सीख गए दूध फाड़ने का ये तरीका तो घर पर ही बनेगी बेहतरीन पनीर, सीतामढ़ी की महिला उद्यमी ने बताया फॉर्मूला – Bihar News
Last Updated:
दूध फटने के बाद अगला अहम नियम है पनीर को सही तरीके से छानना. अमृता कुमारी कहती हैं कि मलमल या सूती साफ कपड़े में फटे दूध को डालकर मट्ठा निकाल लिया जाता है. इसके बाद पनीर को ठंडे पानी से धोना जरूरी है ताकि…
सीतामढ़ी: आज की तारीख में लोग ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में कई बार लोगों की सेहत से खिलवाड़ करते हैं. डेयरी प्रोडक्ट जैसे खोया और पनीर आदि में कई बार मिलावट की खबरें भी आती रहती हैं. ऐसे में बहुत से लोग अपने घर पर ही चीजों को बनाना ज्यादा पसंद करते हैं. अब दिक्कत यह आती है कि कई बार सभी चीजें घर पर बना पाना संभव भी नहीं होता. ऐसे में बाजार में मिलने वाली चीजों के भरोसे ही रहना पड़ता है. ऐसा ही एक डेयरी प्रोडक्ट पनीर है. पनीर में भी कई तरह की लोग मिलावट करते हैं. ये जरूरी नहीं है कि बाजार में बिकने वाली सभी पनीर मिवालटी ही होती हैं लेकिन, आज हम आपको पनीर बनाने का तरीका बताने जा रहे हैं जिससे आप घर ही पनीर भी बना पाएंगे. आप बड़े पैमाने पर पनीर बनाकर इसका बिजनेस भी कर सकते हैं. इस बारे में खास जानकारी ग्रामीण महिला उद्यमी अमृता कुमारी ने दी है. अमृता खुद पनीर के व्यवसाय से आत्मनिर्भर बनी हैं.
अमृता ने बताया कि शुद्ध और स्वादिष्ट पनीर बनाने की शुरुआत सही तरीके से दूध फाड़ने से होती है. उनके अनुसार सबसे पहले ताजा और फुल क्रीम दूध का चयन जरूरी है. दूध को धीमी आंच पर उबालते हुए लगातार चलाना चाहिए ताकि दूध जले नहीं. उबाल आने के बाद आंच धीमी कर दी जाती है और तभी दूध फाड़ने की प्रक्रिया शुरू होती है. आपको बताएं कि सही तापमान और धैर्य पनीर की गुणवत्ता यानी उसकी क्वालिटी तय करता है.
अमृता कुमारी बताती हैं कि दूध फाड़ने के लिए सबसे सुरक्षित और शुद्ध तरीका नींबू का रस या सिरका है. एक लीटर दूध में लगभग 1 से 2 चम्मच नींबू का रस पर्याप्त होता है. रस को थोड़ा-थोड़ा करके दूध में डालते हैं और हल्के हाथ से चलाते हैं. कुछ ही देर में दूध फट जाता है और हरा पानी यानी मट्ठा अलग दिखने लगता है. अगर दूध पूरी तरह न फटे तो थोड़ा और नींबू रस डाला जा सकता है, लेकिन ज्यादा डालने से पनीर सख्त और खट्टा हो जाता है.
दूध फटने के बाद अगला अहम नियम है पनीर को सही तरीके से छानना. अमृता कुमारी कहती हैं कि मलमल या सूती साफ कपड़े में फटे दूध को डालकर मट्ठा निकाल लिया जाता है. इसके बाद पनीर को ठंडे पानी से धोना जरूरी है ताकि नींबू या सिरके की खटास खत्म हो जाए. फिर कपड़े को बांधकर हल्का दबाव देकर अतिरिक्त पानी निकालते हैं. यदि सख्त पनीर चाहिए तो ऊपर वजन रखा जाता है, जबकि नरम पनीर के लिए हल्का दबाव ही काफी होता है.
व्यवसाय के लिहाज से अमृता कुमारी बताती हैं कि एक लीटर दूध से औसतन 180 से 200 ग्राम पनीर निकलता है, जबकि अच्छी गुणवत्ता वाले फुल क्रीम दूध से 220 ग्राम तक पनीर मिल सकता है. यही गणित मुनाफा तय करता है. शुद्ध दूध, सही मात्रा में फाड़ने वाला पदार्थ और स्वच्छता के नियमों का पालन कर कोई भी पनीर का छोटा व्यवसाय शुरू कर सकता है. अमृता के अनुसार, ग्राहकों का भरोसा शुद्धता से बनता है और वही पनीर व्यवसाय की सबसे बड़ी पूंजी है.
About the Author
जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें