ऊपर से काजू, पैकेट के अंदर छिपा था 5000 किलो गांजा, कुरियर से दिल्ली पहुंचा नशा; ओडिशा से जुड़े तार
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Delhi Police Arrested 5000 KG Ganja Taskar: दिल्ली में पिछले एक साल में 5000 किलो गांजा की तस्करी की गई है. पुलिस ने इस रैकेट से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. इस गैंग का लिंक ओडिशा से जुड़ा है. दिल्ली पुलिस ने कहा कि काजू के पैकेट में छिपाकर तस्करी की जा रही थी.
तस्करों के साथ आरकेपुरम थाने में पुलिस. (Delhi Police)5000 KG Ganja Taskar Via Courier: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नशे के सौदागरों के एक ऐसे ‘हाईटेक’ गिरोह का भंडाफोड़ किया है. तस्करों के स्टाइल से पुलिस को भी हैरान हो गई है. यह गिरोह ओडिशा से काजू (Cashew) की पैकिंग की आड़ में कुरियर सेवाओं का इस्तेमाल कर दिल्ली में गांजा सप्लाई कर रहा था. पुलिस ने इस मामले में एक अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. अब तक कुल 165 किलो 740 ग्राम गांजा बरामद हुआ है.
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने सारे राज खोले हैं. सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि यह सिंडिकेट पिछले एक साल में इसी तरीके का इस्तेमाल कर कुरियर के जरिए 5,000 किलो से ज्यादा गांजा दिल्ली लाकर खपा चुका है.
कुरियर कंपनी से हो रही थी तस्करी
क्राइम ब्रांच की आर.के. पुरम यूनिट को 24 दिसंबर 2025 को एक गुप्त सूचना मिली थी कि मंगोलपुरी इलाके में गांजे की एक बड़ी खेप पहुंचने वाली है. सूचना पुख्ता होने के बाद दिल्ली पुलिस ने तस्करों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया. रात करीब 8:40 बजे, दो युवक अलग-अलग स्कूटी से वहां पहुंचे और कुरियर के कार्टन उतारने लगे. पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को दबोच लिया. इनकी पहचान अजीत (निवासी ज्वालापुरी) और सोनू (निवासी खिचड़ीपुर) के रूप में हुई. इनके पास मौजूद कार्टनों की तलाशी लेने पर 47 किलो से ज्यादा गांजा बरामद हुआ. दिल्ली स्थित एक कुरियर कंपनी के दफ्तर पर छापा मारा, जहां काजू के बक्सों में छिपाकर रखा गया था. यहां से 118 किलो और गांजा बरामद किया गया.
काजू के डिब्बों में ‘मौत’ का सामान
पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड अजीत है. वह ओडिशा के एक सप्लायर रुद्रप्रताप उर्फ पप्पू (पप्पू सुअर) के संपर्क में था. ओडिशा में बैठा पप्पू असली काजू के डिब्बों के बीच गांजा छिपाकर पैक करता था. वह इन डिब्बों को वैध कुरियर सर्विस के जरिए दिल्ली भेजता था. अजीत एडवांस पेमेंट करता था और ट्रैकिंग आईडी के जरिए माल की लोकेशन देखता रहता था. पुलिस से बचने के लिए अजीत कभी खुद डिलीवरी नहीं लेता था. वह अपने गुर्गे सोनू को भेजता था और बाद में माल अपने पास मंगवा लेता था.
खिलौनों की दुकान की आड़ में धंधा
पुलिस जांच में पता चला कि किंगपिन अजीत ने अपनी काली कमाई और तस्करी के नेटवर्क को छिपाने के लिए दिल्ली के निहाल विहार में ‘खिलौनों की पैकिंग’ का बिजनेस शुरू किया था. इसी वैध बिजनेस की आड़ में वह गांजे को स्टोर करता और आगे सप्लाई करता था. यह गिरोह अब तक 100 से ज्यादा बार डिलीवरी लेकर 5000 किलो गांजा दिल्ली के युवाओं और क्लबों तक पहुंचा चुका था.
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दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें