Sawan: महिलाओं की पहली पसंद बनी ये चूड़ियां, बिहार के इस शहर में लगती है लहठी मार्केट
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Lahthi Market Muzaffarpur: हरे रंग की लहठीया सावन में खूब चलती हैं. इसकी मांग अधिक है. दिन रात कारीगर मिलकर लहठीया बना रहे हैं. हमारे पास 100 से लेकर 1,000 और 2,000 तक के रेंज की लहठी हैं. लोगों की जैसी डिमांड होती है वैसी लहठी बना कर दी जाती है.

सावन जोरों पर है. सावन में शिवभक्ति के साथ दो ही चीजों की धूम रहती है. एक कांवड़ यात्रा की और दूसरे महिलाओं के श्रृंगार की. खासतौर से चूड़ियों के मार्केट में बहार रहती है. सावन में हरी भरी चूड़ियां महिलाओं के हाथ में सजती हैं. सावन में महिलाएं चूड़ी जरूर खरीदती हैं. खासतौर से मुजफ्फरपुर की लहठी तो हाथों हाथ बिकती है. इसकी डिमांड विदेश तक रहती है. इसलिए कारीगर रात दिन लहठी बनाने में व्यस्त हैं.

अगर लाख के लहठी की बात आए तो मुजफ्फरपुर का नाम सबसे पहले आता है. यहां की लाख की लहठी विदेश तक में मशहूर है. इस साल भीसावन के लिए चूड़ी-लहठी दुकानदारों ने भी तैयारी पूरी कर ली है. यहां की इस्लामपुर मंडी इसी के लिए प्रसिद्ध है. शहर के अलावा बाहर से आने वाले कांवड़िए भी यहां आकर अपने घर की महिलाओं के लिए लहठी जरूर खरीदते हैं.

लहठी कारोबारी मेराज गौरी बताते हैं सावन के लिए हमारी तैयारी पूरी है. हर साल की अपेक्षा इस साल डिमांड बढ़ गई है. हरे रंग की लहठीया सावन में खूब चलती हैं. इसकी मांग अधिक है. दिन रात कारीगर मिलकर लहठीया बना रहे हैं. हमारे पास 100 से लेकर 1,000 और 2,000 तक के रेंज की लहठी हैं. लोगों की जैसी डिमांड होती है वैसी लहठी बना कर दी जाती है.
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सावन के महीने में पूरा लहठी मार्केट गुलजार रहता है. शाम के समय तो यहां तिल रखने की जगह भी नहीं मिलती. इस साल भीड़ ज्यादा है. जो लोग यहां तक पहुंच नहीं पाते वो ऑनलाइन ऑर्डर दे रहे हैं.

इस मार्केट की लहठी की डिमांड मुजफ्फरपुर के अलावा कई अन्य जिलों से लेकर नेपाल तक है. पहले सोमवार से लेकर अभी तक अच्छी सेल हो चुकी है और लगातार डिमांड बढ़ती जा रही है. लहठी मार्केट में हर साल सावन में दो- तीन करोड़ से अधिक का कारोबार होता है. इसमें सभी तरह की लहठी शामिल होती हैं.