ऋषि कपूर की वो हीरोइन, जो हेमा मालिनी के घर जाती थी दूध पीने, भागकर रचाई शादी, भतीजी कर रही बॉलीवुड पर राज – rishi kapoor prem rog heroine padmini kolhapure used to visit Hema malini house frequently to have milk ran away from home fascinating love story
Last Updated:
Bollywood Actress Love Story : प्यार अंधा होता है, वह उम्र-जाति-मजहब की दीवार तोड़ देता है. प्यार वो खुशनुमा अहसास है, जो किसी भी हद तक गुजर जाने की ताकत देता है. यह कहावत बॉलीवुड एक्टर-एक्ट्रेस की निजी जिंदगी पर भी उतनी ही फिट बैठती है. कई बॉलीवुड एक्ट्रेस की लव स्टोरी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट जैसी लगती है. अपने प्यार के लिए बॉलीवुड की कई एक्ट्रेस घर से भागकर शादी रचा चुकी हैं. 80 के दशक में एक एक्ट्रेस ने घर से भागकर शादी रचाई थी. घरवाले इस शादी के खिलाफ थे. इस एक्ट्रेस की जोड़ी ऋषि कपूर और मिथुन चक्रवर्ती के साथ बहुत मशहूर हुई थी. दिलचस्प बात यह है कि एक्ट्रेस बचपन में हेमा मालिनी के घर दूध पीने जाया करती थी. ये एक्ट्रेस कौन है, आइये जानते हैं…….

ये दास्ता है उस अभिनेत्री की जिन्होंने बतौर चाइल्ड एक्ट्रेस फिल्म इंडस्ट्री में खूब नाम कमाया. फिर आगे चलकर एक्ट्रेस के रूप में एक से बढ़कर एक फिल्में कीं. नाम है पद्मिनी कोल्हापुरे जो कि बॉलीवुड के मशहूर विलेन शक्ति कपूर की साली हैं. पिता पंढरीनाथ जाने-माने शास्त्रीय गायक और वीणा वादक थे. लता मंगेशकर रिश्ते में बुआ थीं. मां एयरहोस्टेस थीं. तीन बहनों में पद्मिनी कोल्हापुरे दूसरे नंबर पर थी. पद्मिनी कोल्हापुरे अपने मां के सपने को पूरा करने के लिए फिल्मों में आई थीं. देवानंद की फिल्म ‘इश्क इश्क इश्क’ इनकी पहली फिल म थी. ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ में पद्मिनी कोल्हापुरे ने ज़ीनत अमान के बचपन का रोल निभाकर रातोंरात शोहरत हासिल की. पद्मिनी कोल्हापुरे ने घर से भागकर शादी रचाई थी. आइये जानते हैं इस मशहूर एक्ट्रेस की जिंदगी से जुड़ी कुछ अनसुनी बातें…..

पद्मिनी कोल्हापुरे ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘मैंने ड्रीम गर्ल में हेमा मालिनी के साथ काम किया था. वो जुहू में रहती थीं. मैं भी जुहू में रहती थी. मैं हफ्ते में तीन बार उनके घर दूध पीने जाती थी. उनकी मां एक स्पेशल दूध झाग वाला बनाया करती थीं. मुझे वो बहुत पसंद था. मेरी मां एयरलाइंस थीं.’ ड्रीम गर्ल फिल्म 1977 में आई थी जिसका निर्देशन प्रमोद चक्रवर्ती ने किया था. फिल्म में धर्मेंद्र, हेमा मालिनी, प्रेम चोपड़ा, अशोक कुमार, रमेश देव जैसे सितारे नजर आए थे. म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का था. गीतकार आनंद बख्शी थे. फिल्म का टाइटल सॉन्ग एवरग्रीन था. इस फिल्म के बाद हेमा मालिनी को ‘ड्रीम गर्ल’ के नाम से जाना जाने लगा था.

