गाजियाबाद: मेरठ तिराहे से दुहाई तक 9KM लंबी सड़क चकाचक, अब गड्ढों और ट्रैफिक जाम को कहें अलविदा

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Ghaziabad News: NCRTC ने मेरठ तिराहा से दुहाई तक 9 किलोमीटर लंबी सड़क का कायाकल्प पूरा कर इसे PWD को सौंप दिया है. सड़क की चौड़ाई 7 मीटर से बढ़ाकर 10.5 मीटर की गई है, जिससे ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी. जलभराव रोकने के लिए 6 किमी लंबे पक्के नाले और सुरक्षा के लिए ग्रीन बेल्ट का निर्माण किया गया है. नमो भारत कॉरिडोर के नीचे बनी यह आधुनिक सड़क अब यात्रियों के सफर को सुगम और सुरक्षित बनाएगी.

चौड़ी सड़कें, ड्रेनेज सिस्टम और ग्रीन बेल्ट से बदला दिल्ली-मेरठ हाईवे का चेहराफोटो-AI

Ghaziabad News: गाजियाबाद के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक, दिल्ली-मेरठ रोड पर सफर करने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए राहत की बड़ी और अच्छी खबर है. मेरठ तिराहे से लेकर दुहाई (ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे) तक की 9 किलोमीटर से ज्यादा लंबी सड़क का कायाकल्प पूरा हो चुका है. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने नमो भारत कॉरिडोर के निर्माण के कारण बदहाल हुई इस सड़क को न केवल नए सिरे से बनाया है, बल्कि इसे पहले से अधिक चौड़ा और सुरक्षित कर अब लोक निर्माण विभाग (PWD) को सौंप दिया है.

अब गड्ढों से मुक्ति और 10.5 मीटर चौड़ी सड़क
नमो भारत (रैपिड रेल) के पिलर और ट्रैक निर्माण के चलते यह मार्ग पिछले कुछ समय से जर्जर स्थिति में था. NCRTC ने इंजीनियरिंग की चुनौतियों को पार करते हुए सड़क की चौड़ाई को 7 मीटर से बढ़ाकर अब 10.5 मीटर (दोनों तरफ) कर दिया है. सड़क के दोनों ओर अतिरिक्त जगह मिलने से पीक आवर्स के दौरान लगने वाले भीषण जाम से स्थानीय लोगों और भारी वाहनों को बड़ी मुक्ति मिलेगी.

जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान
दिल्ली-मेरठ रोड पर मानसून के दौरान होने वाला जलभराव सबसे बड़ी सिरदर्द था. इसे खत्म करने के लिए NCRTC ने सड़क के दोनों ओर लगभग 6 किलोमीटर लंबे पक्के नाले बनाए हैं. बेहतर ड्रेनेज सिस्टम सुनिश्चित करेगा कि बारिश का पानी तुरंत निकल जाए, जिससे जलभराव के कारण लगने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या अब इतिहास बन जाएगी.

‘ग्रीन बेल्ट’ का तोहफा
सड़क के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. कॉरिडोर के नीचे के डिवाइडर पर पौधारोपण कर ‘ग्रीन बेल्ट’ विकसित की गई है. यह हरियाली न केवल आंखों को सुकून देती है, बल्कि रात के समय सामने से आने वाले वाहनों की ‘हाई-बीम लाइट’ को भी रोकती है, जिससे सड़क हादसों का खतरा काफी कम हो जाता है. इसके अलावा, यात्रियों की सुविधा के लिए नमो भारत स्टेशनों के बाहर अलग से सर्विस लेन भी बनाई गई हैं.

2018 में शुरू हुआ था सफर, अब बदली जिम्मेदारी
नमो भारत कॉरिडोर के निर्माण के लिए PWD ने साल 2018 में यह सड़क NCRTC को सौंपी थी. निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी इतने वर्षों तक NCRTC के पास ही रही. अब जबकि नमो भारत का परिचालन शुरू हो चुका है और सड़क का पुनरुद्धार कार्य पूरा हो गया है, तो मेरठ तिराहे से दुहाई तक के इस खंड की जिम्मेदारी वापस PWD को सौंप दी गई है.

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Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें

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चौड़ी सड़कें, ड्रेनेज सिस्टम और ग्रीन बेल्ट से बदला दिल्ली-मेरठ हाईवे का चेहरा

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