डिफेंस, स्पेस और टेक्नोलॉजी… भारत-यूएई रिश्तों में नया अध्याय, 12 बड़े समझौतों से साझेदारी को मिली रफ्तार
यूएई के राष्ट्रपति के भारत दौरे के दौरान भारत और यूएई के बीच कई अहम समझौते हुए। इन समझौतों का मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक, ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष और निवेश के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करना है।
*मुख्य समझौते इस प्रकार हैं:*
1. भारत में एक सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर स्थापित करने का समझौता। इससे देश में हाई-टेक रिसर्च और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा मिलेगा।
2. भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की संस्था APEDA और यूएई के जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण मंत्रालय के बीच खाद्य सुरक्षा और तकनीकी मानकों को लेकर समझौता। इससे दोनों देशों के बीच कृषि और खाद्य उत्पादों के व्यापार में आसानी होगी।
3. हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी गैस (ADNOC Gas) के बीच गैस की खरीद-बिक्री को लेकर समझौता।
4. भारत और यूएई के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी को लेकर एक लेटर ऑफ इंटेंट (इरादे का पत्र) पर हस्ताक्षर।
5. भारत की IN-SPACe और यूएई की स्पेस एजेंसी के बीच अंतरिक्ष उद्योग के विकास और व्यावसायिक सहयोग के लिए संयुक्त पहल को लेकर लेटर ऑफ इंटेंट।
6. गुजरात सरकार और यूएई के निवेश मंत्रालय के बीच धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन के विकास के लिए निवेश सहयोग को लेकर लेटर ऑफ इंटेंट।
इन समझौतों से भारत और यूएई के रिश्ते और मजबूत होंगे और दोनों देशों को आर्थिक और तकनीकी फायदा मिलेगा।
विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने इस दौरे के बारे में बताया कि यूएई राष्ट्रपति के भारत पहुंचने के बाद वे प्रधानमंत्री के साथ एक गाड़ी में एयरपोर्ट से सीधे प्रधानमंत्री आवास गए। वहां पहले सीमित स्तर पर बातचीत हुई और फिर प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक हुई। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने आपस में चर्चा की और नेताओं की मौजूदगी में कई अहम दस्तावेजों का आदान-प्रदान भी किया गया। बातचीत का मकसद आपसी रिश्तों को और मजबूत करना था।
भारत और यूएई के बीच एक लेटर ऑफ इंटेंट पर साइन किए गए, ताकि दोनों देश एक रणनीतिक रक्षा साझेदारी के लिए एक ढांचा समझौता पूरा करने की दिशा में साथ मिलकर काम कर सकें।
भारत और यूएई के बीच 12 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए