जहां पत्थरों को पिघला दे गर्मी और हड्डियां जमा दे ठंड; कहां है भारत का ‘कोल्ड पोल’ और ‘हॉट स्पॉट’?

Share to your loved once


Last Updated:

भारत में मौसम के दो छोर हैं. लद्दाख का द्रास जो हाड़ कंपाने वाली ठंड के लिए मशहूर है, वहीं राजस्थान का फलोदी 51°C तापमान के साथ देश का सबसे गर्म ‘अग्निकुंड’ है। हिमालय उत्तर की बर्फीली हवाओं को रोकता है, तो समुद्र तटीय तापमान को स्थिर रखता है। मानसून की बारिश और थार की तपिश भारत को दुनिया का सबसे विविध जलवायु वाला देश बनाती है।

पत्थर पिघलाने वाली गर्मी और कंपाने वाली ठंड; आपने देखे भारत के ये दो शहर?भारत के सबसे गर्म और सबसे ठंडे इलाके के बीच कुल 90 डिग्री का अंतर है.

जहां एक ओर लद्दाख के द्रास में जमा देने वाली ठंड हड्डियों को कंपा देती है, वहीं दूसरी ओर राजस्थान के रेतीले धोरों में एक ऐसा इलाका भी है जहां सूरज साक्षात ‘अग्नि वर्षा’ करता है. कल्पना कीजिए एक ऐसे देश की, जहां एक एक मौसम में कोई इंसान बर्फ की चादर ओढ़े बैठा है, तो वहीं दूसरे मौसम में कोई चिलचिलाती धूप में पानी की एक बूंद के लिए तरस रहा है. यह विरोधाभास ही भारत की असली पहचान है. भारत केवल एक देश नहीं बल्कि मौसमों का एक ऐसा रंगमंच है जहां कुदरत हर रोज एक नया नाटक खेलती है. यहां उत्तर के हिमालयी ग्लेशियरों की खामोशी है, तो थार के मरुस्थल की वह तपिश भी है जो पत्थरों को पिघलाने का माद्दा रखती है.

सर्दियों में फलौदी और गर्मियों में द्रास का क्‍या होता है हाल?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, भारत के ये दो चरम छोर अपनी विपरीत परिस्थितियों के लिए जाने जाते हैं. राजस्थान का फलोदी सर्दियों में काफी ठंडा हो सकता है, जहां न्यूनतम तापमान अक्सर 4°C से 5°C तक गिर जाता है और कभी-कभी शीतलहर के दौरान यह 0°C के करीब भी पहुँच जाता है. दूसरी ओर लद्दाख का द्रास गर्मियों में राहत भरा रहता है. जुलाई-अगस्त के दौरान यहां अधिकतम तापमान 20°C से 25°C के बीच रहता है, जो देश के अन्य हिस्सों की तुलना में बेहद सुहावना होता है. इस तरह फलोदी की सर्दी और द्रास की गर्मी, दोनों ही अपने-अपने ‘चरम’ स्वभाव से बिल्कुल अलग अनुभव देते है.

भारत का ‘अग्निकुंड’
अगर द्रास भारत का ‘कोल्ड पोल’ है, तो राजस्थान का फलोदी (Phalodi) भारत का सबसे गर्म स्थान माना जाता है. जोधपुर जिले में स्थित इस छोटे से कस्बे ने तब पूरी दुनिया का ध्यान खींचा जब यहां का तापमान 51°C के पार चला गया. मई और जून के महीनों में यहां की धरती किसी भट्टी की तरह दहकने लगती है. गर्म हवाएं (लू) ऐसी चलती हैं जैसे कोई जलती हुई मशाल चेहरे के पास ले आया हो. फलोदी के अलावा चुरू और जैसलमेर भी इस दौड़ में पीछे नहीं हैं लेकिन आधिकारिक रिकॉर्ड्स में फलोदी की तपिश सबसे घातक मानी गई है.

भारत की भौगोलिक विविधता और मौसम का मिजाज
भारत में मौसम की यह विविधता किसी चमत्कार से कम नहीं है. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है भारत की विशिष्ट भौगोलिक बनावट. भारत के उत्तर में हिमालय की विशाल दीवार है जो साइबेरिया से आने वाली ठंडी हवाओं को रोकती है, जिससे उत्तर भारत अत्यधिक शीत लहर से बचा रहता है. वहीं, दक्षिण में तीन तरफ से समुद्र (हिंद महासागर, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी) का घेरा है जो तटीय इलाकों के तापमान को ‘सम’ (Moderate) बनाए रखता है.
1. मानसून का जादू: भारत की अर्थव्यवस्था और जीवन की धुरी ‘दक्षिण-पश्चिम मानसून’ है. जून से सितंबर के बीच जब बादल उमड़ते हैं तो तपती धरती को सुकून मिलता है. चेरापूंजी और मासिनराम जैसे इलाके दुनिया में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड बनाते हैं.
2. रेगिस्तानी तपिश बनाम हिमालयी शीत: थार मरुस्थल में ‘महाद्वीपीय जलवायु’ के कारण दिन अत्यधिक गर्म और रातें अचानक ठंडी हो जाती हैं. इसके विपरीत, द्रास जैसे ऊंचे इलाकों में विरल वायु और बर्फबारी के कारण तापमान -45°C तक गिर जाता है. लद्दाख का द्रास भारत का सबसे ठंडा बसा हुआ स्थान है, जिसे ‘लद्दाख का प्रवेश द्वार’ भी कहा जाता है। यहां सर्दियों में तापमान अक्सर -20°C से नीचे रहता है. सियाचीन के ग्‍लेशियर में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर -60°C तक जा चुका है.
3. तटीय स्थिरता: मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में कभी कड़ाके की ठंड नहीं पड़ती. यहां साल भर नमी और उमस भरा मौसम रहता है जो समुद्र के प्रभाव के कारण होता है.

मौसम और भूगोल की खास बातें
1. भारत का सबसे गर्म स्थान कौन सा है?
राजस्थान का फलोदी भारत का सबसे गर्म स्थान है, जहाँ तापमान 51°C तक दर्ज किया जा चुका है.
2. द्रास और फलोदी के तापमान में कितना अंतर हो सकता है?
सर्दियों और गर्मियों के चरम पर इन दोनों जगहों के तापमान में 90°C से 100°C तक का विशाल अंतर देखा जा सकता है.
3. भारत में सबसे अधिक वर्षा कहां होती है?
मेघालय का मासिनराम दुनिया और भारत का सबसे नम स्थान है, जहां सालाना औसत वर्षा 11,872 मिलीमीटर होती है.
4. ‘लू’ (Loo) क्या है और यह कहां चलती है?
लू गर्मियों में उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में चलने वाली तेज, धूल भरी और गर्म हवाएं हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक होती हैं.
5. हिमालय भारत के मौसम को कैसे प्रभावित करता है?
हिमालय उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाओं को रोकता है और मानसून की हवाओं को रोककर देश के मैदानी इलाकों में भारी बारिश कराता है.

About the Author

Sandeep Gupta

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें

homenation

पत्थर पिघलाने वाली गर्मी और कंपाने वाली ठंड; आपने देखे भारत के ये दो शहर?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP