सर्दियों में इम्यूनिटी बढ़ाए आंवले का मुरब्बा, सेहत के लिए फायदेमंद
सर्दियों का मौसम आंवले का मौसम होता है और आंवला अपने आप में विटामिन C का सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत माना जाता है. आयुर्वेद में आंवले को “सुपरफूड” की श्रेणी में रखा गया है क्योंकि यह शरीर के तीनों दोष. वात, पित्त और कफ, को संतुलित करता है. सर्दियों में इसका मुरब्बा खासतौर पर स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है.
आइए पहले जानते हैं कि यह इतना फायदेमंद क्यों होता है.
सर्दियों में आंवले का मुरब्बा खाने के फायदे
1. इम्यूनिटी बूस्टर
आंवले में विटामिन C की मात्रा संतरे से भी कई गुना अधिक होती है. मुरब्बा खाने से सर्दी‑जुकाम, संक्रमण और मौसम बदलने की बीमारियां कम होती हैं.
2. पाचन में सुधार
मुरब्बा फाइबर से भरपूर होता है जो पेट को साफ रखता है, कब्ज दूर करता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है.
3. खून बढ़ाता है
आंवले का नियमित सेवन खून की कमी को पूरा करता है. मुरब्बा बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए एक बेहतरीन आयरन‑रिच विकल्प है.
4. त्वचा और बालों के लिए अमृत
विटामिन C त्वचा को ग्लोइंग बनाता है और बालों को मजबूत करता है. सर्दियों में त्वचा रूखी होती है, ऐसे में मुरब्बा शरीर को भीतर से पोषण देता है.
5. जोड़ों के दर्द में लाभकारी
सर्दियों में जोड़ों का दर्द बढ़ जाता है. आंवले में एंटी‑इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो दर्द और सूजन में राहत देते हैं.
बनाने की आसान विधि
सामग्री
आंवला – 1 किलो
चीनी – 1 से 1.25 किलो
पानी – 4 कप
इलायची – 4–5 (वैकल्पिक)
केसर या हल्दी – रंग के लिए (वैकल्पिक)
लौंग – 2–3
बनाने की विधि (स्टेप-बाय-स्टेप)
1. आंवले को उबालें
एक बड़े बर्तन में पानी उबालें और इसमें आंवले डाल दें.
5–7 मिनट उबालने पर ये हल्के मुलायम हो जाते हैं और फल की कलियां अपने आप अलग होने लगती हैं.
आंच बंद करें और पानी निकाल दें.
2. आंवले को हल्का काटकर अलग करें
ठंडा होने पर आंवले की कलियों को हाथ से या चाकू की मदद से अलग कर लें.
आप चाहें तो आंवले पूरे भी रख सकते हैं, यह आपकी पसंद पर है.
3. चाशनी तैयार करें
एक बड़े पैन में चीनी और पानी डालकर चाशनी बनने दें.
चाशनी थोड़ी गाढ़ी हो जाए तो आंवले की कलियां डाल दें.
लौंग और थोड़ी-सी इलायची पाउडर डालने से खुशबू और बढ़ जाती है.
4. आंवले को धीमी आंच पर पकाएं
अब आंवले को चाशनी में 15–20 मिनट धीमी आंच पर पकाएं.
कुछ देर बाद आंवला चाशनी को सोखने लगता है और हल्का पारदर्शी रूप ले लेता है, यही संकेत है कि मुरब्बा तैयार हो रहा है.
5. ठंडा होने पर स्टोर करें
जब चाशनी थोड़ी गाढ़ी और आंवला पूरी तरह नरम हो जाए, गैस बंद कर दें.
मिश्रण को ठंडा होने दें और फिर साफ, सूखे कांच के जार में भरकर रख दें.
यह मुरब्बा कई सप्ताह तक आसानी से चलता है.