Exam Tips, The remaining days are precious, study in this way, the exam will not be stopped, know the expert’s opinion on this. – Himachal Pradesh News

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एक्सपर्ट डॉ मनोज कुमार तिवारी ने लोकल 18 से बताया कि जो छात्र टीजीटी और पीजीटी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए यह परीक्षा बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एक विषय पर केंद्रित होती है इसलिए उसे विषय के गहराई तक जाना जरूरी है. इसके लिए सबसे पहले छात्रों को चाहिए कि हुए परीक्षा में पूछे जाने वाले पाठ्यक्रम और परीक्षा का क्या पैटर्न होगा.

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पिछले तीन सालों से टीजीटी और पीजीटी परीक्षा का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अब राहत की उम्मीद नजर आ रही है. उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को नया अध्यक्ष मिलने के बाद यह संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही टीजीटी और पीजीटी परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी. ऐसे में उम्मीदवारों के पास जो सीमित समय बचा है, उसका सही इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है, ताकि वे शिक्षक बनने का सपना पूरा कर सकें. सही रणनीति, बेहतर टाइम मैनेजमेंट और नियमित अभ्यास से इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है. आइए जानते हैं कि बचे हुए समय में तैयारी कैसे की जाए.

एक्सपर्ट डॉ. मनोज कुमार तिवारी के अनुसार, टीजीटी और पीजीटी परीक्षा विषय-आधारित होती है, इसलिए किसी भी एक विषय में गहराई से तैयारी करना बेहद जरूरी है. सबसे पहले अभ्यर्थियों को पूरे सिलेबस और परीक्षा पैटर्न को अच्छे से समझना चाहिए. यह जानना जरूरी है कि किस टॉपिक से कितने सवाल पूछे जाते हैं और किस हिस्से पर ज्यादा फोकस किया जाता है. जब सिलेबस स्पष्ट हो जाता है, तो तैयारी भी आसान और दिशा में होती है.

मॉक टेस्ट और क्विज को बनाएं तैयारी का हिस्सा
अब जब परीक्षा नजदीक है, तो सिर्फ किताबें पढ़ना काफी नहीं है. बचे हुए समय में नियमित रूप से मॉक टेस्ट और ऑनलाइन क्विज का अभ्यास करना चाहिए. इससे उम्मीदवारों को अपनी तैयारी का सही आकलन करने में मदद मिलती है. मॉक टेस्ट से यह भी समझ आता है कि कहां गलती हो रही है और किन टॉपिक्स पर अभी और मेहनत की जरूरत है. समय के साथ-साथ स्पीड और एक्यूरेसी भी बेहतर होती है.

समय प्रबंधन पर दें खास ध्यान
टीजीटी और पीजीटी परीक्षा में सफलता के लिए टाइम मैनेजमेंट सबसे अहम भूमिका निभाता है. अभ्यर्थियों को अपने दिन को अलग-अलग हिस्सों में बांटना चाहिए. हर विषय या टॉपिक के लिए एक तय समय निर्धारित करें. इससे न सिर्फ सिलेबस समय पर पूरा होगा, बल्कि रिवीजन के लिए भी पर्याप्त वक्त मिल पाएगा. रोजाना पढ़ाई का एक फिक्स रूटीन बनाकर उस पर टिके रहना बहुत जरूरी है.

पुराने प्रश्न पत्रों का करें नियमित विश्लेषण
पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का सबसे मजबूत आधार होते हैं. टीजीटी और पीजीटी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को पुराने प्रश्न पत्रों का नियमित रूप से अध्ययन और विश्लेषण करना चाहिए. इससे यह समझने में मदद मिलती है कि परीक्षा में किस तरह के सवाल पूछे जाते हैं और किन टॉपिक्स को ज्यादा महत्व दिया जाता है. इसी आधार पर अपनी रणनीति को और मजबूत किया जा सकता है. सिर्फ पढ़ना ही नहीं, बल्कि पढ़े हुए टॉपिक्स का बार-बार रिवीजन करना भी जरूरी है. रोजाना थोड़ा समय रिवीजन के लिए जरूर निकालें. साथ ही लिखित अभ्यास और प्रश्न हल करने की आदत डालें. इससे कॉन्फिडेंस बढ़ता है और परीक्षा के समय घबराहट कम होती है.

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Vividha Singh

विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें

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Exam Tips: बचे हुए दिन हैं कीमती, इस तरह से करें पढ़ाई, क्लास में करेंगे टॉप

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