किसानों की मेहनत पर भारी पड़ सकती है ये गलती! गन्ना कटाई में न करें ये भूल, मिठास-वजन होगा कम, घट जाएगा मुनाफा

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Sugarcane Harvesting Tips: गन्ने की कटाई के मौसम में किसानों की छोटी सी लापरवाही भी बड़ा नुकसान करा सकती है. सही समय पर कटाई, उचित तरीके और मिल तक जल्दी पहुंचाने से गन्ने का वजन और मिठास बनी रहती है. अगर किसान कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें, तो मेहनत का पूरा मुनाफा आसानी से मिल सकता है.

Sugarcane Harvesting Tips: उत्तर भारत में इन दिनों गन्ने की कटाई का सीजन चल रहा है. खेतों में साल भर की मेहनत के बाद तैयार हुई गन्ने की फसल किसानों के लिए कमाई का सबसे बड़ा जरिया होती है. लेकिन इसी समय अगर थोड़ी सी भी लापरवाही हो जाए, तो अच्छा खासा मुनाफा नुकसान में बदल सकता है. गन्ने की कटाई से लेकर मिल तक पहुंचाने के दौरान अपनाई गई सही तकनीक ही तय करती है कि किसान को उसकी फसल का पूरा दाम मिलेगा या नहीं.

गन्ने की कटाई में सही समय सबसे जरूरी
शाहजहांपुर समेत पूरे उत्तर भारत में गन्ना किसान इन दिनों फसल बेचने में जुटे हुए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि गन्ने का वजन और मिठास बनाए रखने के लिए कटाई और मिल तक पहुंचने के बीच का समय बहुत अहम होता है. जितनी जल्दी कटा हुआ गन्ना मिल पहुंचेगा, उसमें सुक्रोज की मात्रा उतनी ही बेहतर बनी रहेगी. इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे मिल की पर्ची मिलने के बाद ही गन्ने की कटाई शुरू करें. इससे खेत से मिल गेट तक पहुंचने में होने वाले वजन और नमी के नुकसान से बचा जा सकता है.

छोटी गलतियां कराती हैं बड़ा नुकसान
गन्ना शोध संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. श्री प्रकाश यादव बताते हैं कि कटाई के दौरान की गई छोटी-छोटी गलतियां किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा देती हैं. कई बार किसान गन्ने को काटने के बाद घंटों या कई दिनों तक धूप में खुला छोड़ देते हैं. इससे वाष्पीकरण के कारण गन्ने की नमी तेजी से कम होती है और वजन घट जाता है. इसका सीधा असर रिकवरी पर पड़ता है और मिल से मिलने वाला भुगतान कम हो जाता है.
उन्होंने यह भी बताया कि अगर गन्ने की कटाई जमीन की सतह से ऊपर की जाती है, तो न केवल वजन कम मिलता है बल्कि पेड़ी की अगली फसल पर भी बुरा असर पड़ता है. इसके अलावा, कटाई से पहले खेत में सिंचाई न करना और कटा हुआ गन्ना पुरानी पताई से न ढकना भी ऐसी गलतियां हैं, जो किसान की कमाई घटा देती हैं. ये सभी बातें गन्ने की गुणवत्ता और वजन दोनों को प्रभावित करती हैं.

गन्ने की कटाई में इन बातों का रखें खास ध्यान
गन्ने की कटाई हमेशा जमीन की सतह से सटाकर करनी चाहिए. इससे एक तरफ जहां गन्ने का वजन ज्यादा मिलता है, वहीं दूसरी ओर पेड़ी की अगली फसल का फुटाव भी अच्छा होता है. कटाई से करीब 4 से 5 दिन पहले खेत की हल्की सिंचाई जरूर करनी चाहिए, ताकि गन्ने में नमी बनी रहे और वजन कम न हो.
कटाई के लिए सुबह का समय या शाम का वक्त सबसे बेहतर माना जाता है. इस दौरान धूप तेज नहीं होती, जिससे गन्ने की नमी सुरक्षित रहती है. खेत में ढेर लगाकर रखे गए गन्ने को तुरंत सूखी पताई या तिरपाल से ढक देना चाहिए, ताकि सीधी हवा और धूप नमी को न सोख सके. साथ ही, कटा हुआ गन्ना कम से कम समय में मिल तक पहुंचाना बेहद जरूरी है. कोशिश करें कि गन्ना 24 घंटे के भीतर तौल केंद्र या मिल गेट पर पहुंच जाए.

अगर किसान गन्ने की कटाई और ढुलाई में इन जरूरी बातों का ध्यान रखें, तो फसल की गुणवत्ता बनी रहती है और पूरा वजन मिलता है. इससे न केवल मिल से बेहतर भुगतान मिलता है, बल्कि मेहनत का सही फल भी हासिल होता है.

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Seema Nath

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें

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