केरल का सेक्युलर मॉडल खतरे में? कांग्रेस ने CM पिनराई विजयन को घेरा, माकपा लीडरशिप पर उठाए गंभीर सवाल

Share to your loved once


Last Updated:

Kerala Politics: कांग्रेस विधायक वी.डी. सतीशन ने माकपा और पिनराई विजयन पर केरल में साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण का आरोप लगाया. इसके साथ ही उन्होंने नीलांबूर उपचुनाव में यूडीएफ की जीत और जमात-ए-इस्लामी पर बयान को भी खारिज किया. उन्होंने याद दिलाया कि अतीत में माकपा खुद भी इस संगठन से संवाद कर चुकी है.

ख़बरें फटाफट

केरल का सेक्युलर मॉडल खतरे में? कांग्रेस ने CM पिनराई विजयन को घेरावी.डी. सतीशन ने केरल के सीएम पिनराई विजयन पर निशाना साधा है. (फाइल फोटो)

कोच्चि. केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने सत्तारूढ़ माकपा पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन जानबूझकर राज्य को खतरनाक साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण की ओर धकेल रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी राजनीति केरल की धर्मनिरपेक्ष बुनियाद को अपूरणीय नुकसान पहुंचाएगी. माकपा के वरिष्ठ नेताओं, जिनमें मंत्री साजी चेरियन भी शामिल हैं, के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए सतीशन ने कहा कि केरल के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार है जब संविधान की शपथ लेने वाले किसी मंत्री ने लोगों से चुनावी विजेताओं के धर्म और जाति का आकलन करने की बात कही है.

उन्होंने कहा, “यह केवल गैर-जिम्मेदाराना नहीं, बल्कि क्रूर और खतरनाक है. यह केरल को उस बिंदु तक ले जाता है, जहां इस राज्य के निर्माण के मूल्यों को दफन कर दिया जाएगा.” सतीशन ने आरोप लगाया कि माकपा अब उसी रास्ते पर चल पड़ी है, जिस पर कभी संघ परिवार चला करता था- राजनीतिक लाभ के लिए साम्प्रदायिक विभाजन पैदा करना. उन्होंने कहा, “पहले इस मॉडल को संघ परिवार ने परिपक्व किया. आज माकपा उसकी नकल कर रही है और मुख्यमंत्री इसे संरक्षण दे रहे हैं.”

सतीशन ने यह भी आरोप लगाया कि विवादास्पद बयान मुख्यमंत्री की जानकारी में दिए गए. यह कहते हुए कि केरल किसी एक नेता से बड़ा है, विपक्ष के नेता ने कहा, “पिनराई विजयन और वी.डी. सतीशन एक दिन भुला दिए जाएंगे, लेकिन केरल बना रहेगा. इसकी धर्मनिरपेक्ष नींव को आग लगाना आने वाली पीढ़ियों के साथ क्रूरता है.” समुदाय के नेताओं से मुलाकातों को लेकर हो रही आलोचनाओं को खारिज करते हुए सतीशन ने कहा कि साम्प्रदायिकता का विरोध करने और सामाजिक नेताओं से संवाद करने में कोई विरोधाभास नहीं है.

उन्होंने कहा, “वोट किसी की निजी संपत्ति नहीं हैं, फैसला जनता करती है. राजनीतिक नेता समाज के सभी वर्गों से मिलते हैं. मैंने कभी किसी समुदाय या नेता का अपमान नहीं किया.” नीलांबूर उपचुनाव का जिक्र करते हुए सतीशन ने कहा कि साम्प्रदायिक भय फैलाने की कोशिशें वहां बुरी तरह विफल रहीं और यूडीएफ ने 11,000 से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की. उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा बार-बार जमात-ए-इस्लामी का नाम लेकर डर का माहौल बनाने की कोशिशों को भी खारिज किया और याद दिलाया कि अतीत में माकपा खुद भी इस संगठन से संवाद कर चुकी है.

किसी भी व्यक्तिगत या राजनीतिक परिणाम का सामना करने के लिए तैयार होने की बात कहते हुए सतीशन ने कहा कि वह अपने रुख से पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने कहा, “अगर मैं साम्प्रदायिकता के खिलाफ लड़ते हुए गिरता हूं, तो वह एक वीरतापूर्ण पतन होगा,” और चेतावनी दी कि विभाजनकारी राजनीति के साथ माकपा का यह खेल केरल में “उसके अंत की शुरुआत” साबित होगा.

About the Author

Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

homenation

केरल का सेक्युलर मॉडल खतरे में? कांग्रेस ने CM पिनराई विजयन को घेरा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP