Til Lehsun Chutney: लड्डू ही नहीं चटनी में भी डालें तिल, बनाएं चटखारेदार तिल-लहसुन की लाल चटनी, खिचड़ी का 5वां यार
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Til Lehsun Chutney: कहावत है कि खिचड़ी के चार यार, दही, पापड़, घी, अचार पर इसमें अगर एक और यार यानी एक और आइटम जोड़ लेंगे – चटनी तो खाने वाला कभी स्वाद नहीं भूलेगा. इसी क्रम में मकर संक्रांति पर खिचड़ी के साथ बनाएं तिल-लहसुन की चटनी. ये चटपटा आइटम, बनाने में आसान और स्वाद को दस गुना करने में माहिर है.

मकर संक्रांति का पर्व बिहार और झारखंड में सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि स्वाद और परंपरा का उत्सव होता है. इस दिन घर-घर खिचड़ी बनती है और उसके साथ तिल से बनी चीज़ों का विशेष महत्व माना जाता है. तिल–लहसुन की चटनी मकर संक्रांति की खिचड़ी के स्वाद को पूरी तरह से निखार देती है. तिल की गरम तासीर और लहसुन की खुशबू सर्दियों के मौसम में शरीर को ऊर्जा देने का काम करती है, इसलिए यह चटनी इस पर्व पर खास तौर पर बनाई जाती है.

तिल–लहसुन की चटनी बनाने के लिए बहुत अधिक सामग्री की जरूरत नहीं होती. इसके लिए सफेद तिल, लहसुन की कलियां, सूखी लाल मिर्च, नमक और सरसों का तेल लिया जाता है. मकर संक्रांति पर तिल शुभ माना जाता है, इसलिए इस चटनी में तिल का इस्तेमाल न केवल स्वाद के लिए, बल्कि परंपरा के निर्वाह के लिए भी किया जाता है. खिचड़ी के साथ जब यह चटनी परोसी जाती है तो सादा भोजन भी खास बन जाता है.

सबसे पहले एक कड़ाही में सफेद तिल को धीमी आंच पर हल्का सुनहरा होने तक भून लिया जाता है. ध्यान रखें कि तिल ज्यादा जलें नहीं, वरना स्वाद कड़वा हो सकता है. दूसरी ओर लहसुन की कलियों को छीलकर तैयार कर लें. सूखी लाल मिर्च को भी हल्का सा सेंक लिया जाए तो चटनी का स्वाद और बढ़ जाता है. यह पूरी प्रक्रिया पारंपरिक तरीके से की जाती है, जिससे चटनी में देसी खुशबू बनी रहती है.
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अब भुने हुए तिल, लहसुन और लाल मिर्च को सिल-बट्टे या मिक्सर में डालकर पीसा जाता है. इसमें स्वादानुसार नमक मिलाया जाता है. पारंपरिक घरों में आज भी सिल-बट्टे पर पीसी गई चटनी को ज्यादा पसंद किया जाता है, क्योंकि इससे तिल और लहसुन का असली स्वाद निकलकर आता है. पीसते समय जरूरत अनुसार थोड़ा सा सरसों का तेल डालने से चटनी मुलायम और खुशबूदार बनती है.

जब मकर संक्रांति की खिचड़ी तैयार हो जाए, तब उसके साथ तिल–लहसुन की यह चटनी परोसी जाती है. ऊपर से देसी घी की कुछ बूंदें खिचड़ी में डाल दी जाएं तो स्वाद और भी बढ़ जाता है. यह चटनी न केवल खिचड़ी के स्वाद को बढ़ाती है, बल्कि सर्दियों में सेहत के लिए भी लाभकारी होती है. यही वजह है कि मकर संक्रांति पर तिल–लहसुन की चटनी को खिचड़ी के साथ खास स्थान दिया जाता है. साथ में पापड़ और दही परोसना ना भूलें.