Bangladesh refusal to travel India for T20 WC: बांग्लादेश जिद पर अड़ा, टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारत नहीं भेजेगा टीम
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Bangladesh refusal to travel India for T20 WC: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा कारणों से भारत में मैच खेलने से इनकार कर दिया है. बोर्ड जिद पर अड़ा है और न्यूट्रल वेन्यू की मांग कर रहा है. आईसीसी से बातचीत जारी है, अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ.
बांग्लादेश जिद पर अड़ा, टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारत नहीं भेजेगा टीमनई दिल्ली. आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश की भागीदारी अब टूर्नामेंट के भारत के खिलाफ सीधी लड़ाई में बदल गई है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने एक बार फिर दोहराया है कि सुरक्षा कारणों से टीम भारत नहीं जाएगी. मंगलवार को ढाका से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बीसीबी ने पुष्टि की कि उसने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की. इसमें 7 फरवरी से 8 मार्च तक होने वाले 20 टीमों के इस टूर्नामेंट में बांग्लादेश की भागीदारी पर चर्चा हुई.
बीसीबी के अध्यक्ष एमसी अमीनुल इस्लाम के नेतृत्व में इस प्रतिनिधिमंडल में उपाध्यक्ष मोहम्मद शाकावत हुसैन और फारूक अहमद, निदेशक और क्रिकेट संचालन समिति के अध्यक्ष नजमुल आबेदीन, और मुख्य कार्यकारी अधिकारी निजामुद्दीन चौधरी शामिल थे. बोर्ड ने कहा कि उसने भारत यात्रा न करने के अपने फैसले को फिर से दोहराया और आईसीसी से अनुरोध किया कि बांग्लादेश के मैच भारत के बाहर कराए जाएं.
बीसीबी के बयान के अनुसार, आईसीसी ने बताया कि टूर्नामेंट का कार्यक्रम पहले ही घोषित हो चुका है और बोर्ड से अपने रुख पर पुनर्विचार करने को कहा. बीसीबी ने कहा कि उसका रुख जस का तस है और दोनों पक्ष आगे भी बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए हैं ताकि संभावित विकल्पों पर विचार किया जा सके.
प्रेस रिलीज में भाषा कूटनीतिक रखी गई है, संदेश साफ है कि बांग्लादेश अपने भारत में होने वाले मैचों के लिए न्यूट्रल वेन्यू चाहता है. टूर्नामेंट के आयोजन का कार्यक्रम पहले ही तय हो चुका है. अब किसी भी बदलाव से वेन्यू आवंटन, टीमों की यात्रा, फैंस की योजना और व्यावसायिक समझौतों पर असर पड़ेगा. आईसीसी को यह भी तय करना होगा कि जब कोई सदस्य बोर्ड सुरक्षा कारणों से मेजबान देश के खिलाफ आपत्ति जताता है तो वह किस तरह से मिसाल कायम करता है.
आईसीसी के लिए चुनौती यह है कि वह टूर्नामेंट की निष्पक्षता बनाए रखे, लेकिन किसी सदस्य बोर्ड की सुरक्षा चिंताओं को नजरअंदाज भी न करे. वहीं बीसीबी ने अपने बयान में खिलाड़ियों, अधिकारियों और स्टाफ की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही है और साथ ही वैश्विक संस्था के साथ रचनात्मक संवाद जारी रखने की बात भी कही है.
गौरतलब है कि बीसीबी के बयान में सुरक्षा चिंताओं का ब्योरा नहीं दिया गया है, न ही किसी स्वतंत्र आकलन का हवाला दिया गया है, न ही वैकल्पिक मेजबान स्थल का नाम लिया गया है. न ही अंतिम फैसले के लिए कोई समयसीमा तय की गई है. इसमें वापसी की भाषा से भी बचा गया है और बातचीत के लिए दरवाजा खुला रखा गया है, लेकिन शुरुआती शर्त यही है कि फिलहाल भारत यात्रा स्वीकार्य नहीं है.
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15 साल से ज्यादा वक्त से खेल पत्रकारिता से सक्रिय. Etv भारत, ZEE न्यूज की क्रिकेट वेबसाइट में काम किया. दैनिक जागरण वेबसाइट में स्पोर्ट्स हेड रहा. ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और फुटबॉल वर्ल्ड कप कवर किया. अक्टूब…और पढ़ें