Pilibhit News : TOTR प्रोजेक्ट से घटेगा मानव-वन्यजीव संघर्ष, जंगल के बाहर भी होगी बाघों की निगरानी
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Pilibhit News : पीलीभीत टाइगर रिजर्व में अब ‘TOTR’ प्रोजेक्ट लागू किया जा रहा है. इसके तहत जंगल की सीमा से बाहर निकलने वाले बाघों की निगरानी और प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जाएगा. आधुनिक तकनीकों और ड्रोन के सहारे मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने पर जोर दिया जाएगा.
पीलीभीत : पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती संख्या और रिहाइशी इलाकों में बढ़ते खतरों को देखते हुए अब ‘टाइगर आउटसाइड द टाइगर रिजर्व’ (TOTR) प्रोजेक्ट लागू किया जा रहा है. इस खास प्रोजेक्ट के तहत अब जंगल की सीमा से बाहर निकलने वाले बाघों का भी बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा. इसके लिए वन एवं वन्यजीव प्रभाग को 90 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जिसका इस्तेमाल आधुनिक उपकरणों की खरीद और वनकर्मियों को प्रशिक्षित करने में किया जाएगा.
दरअसल, 2014 में टाइगर रिजर्व का दर्जा मिलने के बाद पीलीभीत में वन्यजीवों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन इसके साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं भी तेजी से बढ़ी हैं. पिछले साल मई से नवंबर के बीच बाघों के हमले में 8 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी. इसी खतरे को कम करने के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) ने इस पायलट प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है. उत्तर प्रदेश के जिन चार जिलों में यह शुरू हो रहा है, उनमें पीलीभीत भी शामिल है.
बाघों की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
इस बजट से विभाग को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जाएगा. अब बाघों की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जाएगा. साथ ही रेस्क्यू ऑपरेशन की सुविधाओं को बेहतर बनाने और स्थानीय समुदायों को जागरूक करने पर जोर दिया जाएगा. वर्तमान में 5 बाघ और 1 तेंदुआ जंगल की सीमा से बाहर आबादी वाले इलाकों में घूम रहे हैं, जिनकी निगरानी के लिए टाइगर रिजर्व और वन प्रभाग की संयुक्त टीमें लगातार जुटी हुई हैं.
टीओटीआर प्रोजेक्ट के फायदे
अधिक जानकारी देते हुए पीलीभीत वन एवं वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी भरत कुमार डीके ने बताया कि टीओटीआर प्रोजेक्ट के लागू होने से मानव-बाघ संघर्ष में कमी आएगी और विभाग संसाधनों के मामले में पहले से अधिक मजबूत होगा. इस पहल से न केवल इंसानी जान बचाई जा सकेगी, बल्कि जंगल से बाहर भटकने वाले वन्यजीवों को भी सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा.
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मीडिया क्षेत्र में पांच वर्ष से अधिक समय से सक्रिय हूं और वर्तमान में News-18 हिंदी से जुड़ा हूं. मैने पत्रकारिता की शुरुआत 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव से की. इसके बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड चुनाव में ग्राउंड…और पढ़ें