अयप्पा मंदिर के गर्भगृह से सोना कैसे गायब हुआ? केरल हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी, सबरीमला में ‘साधारण चोरी नहीं’

Share to your loved once


Last Updated:

Sabarimala Temple: सबरीमला मंदिर स्वर्ण चोरी मामले में केरल हाईकोर्ट ने देवस्वम संपत्तियों की सुनियोजित लूट की आशंका जताई है. इस मामले में एसआईटी जांच कर रही है, जिसमें अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. केस की अगली सुनवाई 9 फरवरी को होगी.

ख़बरें फटाफट

अयप्पा मंदिर के गर्भगृह से सोना कैसे गायब हुआ? केरल हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणीकेरल हाईकोर्ट ने आशंका जताई कि सबरीमला मंदिर में सोने की चोरी प्लानिंग के तहत की गई. (फाइल फोटो)

कोच्चि. सबरीमला मंदिर में कथित स्वर्ण चोरी मामले में केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को कड़ी टिप्पणियां करते हुए कहा कि भगवान अयप्पा के गर्भगृह में लगे सोने के प्लेटों को योजनाबद्ध तरीके से हटाया गया प्रतीत होता है और यह देवस्वम संपत्तियों की सुनियोजित लूट का मामला हो सकता है. डिवीजन बेंच ने निरीक्षण से जुड़ी मौजूदा रिपोर्टों को ‘गंभीर और चिंताजनक’ करार देते हुए इस बात पर गंभीर संदेह जताया कि क्या मंदिर की संपत्तियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी जिन पर थी, वही इस कथित अपराध के सूत्रधार थे.

सन्निधानम में कथित स्वर्ण चोरी से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि सोने से जुड़े कार्यों में बड़े पैमाने पर हेरफेर के संकेत मिलते हैं, जिनमें सोने की परत चढ़े दरवाजों के पैनल भी शामिल हैं. विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) द्वारा प्रस्तुत प्रारंभिक निरीक्षण रिपोर्ट का हवाला देते हुए अदालत ने कहा कि इससे इस आशंका को बल मिलता है कि मूल सोने की प्लेटों को बदल दिया गया हो सकता है.

बेंच ने इस बात पर जोर दिया कि यह वैज्ञानिक रूप से तय किया जाना जरूरी है कि मौजूदा प्लेटें पुरानी हैं या नई. अदालत ने विशेष जांच दल (एसआईटी) को 20 जनवरी को पुनः निरीक्षण करने का निर्देश देते हुए सन्निधानम में दरवाजों के पैनलों और अन्य स्वर्ण जड़ित संरचनाओं को सटीक रूप से मापने और जांचने की अनुमति दी.

पुराने दरवाजों की भी जांच की जाएगी. अदालत ने कहा कि प्रत्येक सोने की प्लेट की आयु और गुणवत्ता का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाना चाहिए. हाईकोर्ट ने वीएसएससी के उन अधिकारियों के विस्तृत बयान दर्ज करने का भी आदेश दिया, जिन्होंने निरीक्षण किया था, यह कहते हुए कि रिपोर्ट अत्यंत तकनीकी है और इसमें और स्पष्टता की आवश्यकता है.

यदि जरूरत पड़ी, तो एसआईटी को अन्य वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता लेने की भी अनुमति दी गई है. हालांकि, अदालत ने कहा कि अपराध की कार्यप्रणाली वैज्ञानिक रूप से पहले ही स्थापित हो चुकी है, लेकिन जांच प्रभावित न हो, इस कारण उसने इस स्तर पर तकनीकी विवरण सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया.

रिकॉर्ड पर उपलब्ध निष्कर्षों को सुनियोजित और संगठित कार्रवाई का संकेत बताते हुए अदालत ने कहा कि यह ‘साधारण चोरी नहीं’ बल्कि देवस्वम संपत्तियों की व्यवस्थित लूट की ओर इशारा करता है. बेंच ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि मंदिर की संपत्तियों की रक्षा की जिम्मेदारी जिन पर थी, वे स्वयं इसमें संलिप्त हो सकते हैं.

एसआईटी ने अदालत को बताया कि फिलहाल 13 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है. चोरी के बाद कथित रूप से पिघलाए गए सोने का पता लगाने के प्रयास जारी हैं. अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की पहचान के लिए आरोपियों के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है. इस मामले की अगली सुनवाई हाईकोर्ट में 9 फरवरी को होगी.

About the Author

Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

homenation

अयप्पा मंदिर के गर्भगृह से सोना कैसे गायब हुआ? केरल हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP