16 जनवरी के बाद बदल जाएगी ग्रहों की स्थिति! मंगल के मकर राशि में गोचर से किसे मिलेगा फायदा, किसे नुकसान? जानिए – Uttarakhand News
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Mars Transit in Capricorn: 16 जनवरी के बाद मंगल ग्रह के मकर राशि में गोचर से ग्रहों की चाल में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. यह गोचर साहस, मेहनत और करियर को नई दिशा दे सकता है, लेकिन गुस्से और जल्दबाजी पर नियंत्रण जरूरी होगा. सही संयम और समझदारी से लिया गया फैसला इस दौरान सफलता के नए रास्ते खोल सकता है.

16 जनवरी के बाद ग्रहों की चाल में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. मंगल ग्रह मकर राशि में गोचर करने जा रहे हैं, जो ज्योतिष की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. मकर मंगल की उच्च राशि होती है, ऐसे में इसकी ऊर्जा और प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है. यह गोचर व्यक्ति के साहस, मेहनत, आत्मविश्वास और गुस्से पर सीधा असर डाल सकता है. सवाल यह है कि यह बदलाव ताकत बढ़ाएगा या गुस्से को भड़काएगा.

पुजारी शुभम तिवारी ने बताया कि मंगल को ऊर्जा, पराक्रम, क्रोध और निर्णय क्षमता का कारक ग्रह माना जाता है. वहीं मकर राशि शनि द्वारा शासित है, जो अनुशासन, धैर्य और कर्म का प्रतीक है. जब मंगल मकर राशि में प्रवेश करता है, तो उसकी उग्र ऊर्जा अनुशासन में बदलने लगती है. ऐसे में व्यक्ति ज्यादा मेहनती, लक्ष्य केंद्रित और व्यावहारिक हो सकता है. हालांकि अगर ऊर्जा को सही दिशा न मिले, तो चिड़चिड़ापन भी बढ़ सकता है.

मंगल का यह गोचर करियर के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. नौकरीपेशा लोगों में काम को लेकर जुनून बढ़ेगा और वे जिम्मेदारियां निभाने के लिए ज्यादा सक्रिय दिखेंगे. व्यापारियों के लिए यह समय बड़े फैसले लेने का हो सकता है. जोखिम लेने की हिम्मत बढ़ेगी और लंबे समय से रुके काम तेजी से पूरे हो सकते हैं. लेकिन जल्दबाजी और गुस्से में लिए गए फैसले नुकसान भी पहुंचा सकते हैं.
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इस गोचर का सबसे संवेदनशील पहलू गुस्सा है. मंगल की प्रबल स्थिति लोगों को जल्दी रिएक्ट करने वाला बना सकती है. छोटी बातों पर बहस, तकरार और अहंकार की स्थिति बन सकती है. खासतौर पर परिवार और कार्यस्थल पर संयम रखना बेहद जरूरी होगा. अगर व्यक्ति धैर्य से काम ले, तो यही मंगल आत्मनियंत्रण और मानसिक मजबूती भी दे सकता है. वरना रिश्तों में खटास आने की संभावना रहेगी.

मंगल का मकर राशि में गोचर रिश्तों में गंभीरता ला सकता है. लोग अपनी बात मनवाने की कोशिश करेंगे, जिससे टकराव की स्थिति बन सकती है. पति पत्नी के बीच ईगो क्लैश देखने को मिल सकता है. वहीं कुछ लोगों के लिए यह गोचर रिश्तों को मजबूत करने का मौका भी देगा, अगर वे खुलकर संवाद करें. परिवार में बुजुर्गों की सलाह मानना इस समय तनाव को कम करने में मददगार साबित होगा.

सेहत के लिहाज से मंगल का यह गोचर ऊर्जा तो बढ़ाएगा, लेकिन लापरवाही भारी पड़ सकती है. ब्लड प्रेशर, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और थकान की समस्या हो सकती है. ज्यादा गुस्सा लेने से नींद और पाचन पर भी असर पड़ सकता है. नियमित व्यायाम, योग और ध्यान इस दौरान बेहद फायदेमंद रहेंगे. शरीर की ऊर्जा को सकारात्मक कामों में लगाना स्वास्थ्य के लिए बेहतर रहेगा.

मकर, मेष, कर्क और तुला राशि वालों के लिए यह गोचर ज्यादा प्रभावशाली माना जा रहा है. इन राशियों के जातकों को खास तौर पर अपने व्यवहार और फैसलों पर नियंत्रण रखना होगा. वहीं वृषभ और कन्या राशि वालों के लिए यह समय मेहनत का अच्छा फल दे सकता है. सही रणनीति और धैर्य के साथ आगे बढ़ने वाले लोगों के लिए यह गोचर सफलता के नए रास्ते खोल सकता है.