1 नाम से बनीं 9 फिल्में, 3 को छोड़ बाकी सब हुईं ढेर, एक एक्टर की चमकी ऐसी किस्मत, आज सुपरस्टार बन कर रहा राज

Share to your loved once


नई दिल्ली. बॉलीवुड में सफलता का फॉर्मूला अक्सर ‘नाम’ में छिपा होता है, लेकिन कभी-कभी एक ही नाम को बार-बार आजमाना फिल्ममेकर्स के लिए जोखिम भरा साबित होता है. भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक ऐसा शीर्षक है, जिसने कई एक्टर्स की किस्मत बनाई और कइयों की डुबोई. हम बात कर रहे हैं ‘बागी’ टाइटल की. इस नाम से अब तक कुल 9 फिल्में पर्दे पर आ चुकी हैं, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि इनमें से केवल 3 ही बॉक्स ऑफिस पर अपना लोहा मनवा सकीं. बाकी 6 फिल्में दर्शकों को तरसती रहीं और फ्लॉप साबित हुईं. इस नाम ने एक ऐसे युवा अभिनेता को रातों-रात सुपरस्टार बना दिया, जो आज बॉलीवुड का ‘दबंग’ बनकर राज कर रहा है.

जब 1990 में सलमान खान बने ‘बागी’
साल 1990 में आई फिल्म ‘बागी: ए रिबेल फॉर लव’ इस नाम की सबसे बड़ी टर्निंग पॉइंट साबित हुई. ‘मैने प्यार किया’ की अपार सफलता के बाद सलमान खान के कंधों पर खुद को साबित करने की भारी जिम्मेदारी थी. इस फिल्म में उन्होंने न केवल अभिनय किया, बल्कि फिल्म की कहानी का विचार भी उन्हीं का था. फिल्म ब्लॉकबस्टर रही और सलमान खान को एक्शन-रोमांटिक हीरो के रूप में स्थापित कर दिया. इसी फिल्म के बाद सलमान की गिनती बड़े सितारों में होने लगी.

इतिहास के पन्नों में दफन ‘बागी’ (1939-1964)
इस शीर्षक का इस्तेमाल सिनेमा के शुरुआती दौर से ही होता रहा है, लेकिन कामयाबी कोसों दूर रही. आइए, डालते हैं उन फिल्मों पर एक नजर-

बागी (1939): आजादी से पहले बनी इस फिल्म के बारे में आज के दौर के सिनेमा प्रेमियों को शायद ही जानकारी हो. यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पूरी तरह बेअसर रही और फ्लॉप का टैग लेकर सिमट गई.

बागी (1953): अभिनेता रंजन को लेकर बनाई गई यह फिल्म भी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में नाकाम रही. उस दौर में भारी-भरकम एक्शन और विद्रोह की कहानियों को तकनीकी सीमाओं के कारण वह भव्यता नहीं मिल सकी, जो जरूरी थी.

बागी (1964): मुमताज अस्करी, विजया चौधरी और जीवन धर स्टारर ‘बागी’ भी बॉक्स ऑपिस पर फ्लॉप साबित हुई थी.

संजय दत्त और ओम पुरी भी नहीं दिखा पाए जादू
90 के दशक में सलमान की सफलता को भुनाने के लिए साल 2000 के बाद फिर से इस नाम का सहारा लिया गया, लेकिन मेकर्स को फिर से नाकामी मिली.

बागी (2000): अंडरवर्ल्ड और एक्शन के दौर में संजय दत्त ‘बागी’ बने. संजय दत्त उस वक्त अपनी ‘खलनायक’ और ‘वास्तव’ वाली इमेज के शिखर पर थे, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट के कारण यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरी.

बागी (2005): दिग्गज अभिनेता ओम पुरी को लेकर भी एक फिल्म ‘बागी’ के नाम से आई. यह एक छोटे बजट की फिल्म थी जो कब आई और कब गई, किसी को पता भी नहीं चला. यह व्यावसायिक रूप से एक बड़ी विफलता थी.

टाइगर श्रॉफ ने फिर से फूंकी जान
सालों के सूखे के बाद, साजिद नाडियाडवाला ने इस टाइटल को दोबारा जिंदा करने का फैसला किया. उन्होंने नई पीढ़ी के एक्शन स्टार टाइगर श्रॉफ को चुना.

बागी (2016): टाइगर श्रॉफ और श्रद्धा कपूर की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया. टाइगर के जबरदस्त स्टंट्स ने इसे ‘हिट’ बनाया. यह 1990 के बाद इस नाम की पहली बड़ी सफलता थी.

बागी 2 (2018): टाइगर ने अपनी ही फिल्म के रिकॉर्ड को तोड़ दिया. दिशा पटानी के साथ उनकी केमिस्ट्री और फिल्म के हाई-लेवल एक्शन ने इसे सुपरहिट बना दिया. इस फिल्म ने टाइगर को मास-एक्शन हीरो की कतार में खड़ा कर दिया.

बागी 3 (2020): उम्मीदें बहुत थीं, लेकिन फिल्म रिलीज होने के कुछ ही समय बाद कोविड-19 की आहट और कमजोर कहानी ने इसका खेल बिगाड़ दिया. भारी बजट होने के कारण इसे फ्लॉप की श्रेणी में रखा गया.

बता दें, 9 फिल्मों के इस सफर में यह साफ हो गया कि सिर्फ एक लकी ‘नाम’ रख लेने से फिल्में हिट नहीं होतीं. जहां सलमान खान और टाइगर श्रॉफ की किस्मत इस नाम से चमक उठी, वहीं संजय दत्त और ओम पुरी जैसे दिग्गज भी इस शीर्षक के साथ न्याय नहीं कर पाए. आज सलमान खान इस टाइटल की बदौलत शुरू हुए सफर को आगे बढ़ाते हुए फिल्म इंडस्ट्री के सुल्तान बने बैठे हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP