पद 2009 में कौशांबी में मिला. उसके बाद अमरोहा, गाजीपुर, एटा, कुशीनगर और मैनपुरी में DM रहे.2021 में वह सहारनपुर के डिविजनल कमिश्नर बने फिर कानपुर में भी यही पोस्ट संभाली. आखिर में 2023 से नोएडा अथॉरिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) बनाए गए. पूरे करियर में वो कंट्रोल और डिसिप्लिन पर जोर देते रहे, लेकिन अब एक घटना ने सब उलट दिया.
अब क्यों हटाए गए लोकेश एम, क्या है पूरा मामला?
ये सारा बवाल शुरू हुआ युवराज मेहता की मौत से.वह एक 27 साल का सॉफ्टवेयर इंजीनियर था. घटना शुक्रवार रात की है जब युवराज गुरुग्राम से अपनी रेजिडेंस टाटा यूरेका पार्क सेक्टर 150, नोएडा जा रहे थे. घना कोहरा था विजिबिलिटी कम थी.उनकी कार 20 फुट गहरे बेसमेंट एक्सकेवेशन पिट में गिर गई जो पानी से भरा था. वो पिट एक बिल्डिंग प्रोजेक्ट का था, लेकिन वहां कोई बैरिकेड्स, रिफ्लेक्टर्स या वार्निंग साइनेज नहीं थे. बेसिक सेफ्टी मेजर्स भी मिसिंग थे जो बड़ा लापरवाही का मामला है.रात 12:15 के आसपास पुलिस को इसकी जानकारी मिली, लेकिन रेस्क्यू शनिवार सुबह तक चला. इस रेस्क्यू में पुलिस, फायर डिपार्टमेंट, SDRF और NDRF की टीमें शामिल थीं.लोगों को आरोप है कि रेस्क्यू में देरी हुई. रेस्क्यूर्स ठंडे पानी और पिट में निकले आयरन रॉड्स की वजह से हिचकिचा रहे थे. इसी दौरान युवराज ने अपनी डूबती कार से पापा को कॉल किया और कहा मुझे बचा लीजिए, लेकिन युवराज को समय पर मदद नहीं मिली. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह एंटीमॉर्टम ड्राउनिंग, उसके बाद एस्फिक्सिया और कार्डियक अरेस्ट बताई गई.
लोगों में गुस्सा, उठे सवाल
इस मौत से पब्लिक में गुस्सा भड़क गया.रोड सेफ्टी और रेस्क्यू में लापरवाही पर सवाल उठे. CM योगी आदित्यनाथ ने तुरंत एक्शन लिया.लोकेश एम को नोएडा अथॉरिटी CEO के पोस्ट से हटा दिया और वेटिंग में डाल दिया.साथ ही एक तीन सदस्य स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई जो ADG मेरठ जोन के अंडर है और उसे 5 दिनों में रिपोर्ट सबमिट करने को कहा है. जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार को पहले ही डिसमिस कर दिया गया है और ट्रैफिक व साइट मैनेजमेंट से जुड़े अन्य ऑफिसर्स को शो-कॉज नोटिस जारी हुए हैं.डॉ. लोकेश एम की स्टोरी BDS से IAS बनने तक की है. 2005 बैच, UP कैडर, कई DM पोस्ट्स, डिविजनल कमिश्नर और फिर 2023 में नोएडा CEO. वो डिसिप्लिन और पब्लिक सर्विस के लिए जाने जाते थे, लेकिन युवराज मेहता की मौत ने उनकी प्रशासनिक व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं.
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न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. न्यूज 18 में एजुकेशन, करियर, सक्सेस स्टोरी की खबरों पर. करीब 15 साल से अधिक मीडिया में सक्रिय. हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर के प्रिंट व …और पढ़ें