Matar Puri Recipe। मटर की कुरकुरी पूड़ी बनाने का तरीका
Matar Puri Recipe: सर्दियों का मौसम आते ही रसोई में कुछ खास बनाने का मन अपने आप करने लगता है. बाहर ठंडी हवा, घर के अंदर गरम तेल की खुशबू और प्लेट में फूली-फूली मटर की पूड़ी हो, तो दिन बन जाता है. मटर की पूड़ी एक ऐसी डिश है जो बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आती है. सुबह के नाश्ते में हो या दोपहर के खाने में, इसका स्वाद हर मौके पर खास लगता है, लेकिन अकसर लोगों की शिकायत रहती है कि मटर की पूड़ियां तलते वक्त तो अच्छी फूल जाती हैं, मगर कुछ ही देर बाद बैठ जाती हैं और उनका कुरकुरापन खत्म हो जाता है. कई बार पूड़ियां बेलते समय फट जाती हैं या तेल ज्यादा सोख लेती हैं, जिससे स्वाद बिगड़ जाता है. ऐसे में लगता है कि शायद मटर की पूड़ी बनाना थोड़ा मुश्किल काम है.
यूट्यूबर और होम शेफ वर्षा भावसार की यह खास रेसिपी इसी परेशानी का आसान हल है. उनकी बताई गई विधि में मसालों से लेकर आटा गूंथने तक हर छोटी बात पर ध्यान दिया गया है. खास बात यह है कि इसमें सूजी, साबूत मसाले और मटर के स्मूथ पेस्ट का सही इस्तेमाल किया गया है, जिससे पूड़ियां लंबे समय तक फूली रहती हैं और कुरकुरापन भी बना रहता है, अगर आप भी सर्दियों में होटल जैसी परफेक्ट मटर की पूड़ी घर पर बनाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी जरूर ट्राई करें.
साबूत मसालों को महीन पीसना है सबसे जरूरी कदम
अच्छी मटर की पूड़ी की शुरुआत मसालों से होती है. इसके लिए एक ग्राइंडिंग जार लें और उसमें सौंफ, साबूत धनिया, अजवाइन, सूखी लाल मिर्च, हरी मिर्च, अदरक, लहसुन और थोड़ा सा हरा धनिया डालें. इन सभी चीजों को बिना पानी डाले बहुत बारीक पीस लें. वर्षा भावसार बताती हैं कि अगर मसाले मोटे रह गए, तो पूड़ी बेलते वक्त फट सकती है और तलते समय ठीक से फूल नहीं पाएगी. इसलिए मसालों का एकदम महीन होना बहुत जरूरी है.
मटर का चिकना और स्मूथ पेस्ट बनाएं
मसाले पीसने के बाद उसी जार में एक कप ताजे हरे मटर डालें. इसमें बहुत हल्का सा पानी डालें और मटर का स्मूथ पेस्ट तैयार करें. ध्यान रखें कि पेस्ट में मटर का कोई भी दाना साबूत न बचे. जब पेस्ट पूरी तरह चिकना होता है, तो वह आटे में बराबर मिल जाता है और पूड़ी हर तरफ से एक जैसी फूलती है.
सूजी और तिल से आएगा असली क्रंच
अब इस तैयार पेस्ट को एक बड़े बर्तन में निकाल लें. इसमें स्वाद के हिसाब से नमक, लाल मिर्च, हल्दी और एक चुटकी हींग मिलाएं. इसके बाद सफेद तिल डालें, जो पूड़ी को बढ़िया क्रंच और सुंदर लुक देते हैं.
यहां सबसे अहम चीज है दो चम्मच बारीक सूजी. सूजी पूड़ी की बाहरी परत को कड़क बनाती है और उसे जल्दी नरम होने से बचाती है. यही वजह है कि पूड़ियां लंबे समय तक कुरकुरी रहती हैं.
बिना पानी के गूंथना है आटा
अब इसमें बारीक कटी धनिया पत्ती, थोड़ा सा तेल और जरूरत के हिसाब से गेहूं का आटा डालें. इस आटे को गूंथते समय पानी बिल्कुल न डालें.
मटर के पेस्ट में मौजूद नमी आटा गूंथने के लिए काफी होती है. आटा थोड़ा सख्त रखें, क्योंकि सख्त आटा तेल कम सोखता है और पूड़ियां ज्यादा क्रिस्प बनती हैं.
रेस्टिंग टाइम को न करें नजरअंदाज
आटा गूंथने के बाद इसे ढककर करीब 7 मिनट के लिए छोड़ दें. इस दौरान सूजी अच्छे से फूल जाती है और आटा सेट हो जाता है.
रेस्टिंग के बाद आटे को हल्के हाथ से फिर से मसलें और एक जैसे साइज की छोटी-छोटी लोइयां बना लें. इससे पूड़ियां बराबर आकार की बनती हैं.
सही तरीके से तलें पूड़ियां
अब कढ़ाई में तेल गरम करें. तेल अच्छा गरम होना चाहिए, मगर धुआं उठता हुआ नहीं. लोई को बेलकर तेल में डालें और हल्के हाथ से दबाते हुए तलें.
जब पूड़ी सुनहरी और फूली हुई दिखने लगे, तो उसे निकाल लें. इस तरीके से बनी मटर की पूड़ियां कढ़ाई से निकलने के बाद भी देर तक फूली और कुरकुरी रहती हैं.