‘हाईटेक शहर में असुरक्षित’ जहां पर हुई इंजीनियर की मौत, वहां के पास रह रहे सोसाइटी के लोगों ने क्या कहा
ग्रेटर नोएडा: यूपी के ग्रेटर नोएडा में सेक्टर-150 क्षेत्र में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के बाद स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है. यह हादसा उस स्थान पर हुआ, जहां कुछ दिन पहले एक ट्रक भी दुर्घटनाग्रस्त हो चुका था. इसके बावजूद मौके पर कोई ठोस सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए, जिससे लोगों ने प्रशासन और संबंधित निर्माण एजेंसियों की लापरवाही पर सवाल खड़े किए हैं. घटना स्थल के पास की EUREKA सोसाइटी में रह रहे लोगों ने कहा कि हाईटेक शहर में इस तरह का असुरक्षित माहौल, सवाल खड़ा करता है.
रविवार शाम क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर मृतक को श्रद्धांजलि दी और न्याय की मांग की. मार्च के दौरान लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर दो मिनट का मौन रखा. इस दौरान लोगों के हाथों में जस्टिस फॉर सॉफ्टवेयर इंजीनियर, नेग्लिजेंस टुक अ लाइफ और डिफेक्टिव सिक्योरिटी सिस्टम जैसे पोस्टर थे.
स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतक एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर था और रात के समय धुंध और कम दृश्यता के कारण सड़क किनारे बने पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गया. बताया गया कि गड्ढा करीब 70 फीट गहरा था, जिसकी जानकारी वहां से गुजरने वाले लोगों को नहीं थी. हादसे के बाद सूचना देने के बावजूद राहत एवं बचाव कार्य में काफी देरी हुई, जिससे युवक की जान नहीं बचाई जा सकी.
स्थानीय अनीता शुक्ला ने कहा
स्थानीय निवासी सरिता ने बताया कि यह एक सड़क हादसा था, लेकिन लापरवाही साफ नजर आती है. उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले इसी जगह एक ट्रक का भी एक्सीडेंट हुआ था. अगर उसी समय सुरक्षा इंतजाम कर दिए गए होते तो यह हादसा टल सकता था. निवासी अनीता शुक्ला ने कहा कि जिस जगह हादसा हुआ, वहां न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगा था, न बैरियर और न ही बाउंड्री. उन्होंने बताया कि निर्माण स्थल पर लगाए जाने वाले नीले रंग के कवर या अन्य सुरक्षा संकेतक भी नहीं थे, जिससे यह इलाका लोगों के लिए खतरे का कारण बना हुआ था.
ट्रक हादसे के बाद भी नहीं की गई कोई कार्रवाई
स्थानीय निवासी नेहा ने बताया कि किसी को अंदाजा नहीं था कि सड़क के किनारे इतना गहरा गड्ढा है. उन्होंने सवाल उठाया कि पहले ट्रक हादसे के बाद भी यदि कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो यह गंभीर लापरवाही है. उन्होंने कहा कि हाईटेक शहर में इस तरह की असुरक्षित स्थिति बेहद चिंताजनक है. कैंडल मार्च के दौरान लोगों ने मांग की कि हादसे की निष्पक्ष जांच हो, जिम्मेदार एजेंसियों की पहचान की जाए और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सड़क किनारे और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए.
जेई को किया गया सस्पेंड
इंजीनियर की मौत के बाद लोगों ने हड़कंप मचा दिया और घटनास्थल पर पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी. जिसके बाद शनिवार को बेसमेंट में बिना देर किए मिट्टी और मलबे का ढेर डाला गया. मगर जब मामला ने ज्यादा तूल पकड़ लिया तो नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम ने इंजीनियर की मौत केस में तत्काल विभागीय कार्रवाई की. जिसके बाद नोएडा प्राधिकरण के ट्रैफिक सेल के जेई नवीन कुमार को निलंबित कर दिया गया है. सेक्टर-150 में देखरेख के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं.