कहानी एक आत्मनिर्भर युवा की, नौकरी छोड़ शुरू कर दिया कारोबार, इस जगह को बना दिया बिजनेस हब
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उज्जवल कुमार सिंह ने बताया कि मछली का बिजनेस काफी अच्छा है. मछली का कारोबार करने वाले लोग बेचकर मोटी कमाई करते हैं. उन्होंने बताया कि पहले मैं मत्स्य विभाग में अधिकारी के पद पर कार्यरत था. मैंने अपने यहां 50 एकड़ में पोखर खुदवाकर मछली पालन करने की योजना बनाई है.

छपरा में बड़े पैमाने पर मछली पालन करने का कार्य एक युवा के द्वारा शुरू किया गया है. सारण के अमनौर प्रखंड अंतर्गत शहरी गांव में 50 एकड़ जमीन पर मछली पालन करने का काम शुरू हो चुका है. फिलहाल 15 पोखर खुदाई कर उसमें मछली छोड़ दी गई है अभी पोखर की खुदाई काम जारी है. बिहार की यह जगह मछली पालने की मामले में आने वाले दिनों में सबसे बड़ा हब होगी.

1 हजार से अधिक युवाओं को यहां रोजगार मिलेगा. यह रोजगार उज्जवल कुमार सिंह के द्वारा शुरू किया गया है. जो पूर्व में मत्स्य विभाग में अधिकारी के पद पर कार्यरत थे. बिहार के युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से मत्स्य विभाग से रिजाइन देकर मछली पालने का कारोबार उनके द्वारा शुरू किया गया है.

उज्जवल कुमार सिंह ने बताया कि मछली का बिजनेस काफी अच्छा है. मछली का कारोबार करने वाले लोग बेचकर मोटे कमाई करते हैं. उन्होंने बताया कि पहले मैं मत्स्य विभाग में अधिकारी के पद पर कार्यरत थे. मैंने अपने यहां 50 एकड़ में पोखर खुदवाकर मछली पालन करने की योजना बनाई है. यह प्रोजेक्ट काफी बड़ा है. जिसके अंतर्गत एक हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा. जिससे अच्छी कमाई कर सकते हैं.
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उन्होंने कहा कि अगर किसी युवा को मछली पालन का शौक है. तो मेरे पास आए उन्हें फ्री प्रशिक्षण दूंगा. उन्होंने यह भी कहा कि बिना जानकारी के मछली पालन न करें, नहीं तो भारी नुकसान हो सकता है. फिलहाल 15 एकड़ में पोखर खुदवाकर मछलियां छोड़ी हैं.

आने वाले दिन में 50 एकड़ की जमीन पर पोखर खुदाई कर मछलियां पाली जाएगी. उन्होंने बताया कि नालंदा में 20 एकड़ जमीन पर पोखर की खुदाई कर मछली पालन करने का कार्य चल रहा है. छपरा में 500 एकड़ की जमीन पर आने वाले दिन में मछली पालन करने का कार्य शुरू होगा. मैं सारण को सबसे बड़ा मछली पालन का हब बनाना चाहता हूं.