1977 की फिल्म में ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ में पद्मिनी कोल्हापुरे ने जीनत अमान के बचपन का किरदार निभाया था. 1980 में फिर से एक बार जीनत अमान के साथ ‘इंसाफ का तराजू’ में काम किया. इस फिल्म के कई सीन पर बहुत कंट्रोवर्सी हुई थी. यह फिल्म आइकॉनिक मूवी मानी जाती है. बीआर चोपड़ा की इस फिल्म के लिए पद्मिनी कोल्हापुरे को बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था.
Add News18 as
Preferred Source on Google

बहुत ही कम उम्र में पद्मिनी कोल्हापुरे को हीरोइन के रोल मिलने लगे. पद्मिनी कोल्हापुरे को बतौर लीड हीरोइन नासिर हुसैन की फिल्म ‘जमाने को दिखाना है’ मिली थी. फिर 30 जुलाई 1982 को राज कपूर की फिल्म ‘प्रेम रोग’ रिलीज हुई. इस फिल्म ने पद्मिनी की किस्मत बदल दी. यह एक म्यूजिकल रोमांटिक फिल्म थी. ऋषि कपूर उनके हीरो थे. कहानी कामिनी चंद्रा ने लिखी थी. स्क्रीनप्ले जैनेंद्र जैन ने लिखा था. इस फिल्म का म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने तैयार किया था. गीत संतोष आनंद और पंडित नरेंद्र मिश्रा ने लिखे थे. य्ह फिल्म का म्यूजिक ब्लॉकबस्टर रहा था. इस फिल्म का गाना ‘ये गलियां ये चौबारा’ आज भी शादी-पार्टी फंक्शन में सुनाई देता है.

‘प्रेम रोग’ फिल्म सुपरहिट रही. पद्मिनी कोल्हापुरे रातोंरात स्टार बन गईं. संजय दत्त और अनिल कपूर के करियर के शुरुआती दौर में पद्मिनी कोल्हापुरे ही उनकी हीरोइन बनीं. 1982 में विधाता मूवी में संजय दत्त के साथ उनकी जोड़ी मशहूर हुई. फिर साल 1985 आया. इस साल एक फिल्म ‘प्यार झुकता नहीं’ रिलीज हुई. यह फिल्म मिथुन चक्रवर्ती के साथ थी. यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही थी. इस फिल्म का म्यूजिक भी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने तैयार किया था. इस फिल्म का टाइटल सॉन्ग ‘तुमसे मिलकर, ना जानें क्यों’ बहुत मशहूर हुआ था.

पद्मिनी कोल्हापुरे उन दिनों हैदराबाद में किसी फिल्म की शूटिंग कर रही थीं. तब उनसे मिलने जीतेंद्र पहुंचे. जीतेंद्र ने उनसे बताया कि आपकी फिल्म ‘प्यार झुकता नहीं’ सुपरहिट है. पद्मिनी को फिल्म की सफलता का जरा भी अंदाजा नहीं था. फिर अचानक हर निर्माता उन्हें मिथुन चक्रवर्ती के साथ साइन करने लगा था.

इसी बीच, पद्मिनी कोल्हापुरे की मुलाकात प्रोड्यूसर प्रदीप शर्मा से हुई. प्रदीप शर्मा ‘ऐसा प्यार कहां’ फिल्म बना रहे थे. इस फिल्म के निर्माण के दौरान दोनों को एकदूसरे से प्यार हो गया. यह फिल्म 14 नवंबर 1986 को रिलीज हुई थी. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही लेकिन पद्मिनी कोल्हापुरे को अपना जीवनसाथी मिल गया. पद्मिनी के पैरेंट्स इस रिश्ते के खिलाफ थे. ऐसे में पद्मिनी ने घर से भागकर प्रदीप शर्मा से शादी रचाई. शक्ति कपूर ने कन्यादान किया था. जीतेंद्र इस शादी में शामिल हुए थे.

घर से भागकर शादी करने और इंडस्ट्री छोड़ने के सवाल पर पद्मिनी कोल्हापुरे ने दूरदर्शन सह्याद्रि को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, ‘कहते हैं प्यार अंधा होता है. मैं अपने पति के प्यार में पागल थी. शादी के बाद काम ना करने का फैसला मेरा था. जो फिल्में मैंने साइन कर रखी थीं, उन्हें पूरा करने में तीन साल लग गए. सुबह से लेकर रात तक बिजी रहती थी. फिर मैंने अपने परिवार को समय देना शुरू किया.’