‘लगता है मेरा म्यूजिक अच्छा नहीं है’, एआर रहमान को बोझ लगते हैं ऑस्कर अवॉर्ड, बताया क्यों होती है निराशा
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2 बार ऑस्कर अवॉर्ड विनर एआर रहमान ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्हें ऑस्कर किसी बोझ से कम नहीं लगते है. वो कहते हैं कि कई बार लोग उनके पास आकर उन्हें गैसलाइट करते हैं जिसकी वजह से उन्हें लगता है कि उनका गाना अब अच्छा नहीं है. दिग्गज कंपोजर कहते हैं कि वो लगातार अपने काम में बदलाव करते रहना चाहते हैं ताकि वो हर पीढ़ी के ऑडियंस के साथ रिलेट कर सकें.
एआर रहमानद हॉलीवुड रिपोर्टर से बात करते हुए एआर रहमान कहते हैं, ‘अगर सच कहूं तो पिछले 6 सालों में मेरे पास अगर कोई आता है तो 90 के दशक के लोगों के पास अपनी यादें हैं, और 2000 के दशक के लोगों की अपनी यादें हैं. वो लोग आकर मुझे गैसलाइट कर देते हैं. वो कहते हैं कि सर आपका रोजा का गाना बहुत अच्छा था. हमें वो गाना बहुत पसंद है, मुझे ऐसा लगता है कि मानों मैं अब कोई अच्छा गाना नहीं बना रहा हूं. अगर आप अच्छे मूड में नहीं हैं तो इससे आपकी सोच पर बहुत फर्क पड़ता है’.
लगातार काम करने की बताई वजह
लोगों की इस सोच और नजरिए से बचने के लिए एआर रहमान लगातार काम करते रहते हैं ताकि वो नई पीढ़ी के लोगों के साथ भी जुड़ सकें. वो लगातार काम कर रहे हैं, तो अब लोग आकर कहते हैं कि उन्होंने मणिरत्नम की फिल्म ठग लाइफ में बहुत अच्छा काम किया है. इससे वो लोगों के साथ जुड़ा हुआ महसूस करते हैं.
निरंतर अपने काम में बदलाव कर रहे रहमान
अपने करियर के बारे में आगे बात करते हुए एआर रहमान कहते हैं कि वो निरंतर अपने ऊपर काम कर रहे हैं. वो लगातार अपने काम में बदलाव कर रहे हैं. वो किसी एक फॉर्मूला पर काम करने से बचते हैं. हमारी उम्र बढ़ रही है औऱ हमारी ऑडियंस भी बदल रही है. वो कहते हैं कि टीवी या रेडियो पर जो भी सुनाई देता है, पहले उन्हें वो खुद पसंद आना चाहिए. उन्हें ऐसा नहीं लगना चाहिए कि वो बस अपने तरीके से काम कर रहे हैं.
एआर रहमान को बोझ से लगते हैं ऑस्कर
म्यूजिक कंपोजर आगे बताते हैं कि उनके लिए प्रेरणा उनके अवॉर्ड्स से ज्यादा महत्वपूर्ण है. वो अपने अवॉर्ड्स की वैल्यू करते हैं, लेकिन कभी-कभी ये बोढ से लगते हैं. एआर रहमान कहते हैं, ‘मुझे ये सब पसंद है, लेकिन मैं अपनी वैल्यू और सेल्फ कॉन्फिडेंस वापस चाहिए. मैं चाहता हूं कि मैं अगला जो भी गाना बनाऊं वो मुझे ज्यादा अच्छा लगे. मैं अपने अतीत पर निर्भर नहीं रहना चाहता हूं कि अच्छा मुझे 2 ऑस्कर मिला है. ये सोच आपकी प्रतिभा को खत्म कर देती है. ये एक बोझ जैसा हो सकता है. मैंने 2 ऑस्कर जीते हैं ये मेरे इंस्टा, मेरे ट्विटर बायो में नहीं है. मेरे लिए साल 2026 एक नई शुरुआत है.’
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प्रांजुल सिंह 3.5 साल से न्यूज18 हिंदी से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने Manorama School Of Communication (MASCOM) से जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन में डिप्लोमा किया है. वो 2.5 साल से एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही है…और पढ़ें