संविधान बचाना है तो गांवों को ताकत देनी होगी, राहुल गांधी ने महापंचायत से दिया केरल मॉडल का रोडमैप
Last Updated:
राहुल गांधी ने बीजेपी और संघ पर हमला बोला.कोच्चि. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केरल के स्थानीय निकाय चुनाव में यूडीएफ की जीत का हवाला देते हुए सोमवार को कहा कि विधानसभा चुनाव में भी इस विपक्षी मोर्चे की विजय होगी और फिर प्रदेश से बेरोजगारी खत्म करने एवं नौकरियों के सृजन के मिशन पर काम होगा. उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर सत्ता के केंद्रीकरण का प्रयास करने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी पार्टी विकेंद्रीकरण में विश्वास करती है.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने यहां स्थानीय निकाय चुनाव में निर्वाचित हुए कांग्रेस सदस्यों की एक ‘महापंचायत’ में यह भी कहा कि कांग्रेस त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 73वां और 74वां संवैधानिक संशोधन लेकर आई. कांग्रेस नेता ने यह आरोप भी लगाया कि केंद्र की राजग सरकार ने मनरेगा पर ‘हमला’ किया, क्योंकि इसे स्थानीय संस्थानों के माध्यम से लागू किया गया था. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संविधान की रक्षा का मतलब जमीनी स्तर पर विकेंद्रीकृत शासन की रक्षा करना भी है.
गांधी ने कहा कि लोकतंत्र का मूल सिद्धांत यह है कि वोट नागरिकों की आवाज है और इस आवाज की रक्षा की जानी चाहिए. उन्होंने दावा किया कि भाजपा और आरएसएस केंद्रीकरण के पक्ष में हैं, जबकि कांग्रेस विकेंद्रीकरण की समर्थक है. कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा और आरएसएस देश के लोगों की आवाज सुनने की जगह उनसे अपनी बात मनवाना चाहते हैं. गांधी ने एक पुरस्कार समारोह में मलयालम लेखिका एम लीलावती के साथ अपनी बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि 98 वर्षीय लेखिका ने ‘चुप्पी की संस्कृति’ के बारे में बात की. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस के वैचारिक हमले का मकसद चुप्पी साधने के लिए विवश करना है.
गांधी ने कहा, “वे चाहते हैं कि भारत चुप रहे. वे नहीं चाहते कि भारत अपनी बात व्यक्त करे. वे इस देश की संपत्ति को कुछ व्यापारिक घरानों को सौंपना चाहते हैं.” उन्होंने कहा कि देश की संपत्ति को कुछ चुनिंदा लोगों के हाथों में केंद्रित करने के लिए लोगों को चुप कराना जरूरी है. हालांकि, गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि केरल के लोगों को चुप नहीं कराया जा सकता और वे चुनाव के माध्यम से अपनी बात रखेंगे. उन्होंने केरल में स्थानीय निकाय चुनावों विशेषकर पंचायत स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) को भी बधाई दी.
गांधी ने पंचायत चुनावों के नतीजों पर खुशी व्यक्त की और कहा कि कांग्रेस तथा यूडीएफ ने स्थानीय स्वशासन के सभी स्तरों पर शानदार प्रदर्शन किया. कांग्रेस नेता ने कहा कि दिल्ली में कुछ बैठकों के दौरान वरिष्ठ नेताओं की अलग-अलग राय थी, लेकिन उन्हें पार्टी की जीत का विश्वास है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और यूडीएफ नेतृत्व के सामने बड़ा सवाल यह है कि जीतने के बाद वे क्या करेंगे. कांग्रेस नेता ने कहा, “राज्य में बेरोजगारी की बहुत बड़ी समस्या है और यूडीएफ तथा कांग्रेस को इसका समाधान करना होगा.” उन्होंने विश्वास जताया कि यूडीएफ नेतृत्व में लोगों की जरूरतों को समझने एवं उन्हें पूरा करने की क्षमता है.
बाद में, उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “केरल को सिर्फ सत्ता की जरूरत नहीं है, उसे एक योजना की जरूरत है. यूडीएफ सरकार एक स्पष्ट मिशन पर ध्यान केंद्रित करेगी: बेरोजगारी समाप्त करना और केरल के लोगों के लिए नौकरियां प्रदान करना.” गांधी ने कहा कि किसी भी सरकार को सफल होने के लिए उसे लोगों के करीब होना चाहिए और उनके साथ जुड़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि कांग्रेस और यूडीएफ नेतृत्व विनम्र रहेगा तथा जनता से जुड़ा रहेगा.
About the Author
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें