RSS 100 Years । Kerala Governor । Rajendra Vishwanath Arlekar – आरएसएस के 100 साल पूरे, राज्यपाल आर्लेकर ने लक्ष्य न पाने पर दुख जताया

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Kerala RSS News: राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने पलक्कड़ में आरएसएस के 100 वर्ष बाद भी लक्ष्य पूरे न होने पर अफसोस जताया. उन्होंने समाज और आरएसएस को एक बताते हुए नई ऊर्जा से कार्य का आह्वान किया. राज्यपाल आर्लेकर, जो आरएसएस से लंबे समय से जुड़े रहे हैं और गोवा, हिमाचल प्रदेश और बिहार के राज्यपाल रह चुके हैं, ने केरल में 2 जनवरी 2025 को पदभार ग्रहण किया था.

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'अफसोस की बात है कि एक सदी बाद भी RSS के लक्ष्य पूरे नहीं हुए'केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आरएसएस के विस्तार की सराहना की. (फाइल फोटो)

पलक्कड़. केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सौ वर्ष पूरे होने के बावजूद उसके मूल लक्ष्यों के हासिल न होने पर गहरा दुख और अफसोस व्यक्त किया है. राज्यपाल पलक्कड़ स्थित कर्नाकी अम्मन हायर सेकेंडरी स्कूल के 60वें स्थापना दिवस समारोह का उद्घाटन करते हुए बोल रहे थे.

राज्यपाल ने कहा, “यह दुख और अफसोस की बात है कि आरएसएस के अस्तित्व के एक सदी बाद भी उसके लक्ष्य पूरे नहीं हुए हैं.” उन्होंने जोर देकर कहा कि आरएसएस और समाज दो अलग-अलग चीजें नहीं हैं. उन्होंने आरएसएस को एक ऐसी संस्था बताया, जो भारत की प्राचीन संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों को अपनाकर कार्य करती है.

उन्होंने स्पष्ट किया, “एक समय ऐसा आना चाहिए, जब हर कोई यह माने कि समाज और आरएसएस एक ही हैं. यही संगठन का अंतिम लक्ष्य है.” आर्लेकर ने एक सदी के समर्पित कार्य के बावजूद लक्ष्य की पूर्ण प्राप्ति न होने पर खेद जताया और स्वयंसेवकों से कम समय में इसे हासिल करने के लिए नई मानसिक शक्ति, जोश और ऊर्जा के साथ काम करने का आह्वान किया.

उन्होंने आरएसएस के विस्तार की सराहना की, जो विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों के माध्यम से पूरे देश में फैला है. शिक्षा को राष्ट्रीय संस्कृति और परंपराओं को फैलाने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए उन्होंने शिक्षकों की अहम भूमिका पर बल दिया. यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब आरएसएस अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर रहा है.

राष्ट्रपति के हालिया भाषण में आरएसएस के संस्थापक गुरु गोलवलकर (गुरुजी) और वर्तमान सरसंघचालक मोहन भागवत के इस स्कूल के दौरे का जिक्र किया गया था. प्रतिक्रिया देते हुए राज्यपाल ने खुद को उच्च पद का स्वयंसेवक नहीं, बल्कि एक ‘विनम्र कार्यकर्ता’ बताया. उन्होंने स्कूल के अनुकरणीय कार्य की प्रशंसा की.

राज्यपाल आर्लेकर, जो आरएसएस से लंबे समय से जुड़े रहे हैं और गोवा, हिमाचल प्रदेश और बिहार के राज्यपाल रह चुके हैं, ने केरल में 2 जनवरी 2025 को पदभार ग्रहण किया था. उनकी यह टिप्पणी आरएसएस के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, जहां संगठन सामाजिक परिवर्तन, हिंदू एकता और राष्ट्रीय पुनर्जागरण पर फोकस कर रहा है.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

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‘अफसोस की बात है कि एक सदी बाद भी RSS के लक्ष्य पूरे नहीं हुए’

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