Wheat Crop : गेहूं के दाने चाहिए चमकदार, सुडौल और वजनदार? पांच चरणों में छिड़के NPK, जानें तरीका
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NPK use in wheat crop : रबी का सीजन पीक पर है. गेहूं इस सीजन की प्रमुख फसल है. गेहूं की अच्छी पैदावार के लिए संतुलित मात्रा में उर्वरकों की पूर्ति करना बेहद जरूरी है. एनपीके (नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश) का सही समय पर छिड़काव फसल की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और दानों की गुणवत्ता में सुधार लाता है. मिट्टी की उर्वरता और पौधों की ग्रोथ के लिए 3 से 4 बार एनपीके का छिड़काव गेहूं की फसल के लिए बेहद जरूरी है. एनपीके पौधों की जड़ों को गहराई तक फैलाने और ग्रोथ में मदद करता है. इस समय इसका छिड़काव पौधों को प्रारंभिक मजबूती देता है.

गेहूं की बुवाई के लगभग 30 से 35 दिन बाद, जब पहली सिंचाई हो चुकी हो, तब NPK 19:19:19 (नाइट्रोजन 19%, फास्फोरस 19%, पोटाश19%) का पहला छिड़काव करना चाहिए. यह पौधों की जड़ों को गहराई तक फैलाने और वानस्पतिक ग्रोथ में मदद करता है. इस समय नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश की समान मात्रा पौधों को प्रारंभिक मजबूती प्रदान करती है.

दूसरा छिड़काव बुवाई के 45-50 दिन बाद, जब फसल में कल्ले निकल रहे हों, तब करना फायदेमंद होता है. अगर फसल का रंग हल्का पीला दिख रहा हो, तो दोबारा 19:19:19 का प्रयोग करें. इससे कल्लों की संख्या में बढ़ोतरी होगी और प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया तेज होती है, जिससे पौधा स्वस्थ रहता है.

तीसरा छिड़काव जब गेहूं की फसल गभोट अवस्था में पहुंच जाए, यानी बालियां तने के अंदर बनने लगें, तब NPK 0:52:34 का उपयोग करें. इसमें फास्फोरस और पोटाश की अधिकता होती है. यह बालियों के समुचित विकास और तने को मजबूती देने के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण समय माना जाता है.
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चौथा छिड़काव तब करें जब बालियां निकलने और फूल आने के बाद दाने बनने की शुरुआत हो, तब NPK 13:0:45 का छिड़काव किया जा सकता है. इसमें मौजूद पोटेशियम और नाइट्रोजन दानों के शुरुआती विकास में मदद करते हैं. यह पौधों को सूखे या तापमान में अचानक होने वाले बदलावों से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है.

पांचवां और अंतिम छिड़काव फसल की अंतिम अवस्था जब दानों में दूध भर रहा हो, तब NPK 0:0:50 का छिड़काव सर्वोत्तम रहता है. इसमें केवल पोटाश होता है जो दानों को चमकदार, सुडौल और वजनदार बनाता है. इससे फसल की बाजार में बेहतर कीमत मिलती है और उपज में सीधा इजाफा होता है.

छिड़काव हमेशा साफ पानी में घोल बनाकर करना चाहिए. एक एकड़ के लिए औसतन 1 किलोग्राम एनपीके को 150-200 लीटर पानी में मिलाएं. ध्यान रहे कि छिड़काव दोपहर के समय न करके सुबह या शाम को करें. छिड़काव के समय खेत में नमी का होना बेहद जरूरी है ताकि पौधे पोषक तत्वों को आसानी से सोख सकें.